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कहां गया अमृतपाल?: अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटा, दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा... ढाई महीने बाद भी नहीं पहुंचा घर
Fri, 27 Jun 2025 06:22 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 27 Jun 2025 06:22 PM IST
सार
50 लाख रुपये कर्ज लेकर अमेरिका गया लुधियाना का अमृतपाल वहां से डिपोर्ट होकर लौटा था। लगभग ढाई महीने पहले वह दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा था लेकिन आज तक घर नहीं पहुंचा।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लगभग ढाई महीने पहले अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों में शामिल लुधियाना एक युवक आज तक घर नहीं पहुंचा और तभी से वह लापता है। परिवार के अनुसार युवक 50 लाख रुपये कर्ज लेकर अमेरिका गया था, लेकिन एजेंट ने उसके साथ ठगी मारी थी। थाना पीएयू की पुलिस ने ढाई महीने की लंबी जांच के बाद हंबड़ा रोड स्थित राजा गार्डन इलाके में रहने वाले लापता हुए अमृतपाल की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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लापता हुए अमृतपाल के भाई गुरजीत सिंह ने बताया कि उसका भाई अमेरिका में बसना चाहता था। जालंधर स्थित एक ट्रैवल एजेंट ने अमृतपाल को अमेरिका भेजने का वादा किया और बदले में एजेंट ने 50 लाख रुपये की मांग की। एजेंट पर विश्वास करके उन्होंने 50 लाख रुपये उधार लिए और 2023 में एजेंट को दे दिए। जुलाई 2023 में एजेंट ने पहले उसके भाई को दुबई भेजा और फिर विभिन्न देशों से होते हुए उसका भाई डंकी के रास्ते अमेरिका में घुसने में कामयाब हो गया। अमृतपाल 2023 में अमेरिका पहुंचा था और एक स्टोर पर काम भी कर रहा था। वर्ष 2024 में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जून 2024 में अमृतपाल को अमेरिकी इमीग्रेशन विभाग ने पकड़ लिया था। उसे कई महीनों तक हिरासत में रखा गया।
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गुरजीत ने बताया कि 9 अप्रैल को उसका भाई चार अन्य डिपोर्ट हुए लोगों के साथ दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा। हालांकि वे हवाई अड्डे पर गए थे, लेकिन अमृतपाल वहां नहीं मिला। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि अमृतपाल दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया है। अमृतपाल घर नहीं पहुंचा था। परिवार ने उसे कई जगहों पर खोजा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
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बाद में पता चला कि अमृतपाल ने 11 अप्रैल को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल के पास एक होटल में कमरा लिया था। होटल के सीसीटीवी फुटेज से भी उसके होटल में होने की पुष्टि हुई। फिर 12 अप्रैल को वह घुमार मंडी में एक मोबाइल की दुकान पर गया, जहां उसने अपना आईफोन बेचकर एक सस्ता फोन खरीदा। दुकान की फुटेज से भी इसकी पुष्टि हुई। गुरजीत ने आरोप लगाया कि 14 अप्रैल को उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी और फिर 29 अप्रैल को पीएयू थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने टालमटोल का रवैया अपनाया और मामला दर्ज नहीं किया। अब दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
गुरजीत ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया था कि अमृतपाल ने आईफोन बेचकर जो फोन खरीदा था, उसे सर्विलांस पर रखा गया था, लेकिन उस फोन में कोई नया सिम नहीं डाला गया था। परिवार को शक है कि अमृतपाल डिप्रेशन में चला गया होगा, क्योंकि 50 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद उसे अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। उन्हें यह भी शक है कि अमृतपाल को कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया होगा। पुलिस को मामले की जांच तेज करनी चाहिए, ताकि अमृतपाल का पता लगाया जा सके। गुरजीत ने जालंधर स्थित ट्रैवल एजेंट के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।