फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   currency, market, rises, modi, government

मोदी सरकार बनने की संभावना से सुधरी करेंसी मार्केट

Tue, 13 May 2014 10:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Tue, 13 May 2014 10:22 PM IST
विज्ञापन
currency, market, rises, modi, government
एग्जिट पोल ने केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के संकेत मिलते ही पूंजी बाजार और करेंसी बाजार के सेंटीमेंट में जबरदस्त सुधार आया।
विज्ञापन



इससे करेंसी मार्केट में डॉलर और अन्य विदेशी करेंसियों के मुकाबले रुपया मजबूत हो रहा है। इससे जहां आयातकों को फायदा हो रहा है वहीं निर्यातकों को नुकसान हो रहा है। इस नुकसान से बचने के लिए निर्यातक हैजिंग (करेंसी की फारवर्ड बुकिंग) का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा ओवरसीज मार्केट में भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ाने के लिए नए सिरे से कॉस्टिंग की जा रही है। निर्यातकों का कहना है कि करेंसी में मजबूती से हालांकि उनको नुकसान हो रहा है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत हैं।
विज्ञापन




सात सितंबर 2013 को एक डालर की कीमत 65.55 रुपये के स्तर पर थी। तब बाजार के सेंटीमेंट खराब थे और माहिर रुपये का स्तर 70 तक आंक रहे थे। लेकिन इसके बाद देश में चुनावी माहौल और स्थिर सरकार की संभावना से सेंटीमेंट एकदम से बदल गए। अब केंद्र में मोदी सरकार आने के  संकेतों से ही रुपये में रोजाना मजबूती दर्ज की जा रही है। मंगलवार को भी रुपये की कीमत 41 पैसे तक मजबूत होकर 59.50 के स्तर को छू गई। अब माहिरों का कहना है कि आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 56-57 के स्तर पर पहुंच सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




पंजाब से करीब 24 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया जा रहा है। इसमें से साठ फीसदी निर्यात अकेले लुधियाना से ही हो रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स आर्गेनाइजेशन (फियो) के रिजनल चेयरमैन एससी रल्हन का कहना है कि देश से 65 फीसदी निर्यात डालर में, 12 फीसदी यूरो में, तीन फीसदी पाउंड में और बाकी अन्य करेंसियों में किया जा रहा है। ईरान इत्यादि देशों को निर्यात रुपये में ही किया जा रहा है। रल्हन ने कहा कि डॉलर के अलावा पाउंड, यूरो के मुकाबले भी रुपया मजबूत हो रहा है।


रुपये की इस मजबूती से जूझने के लिए निर्यातकों को अपने उत्पादों की कीमतों में तुरंत इजाफा करना होगा। इसके लिए होमवर्क शुरू कर दिया गया है। निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मक बनने के लिए लागत को कम करने पर फोकस करना होगा। इसके लिए अपग्रेडेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था में मजबूती आना बेहतर संकेत हैं और इससे कारोबार में इजाफा होगा।




निटवियर एंड टेक्सटाइल एक्सपोर्र्ट्स आर्गेनाइजेशन के प्रधान अजीत लाकड़ा कहते हैं कि बाजार का सेंटीमेंट सुधरने से करेंसी में मजबूती आ रही है। इससे बचने के लिए निर्यातक करेंसी में फारवर्ड बुकिंग का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा विदेशी खरीदारों से कीमतों में वृद्धि को लेकर भी बातचीत शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed