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DGGI ने किया भंडाफोड़: अमृतसर से 80 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग, सरकार को 12.1 करोड़ का चूना, तीन गिरफ्तार

Thu, 30 Jan 2025 05:52 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 30 Jan 2025 05:52 PM IST
सार

लुधियाना और अमृतसर के 30 अधिकारियों की एक टीम ने नौ जनवरी को 12 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली। तलाशी के बाद कई संदिग्ध सबूत और दस्तावेज बरामद किए गए।

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Fake billing of Rs 80 crore from Amritsar three arrested
Arrest - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सामाजिक-आर्थिक चुनौती बन चुके फर्जी बिलिंग के खतरे से निपटने के अपने प्रयास को जारी रखते हुए डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) लुधियाना ने अमृतसर में एक और मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह मॉड्यूल 79.4 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग के जरिये समाज को ठगने में शामिल था, जिससे सरकार को 12.1 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। राजिंदर सिंह, मनमोहन सिंह और राजिंदर पाल सिंह नाम के तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और लुधियाना में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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लुधियाना और अमृतसर के 30 अधिकारियों की एक टीम ने नौ जनवरी को 12 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली। तलाशी के बाद कई संदिग्ध सबूत और दस्तावेज बरामद किए गए। यह पता चला कि इनमें से कई व्यावसायिक फर्मों का प्रबंधन फर्जी व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और अधिकारियों के पास गलत जानकारी जमा की।
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जानकारी के आधार पर और जांच में प्रगति के साथ 20 जनवरी, 2025 को लुधियाना और अमृतसर के 40 अधिकारियों की एक और टीम ने अमृतसर में 16 व्यावसायिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली। तलाशी के बाद 22 व्यावसायिक फर्मों का जीएसटी पंजीकरण रद्द कर दिया गया और उनके द्वारा फर्जी बिलिंग के माध्यम से जमा किए गए 97 लाख के क्रेडिट को ब्लॉक कर दिया गया।
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गिरफ्तार किए गए तीनों शातिर इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड थे। वे कई व्यावसायिक फर्म बना रहे थे और उन्हें जीएसटी के साथ पंजीकृत करा रहे थे। इसके अलावा वे यूपी, दिल्ली, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों के विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं से फर्जी बिल लेते थे। वे इंश्योरेंस प्वाइंट्स आफ सेल्स पर्सन के रूप में भी काम कर रहे थे। जहां, वे गुरुग्राम और दिल्ली स्थित कई बीमा दलालों के लिए बीमा पॉलिसी बेचते थे। इन पॉलिसियों की बिक्री पर एकत्र किए गए कमीशन पर जीएसटी भुगतान होता था। इन कमीशन पर जीएसटी से बचने के लिए उन्होंने फर्जी बिलिंग का तरीका बनाया। अब तक उन्हें 79.4 करोड़ की फर्जी बिलिंग मिली है और उन्होंने 12.1 करोड़ का जीएसटी भुगतान नहीं किया है। 


डीजीजीआई लुधियाना जोनल यूनिट ने विभिन्न क्षेत्रों में फर्जी बिलिंग के मॉड्यूल की जांच करने के अपने प्रयास में हाल के महीनों में 1500 करोड़ से अधिक की फर्जी बिलिंग का पता लगाया है और लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और अमृतसर में पूरे पंजाब में नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

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