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आरआर कंस्ट्रक्शन के मालिक की वसीयत पर सवाल
अमर उजाला, (मालेरकोटला/संगरूर)
Updated Thu, 07 Nov 2013 11:01 PM IST
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शहर के एक बड़े जैन परिवार ने वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करके अपने दिवंगत ससुर की अरबों रुपये की जायदाद के फर्जी होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच का जिम्मा लुधियाना की एसीपी (वेस्ट) गुरप्रीत कौर पुरेवाल को सौंपा गया है। इस मामले में खास यह है कि मुंबई और लुधियाना सहित देश के विभिन्न शहरों में अरबों रुपये की नामी-बेनामी जायदाद छोड़कर स्वर्ग सिधारे लुधियाना के आरआर कंस्ट्रक्शन के मालिक और प्रसिद्ध इंपोर्ट-एक्सपोर्ट राजिंद्र अग्रवाल की मौत के बाद सामने आई उनकी वसीयत पर मालेरकोटला निवासी उनके बड़े दामाद सुनील जैन ने कई सवाल उठाए हैं।
वसीयत को फर्जी घोषित करते हुए सुनील ने लुधियाना पुलिस कमिश्नर के पास आरोप लगाया है कि उनके ससुर राजिंद्र अग्रवाल की जायदाद को हड़पने के लालच में कुछ बड़े घराने से जुड़े लोगों ने उनके ससुर की मौत के बाद जाली हस्ताक्षर करके फर्जी वसीयत पेश की है।
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सुनील ने आरोप लगाया कि उनके ससुर ने अपने जीवन में 30-35 किस्म के सरकारी और गैर सरकारी दस्तावेज तैयार किए थे। सभी दस्तावेजों में उन्होंने राजिंद्र नाम से ही हस्ताक्षर किए हैं जबकि उनकी मौत के बाद कुछ लोगों द्वारा सामने लाई गई इस वसीयत में राजिंद्र अग्रवाल के हस्ताक्षर आर अग्रवाल नाम से हैं। शक पड़ने पर उनके बड़े दामाद सुनील ने वसीयत पर किए हस्ताक्षरों और अन्य दस्तावेजों पर किए हस्ताक्षरों को पटियाला कोर्ट के लिखाई विशेषज्ञ से निरीक्षण करवाया है, जिन्होंने भी वसीयत पर किए गए हस्ताक्षरों को झूठा बताया है।
पुलिस कमिश्नर लुधियाना को दी गई शिकायत में सुनील जैन ने मांग उठाई है कि उनके ससुर की देशभर में पड़ी अरबों रुपये की जायदाद को खुर्द बुर्द होने से बचाया जाए और उनकी झूठी वसीयत को सामने लाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। सुनील जैन के आरोपों की जांच लुधियाना की एसीपी (वेस्ट) गुरप्रीत पुरेवाल कर रही हैं जिसकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच का जिम्मा लुधियाना की एसीपी (वेस्ट) गुरप्रीत कौर पुरेवाल को सौंपा गया है। इस मामले में खास यह है कि मुंबई और लुधियाना सहित देश के विभिन्न शहरों में अरबों रुपये की नामी-बेनामी जायदाद छोड़कर स्वर्ग सिधारे लुधियाना के आरआर कंस्ट्रक्शन के मालिक और प्रसिद्ध इंपोर्ट-एक्सपोर्ट राजिंद्र अग्रवाल की मौत के बाद सामने आई उनकी वसीयत पर मालेरकोटला निवासी उनके बड़े दामाद सुनील जैन ने कई सवाल उठाए हैं।
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वसीयत को फर्जी घोषित करते हुए सुनील ने लुधियाना पुलिस कमिश्नर के पास आरोप लगाया है कि उनके ससुर राजिंद्र अग्रवाल की जायदाद को हड़पने के लालच में कुछ बड़े घराने से जुड़े लोगों ने उनके ससुर की मौत के बाद जाली हस्ताक्षर करके फर्जी वसीयत पेश की है।
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सुनील ने आरोप लगाया कि उनके ससुर ने अपने जीवन में 30-35 किस्म के सरकारी और गैर सरकारी दस्तावेज तैयार किए थे। सभी दस्तावेजों में उन्होंने राजिंद्र नाम से ही हस्ताक्षर किए हैं जबकि उनकी मौत के बाद कुछ लोगों द्वारा सामने लाई गई इस वसीयत में राजिंद्र अग्रवाल के हस्ताक्षर आर अग्रवाल नाम से हैं। शक पड़ने पर उनके बड़े दामाद सुनील ने वसीयत पर किए हस्ताक्षरों और अन्य दस्तावेजों पर किए हस्ताक्षरों को पटियाला कोर्ट के लिखाई विशेषज्ञ से निरीक्षण करवाया है, जिन्होंने भी वसीयत पर किए गए हस्ताक्षरों को झूठा बताया है।
पुलिस कमिश्नर लुधियाना को दी गई शिकायत में सुनील जैन ने मांग उठाई है कि उनके ससुर की देशभर में पड़ी अरबों रुपये की जायदाद को खुर्द बुर्द होने से बचाया जाए और उनकी झूठी वसीयत को सामने लाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। सुनील जैन के आरोपों की जांच लुधियाना की एसीपी (वेस्ट) गुरप्रीत पुरेवाल कर रही हैं जिसकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।