प्रदर्शन: मांगों के लिए लुधियाना के डीसी दफ्तर के अंदर घुसे किसान, चन्नी सरकार के खिलाफ नारेबाजी
किसानों ने ने कहा कि चन्नी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया, किसानों पर दर्ज पर्चे भी रद्द नहीं किए हैं, गन्ने का भाव पूरा नहीं मिल रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है।
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर जीत पा चुकी किसान जत्थेबंदियां अब पंजाब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई हैं। लुधियाना में मंगलवार को कुछ किसान जत्थेबंदियों की तरफ से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरना दिया गया। धीरे धीरे किसान जब इकट्ठा हो गए तो वह डीसी दफ्तर की तरफ रोष मार्च करते हुए आगे बढ़ गए। पुलिस की तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन किसान जत्थेबंदियों के लोग डीसी दफ्तर के बिल्कुल बाहर पहुंच गए।
इसके बाद किसान सभी अफसरों के दरवाजों के बाहर बैठ गए और डीसी दफ्तर के अंदर सभी दरवाजों पर अपना कब्जा कर लिया है। किसी को अंदर-बाहर आने जाने नहीं दे रहे हैं। वहीं उन्होंने चन्नी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों को अंदर घुसते देखते हुए पुलिस ने डीसी आफिस के मुख्य दरवाजे बंद कर दिए।
किसानों ने कहा कि वह पंजाब सरकार के खिलाफ चार दिन डीसी आफिस के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा कि चन्नी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया, किसानों पर दर्ज पर्चे भी रद्द नहीं किए हैं, गन्ने का भाव पूरा नहीं मिल रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। किसान नेता सौदागर सिंह ने कहा कि सरकार समझ ले कि किसान अपनी मांग मनवाकर रहेंगे।
बठिंडा में मिनी सचिवालय के गेट घेरकर किए बंद
मानी हुई मांगों को लागू करवाने एवं गुलाबी सुंडी से बर्बाद फसल की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले बठिंडा के मिनी सचिवालय के सभी गेटों पर घेराव कर अनिश्चित समय के लिए धरना लगा दिया। वहीं दूसरी तरफ मजदूर मुक्ति मोर्चा ने भी अपनी मांगों को लेकर मिनी सचिवालय के समीप पार्क में धरना लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता सुखदेव सिंह ने कहा कि चन्नी सरकार ने किसानों की मानी हुई मांगें अभी तक लागू नहीं की और गुलाबी सुंडी से पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि जारी नहीं की। इस कारण किसानों ने पहले सोमवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समीप पांच दिवसीय मोर्चा शुरू किया था लेकिन डिप्टी कमिश्नर ने जब किसानों से बात करने से इनकार कर दिया तो किसानों ने मिनी सचिवालय के सभी गेटों पर धरना लगाकर घेराव कर दिया।
किसानों की ओर से जब मिनी सचिवालय के गेट बंद कर घेराव किया गया तो अपना काम करवाने आए आम लोगों को अंदर ही रुकना पड़ा। हालांकि कुछ लोगों ने दीवार फांदने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने उन सभी लोगों को दीवार फांदने से रोक दिया और वापस अंदर भेज दिया। किसानों ने एलान किया कि अब प्रदेश कमेटी के आदेश पर ही गेट से धरना समाप्त करेंगे।
मजदूर मुक्ति मोर्चा के नेता हरविंदर सिंह ने कहा कि उनके द्वार सरकार से अनुसूचित जाति के मजदूरों पर चढे़ कर्ज को माफ करवाने और मजदूरों को रहने के लिए प्लाट देने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार उनकी मांग को दरकिनार कर रही है। जिस कारण मजदूर मुक्ति मोर्चा की तरफ से धरना लगाया गया।
बरनाला: 24 तक लगातार चलेगा डीसी दफ्तर में मोर्चा
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने अपनी मांगों को लेकर डीसी दफ्तरों में 20 से 24 दिसंबर तक पक्का मोर्चा लगाने का एलान किया है। भाकियू उगराहां ने मंगलवार को डीसी दफ्तर में पक्का धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसपी दफ्तर के गेटों पर भी धरना देकर बंद कर लिया। डीसी और एसएसपी दफ्तर के किसी अधिकारी को अंदर बाहर जाने नहीं दिया। डीसी कुमार सौरभ राज और एसएसपी अलका मीना इंटेलिजेंस की रिपोर्ट पर घेराव होने से पहले ही दफ्तर से निकल गए थे।
प्रांतीय किसान नेता हरदीप सिंह टल्लेवाल, जिला प्रधान चमकौर सिंह, सचिव जरनैल सिंह बदरा, भगत सिंह, बुक्कण सिंह, बलौर सिंह, सुखदेव सिंह, बलविदर सिंह ने कहा कि कृषि कानून रद्द करवाना आंदोलनकारियों के लिए गौरवमय है। यह आंदोलनकारियों की जत्थेबंदी एकता से संभव हो सका है। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कानूनों की जीत एक शुरुआत है। किसानी को लाभदायक कार्य बनाने के लिए अन्य मांगों को पूरा करवाने के लिए भी संघर्ष किया जाएगा।
यह हैं मांग
- गुलाबी सुंडी से बर्बाद नरमे की फसल और ओलावृष्टि से धान व अन्य फसलों की तबाही का मुआवजा
- पंजाब सरकार द्वारा बढ़ाया गन्ने का दाम 360 रुपये प्रति क्विंटल की पर्ची किसानों को हर शुगर मिल की ओर से गारंटी देना
- आत्महत्या पीड़ित किसानों मजदूरों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता करना, एक सदस्य को नौकरी देना
- किसानों का संपूर्ण कर्जमाफ करना
- पांच एकड़ तक जमीन वाले किसानों के लिए घोषित दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी बिना शर्त तुरंत किसानों को देना
- आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मामले तुरंत रद्द करने व जान गंवाने वाले किसानों-मजदूरों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने
- पावरकॉम द्वारा ढाई एकड़ तक की जमीन वाले किसानों को कनेक्शन जारी करना
- यूरिया खाद की कमी पूरी करना
- आंदोलनकारी बेरोजगार अध्यापकों पर मानसा में मुख्यमंत्री की हाजिरी में लाठीचार्ज के आरोपी डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज करना