लुधियाना: कताई मिल में लगी भयंकर आग, लाखों रुपये का नुकसान, दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने पाया काबू
पंजाब के लुधियाना में एक कताई मिल में भीषण आग लग गई। दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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ताजपुर रोड की कक्का धौला रोड पर स्थित मार्डन स्पिनिंग मिल (कताई मिल) में रविवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे आग लग गई। धागा पड़ा होने के कारण आग ज्यादा बढ़ गई। देखते ही देखते आग भयंकर रूप धारण कर गई। आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।
दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। सभी स्टेशनों से आग पर काबू पाने के लिए गाड़ियां मंगवाई गईं। वर्धमान टेक्सटाइल से फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। सात से आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी। धागे की वजह से आग तेजी से फैल गई।
मॉर्डन स्पिनिंग मिल्स में धागा तैयार होता है। रविवार की सुबह फैक्टरी में वर्कर काम कर रहे थे। सुबह साढ़े आठ से नौ बजे के बीच यहां अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई। आग लगते ही काम करने वाले सभी वर्कर बाहर निकले। उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
आस-पास की फैक्टरी के वर्कर आग पर काबू पाने पहुंच गए। इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। जिसके बाद गाड़ियां मौके पर पहुंची तो उन्होंने काबू पाना शुरू कर दिया। आग लगने से फैक्टरी में लाखों रुपये का माल जलकर राख हो गया। फैक्ट्री मालिक सतीश चंद्र अग्रवाल का कहना है कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
गोदाम की दीवारें तोड़ डाला जा रहा पानी
फैक्टरी के गोदाम में आग ज्यादा होने के कारण दमकल कर्मचारी अंदर नहीं जा पा रहे थे। उन्होंने काफी आग पर काबू पा लिया था लेकिन आग ज्यादा अंदर तक लगी हुई थी। ऊपर से बिल्डिंग भी आग की वजह से कमजोर हो चुकी थी। दमकल विभाग के कर्मचारी रिस्क नहीं उठाना चाहते थे और उन्होंने पीछे वाले रास्ते से फैक्टरी की दीवार तोड़ी और उधर से पानी डाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। बीच में आधा घंटे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं आ सकी।
फायर अफसर राजिंदर ने बताया कि गाड़ी भरने के लिए सुंदर नगर की तरफ जाना पड़ता। ताजपुर रोड कट बंद पड़ा है। गाड़ी को समराला चौक से घुमा कर ले जाना पड़ता है और बस्ती जोधेवाल चौक से घुमा कर लाना पड़ता है। जिस कारण कुछ ज्यादा समय लग रहा है। तब तक उन्होंने प्राइवेट सेक्टर से गाड़ी मंगवा ली थी जिससे आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अभी आग पर काबू पा लिया गया है। बिल्डिंग पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। राजिंदर ने बताया कि अंदर कोई भी फायर सिस्टम नहीं लगा था। जिस कारण समय पर पानी नहीं डाला गया और आग पर काबू पाने में समय लग गया।