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धान पर अनावश्यक स्प्रे न करें: डा. ग्रेवाल
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संगरूर में धान की फसल का निरीक्षण करते कृषि माहिर।
- फोटो : SANGOOR
जिले के गांव कुप कलां, बाठां, बेगोवाल, भोगीवाल, माणकवाल व धलेरकलां का मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी डा. जसविंदर सिंह ग्रेवाल की अगुवाई में खेती माहिरों ने दौरा किया। खेती माहिरों ने धान की फसलों का निरीक्षण कर किसानों को अनावश्यक स्प्रे न करने की सलाह दी।
टीम में शामिल मुख्य कृषि अधिकारी डा. जसविंदरपाल सिंह ग्रेवाल सहित इंचार्ज एफएएसएस संगरूर डा. बूटा सिंह रोमाणा व एडीओ डा. कुलबीर सिंह ने बताया कि धान में किसी प्रकार की बीमारी नहीं है। डा. ग्रेवाल ने किसानों को सलाह दी कि वह गोभी लपेट, पत्ता लपेट, सफेद मक्खी व टिड्डों आदि के शक में महंगी स्प्रे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इस समय फसल पर किसी प्रकार का कीट हमला नहीं है। स्प्रे केवल तभी करना चाहिए जब कीट आर्थिक नुकसान की कगार तक पहुंच जाए। इसके लिए पीएयू की ओर से सिफारिश किए गए कीटनाशक इस्तेमाल करें।
डा. बूटा सिंह ने कहा कि धान की फसल में अधिक पानी जमा न होने दिया जाए। पहला पानी सूखने बाद अगला पानी हल्का लगाया जाए। जब धान अस्सी फीसदी से अधिक बढ़ जाए तो उस समय पोटैशियम नाइट्रेट 1.5 मात्रा तीन किलो को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करनी चाहिए। इससे दाने में फर्क नहीं पड़ेगा और पैदावार में बढ़ोतरी होगी। पोटैशियम नाइट्रेट में कोई कीटनाशक स्प्रे न किया जाए। डॉ. कुलबीर ने कहा कि दो या इससे अधिक कीटनाशकों को मिलाकर स्प्रे न करें।
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टीम में शामिल मुख्य कृषि अधिकारी डा. जसविंदरपाल सिंह ग्रेवाल सहित इंचार्ज एफएएसएस संगरूर डा. बूटा सिंह रोमाणा व एडीओ डा. कुलबीर सिंह ने बताया कि धान में किसी प्रकार की बीमारी नहीं है। डा. ग्रेवाल ने किसानों को सलाह दी कि वह गोभी लपेट, पत्ता लपेट, सफेद मक्खी व टिड्डों आदि के शक में महंगी स्प्रे का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इस समय फसल पर किसी प्रकार का कीट हमला नहीं है। स्प्रे केवल तभी करना चाहिए जब कीट आर्थिक नुकसान की कगार तक पहुंच जाए। इसके लिए पीएयू की ओर से सिफारिश किए गए कीटनाशक इस्तेमाल करें।
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डा. बूटा सिंह ने कहा कि धान की फसल में अधिक पानी जमा न होने दिया जाए। पहला पानी सूखने बाद अगला पानी हल्का लगाया जाए। जब धान अस्सी फीसदी से अधिक बढ़ जाए तो उस समय पोटैशियम नाइट्रेट 1.5 मात्रा तीन किलो को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करनी चाहिए। इससे दाने में फर्क नहीं पड़ेगा और पैदावार में बढ़ोतरी होगी। पोटैशियम नाइट्रेट में कोई कीटनाशक स्प्रे न किया जाए। डॉ. कुलबीर ने कहा कि दो या इससे अधिक कीटनाशकों को मिलाकर स्प्रे न करें।
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