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रिलायंस लाइफ साइंस का मैनेजर बठिंडा पुलिस के सामने पेश
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sun, 26 Jun 2016 09:23 PM IST
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नकली प्लैटलैट्स मामले का अहम सूत्रधार रिलायंस लाइफ साइंस का मैनेजर जाहीर बोरा बठिंडा पुलिस के सामने पेश हुआ। इसके बाद काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस की तरफ से गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों पर जो केस दर्ज किया गया है, उसी में बोरा की गिरफ्तारी डाल दी है। अब पुलिस आरोपी दिलबाग को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर और आरोपी जाहीर बोरा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ।
काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि बोरा शनिवार शाम को पुलिस के सामने पेश हुआ था, जिसके बाद जांच में सामने आया कि उक्त मैनेजर अहमदाबाद का रहने वाला है। उसने गुजरात से अष्टाम खरीदकर आरोपी दिलबाग सिंह से प्लैटलैट्स बनाने का सौदा किया था। उन्होंने बताया कि उक्त मैनेजर प्लैटलैट्स का कंट्रैक्ट करने में अधिकारिक नहीं था।
एआईजी का कहना है कि अब पुलिस इस मामले से संबंधित रिलायंस से भी दस्तावेज लेगी। जांच करेगी कि आखिर इस मामले का मास्टर माइंड कौन है। उन्होंने बताया कि आरोपी दिलबाग सिंह जो जेल में है, उसको सोमवार प्रोडक्शन वारंट पर लाकर और बोरा को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। एआईजी ने बताया कि फिल्हाल उन्होंने बोरा को मामले में नामजद कर उसकी गिरफ्तारी डाल दी है।
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यह है मामला
काउंटर इंटेलिजेंस और सेहत विभाग ने बीते सोमवार को एक सांझे ऑपरेशन के तहत जिले के गांव बीड बहमण के पास बने एक मकान में छापामारी कर टैंकर को जब्त किया था। इसमें से करीब 21 हजार 752 नकली प्लेटलेट्स की थैलियां बरामद की गई। आरोपियों ने रिलायंस कंपनी के साथ लाखों रुपये का सौदा कर असली प्लैटलेट्स तैयार करके देने थे।
खून का इंतजाम ने होने के चलते आरोपियों ने सिंथेटिक प्लेटलेट्स को तैैयार करने के लिए 4 हजार लीटर दूध, 500 अंडे, 1 किलो मीठा सोडा, 3 किलो रिफाइंड तेल का उपयोग किया था। सेहत विभाग के अनुसार उक्त तैयार किए गए नकली प्लैटलेट्स की पीएच 7 है, जो कि पूरी तरह तेजाब है। टीम ने आदेश अस्पताल के ब्लड इंचार्ज दिलबाग सिंह, मैक्स अस्पताल के लैब टेक्नीशियन परमजीत सिंह के अलावा भट्टी रोड पर स्थित सुखमनी फार्मा के संचालक परमजीत सिंह, परमजीत के भाई नरेंद्र सिंह और कंटेनर चालक लाल बहादुर को गिरफ्तार किया था।
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काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि बोरा शनिवार शाम को पुलिस के सामने पेश हुआ था, जिसके बाद जांच में सामने आया कि उक्त मैनेजर अहमदाबाद का रहने वाला है। उसने गुजरात से अष्टाम खरीदकर आरोपी दिलबाग सिंह से प्लैटलैट्स बनाने का सौदा किया था। उन्होंने बताया कि उक्त मैनेजर प्लैटलैट्स का कंट्रैक्ट करने में अधिकारिक नहीं था।
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एआईजी का कहना है कि अब पुलिस इस मामले से संबंधित रिलायंस से भी दस्तावेज लेगी। जांच करेगी कि आखिर इस मामले का मास्टर माइंड कौन है। उन्होंने बताया कि आरोपी दिलबाग सिंह जो जेल में है, उसको सोमवार प्रोडक्शन वारंट पर लाकर और बोरा को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। एआईजी ने बताया कि फिल्हाल उन्होंने बोरा को मामले में नामजद कर उसकी गिरफ्तारी डाल दी है।
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यह है मामला
काउंटर इंटेलिजेंस और सेहत विभाग ने बीते सोमवार को एक सांझे ऑपरेशन के तहत जिले के गांव बीड बहमण के पास बने एक मकान में छापामारी कर टैंकर को जब्त किया था। इसमें से करीब 21 हजार 752 नकली प्लेटलेट्स की थैलियां बरामद की गई। आरोपियों ने रिलायंस कंपनी के साथ लाखों रुपये का सौदा कर असली प्लैटलेट्स तैयार करके देने थे।
खून का इंतजाम ने होने के चलते आरोपियों ने सिंथेटिक प्लेटलेट्स को तैैयार करने के लिए 4 हजार लीटर दूध, 500 अंडे, 1 किलो मीठा सोडा, 3 किलो रिफाइंड तेल का उपयोग किया था। सेहत विभाग के अनुसार उक्त तैयार किए गए नकली प्लैटलेट्स की पीएच 7 है, जो कि पूरी तरह तेजाब है। टीम ने आदेश अस्पताल के ब्लड इंचार्ज दिलबाग सिंह, मैक्स अस्पताल के लैब टेक्नीशियन परमजीत सिंह के अलावा भट्टी रोड पर स्थित सुखमनी फार्मा के संचालक परमजीत सिंह, परमजीत के भाई नरेंद्र सिंह और कंटेनर चालक लाल बहादुर को गिरफ्तार किया था।