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सरपंच के घर के बाहर फायरिंग
ब्यूरो, अमर उजाला/मुल्लांपुर दाखा (लुधियाना)
Updated Fri, 13 Nov 2015 03:21 PM IST
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गांव रकबा में दो पक्षों की आपसी लड़ाई में करीब 12 हवाई फायर किए गए। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की वरना कार में तोड़फोड़ की। दाखा पुलिस को कार से देसी रिवाल्वर 12 बोर और दो शराब की बोतलें बरामद हुई।
जानकारी मिलते ही एसपी अजय राज सिंह और दाखा पुलिस मौके पर पहुंची। थाना दाखा में दी शिकायत में अकाली दल के पूर्व सरपंच जोगिंदर सिंह बल रकबा ने कहा कि बीती रात करीब सवा दस बजे उसके घर के बाहर आकर एक कार रुकी। कार सवारों ने उसके घर का दरवाजा तोड़ने के साथ ही उन्हें ललकारना शुरू कर दिया। जब उसके बेटे हरदेव सिंह हैरी ने दरवाजा खोला तो घर के बाहर चार लड़के खड़े थे। सभी के हाथों में बेसबॉल बैट और अन्य हथियार थे। उनमें से एक लड़के ने उसके बेटे पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुन कर वह और इलाका निवासी घरों से बाहर निकल आए।
लोगों का इकट्ठा होता देख हमलावर उसी गली में रहने वाले बहादुर सिंह के घर जा घुसे। वहीं थाना दाखा में मौजूद दूसरे पक्ष के गांव बोपाराय निवासी कर्मवीर सिंह ने कहा कि वह रात को अपने दोस्त सतविंदर सिंह को छोड़ने गांव बैंस के कर्मवीर सिंह के साथ अपनी वरना कार में उसके गांव रकबा गए थे। वह सतविंदर सिंह को घर के बाहर उतार कर जाने लगा तो उसी गली में पहले से ही मौजूद हरदेव सिंह ने अपने करीब 24 साथियों के साथ उस पर गोलियां चला दी। उसने बहादुर सिंह के घर में घुसकर अपनी जान बचाई। फिर किसी तरह रात को ही थाना दाखा पहुंचकर घटना की जानकारी दी। कर्मवीर सिंह ने कहा कि कार में बरामद हुए हथियार से उसका कोई संबंध नहीं है। जानकारी मिलते ही थाना दाखा के एएसआई जनक राज शर्मा ने कहा कि कार से बरामद देसी पिस्तौल से फिंगर प्रिंट्स के निशान ले लिए गए हैं।
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जानकारी मिलते ही एसपी अजय राज सिंह और दाखा पुलिस मौके पर पहुंची। थाना दाखा में दी शिकायत में अकाली दल के पूर्व सरपंच जोगिंदर सिंह बल रकबा ने कहा कि बीती रात करीब सवा दस बजे उसके घर के बाहर आकर एक कार रुकी। कार सवारों ने उसके घर का दरवाजा तोड़ने के साथ ही उन्हें ललकारना शुरू कर दिया। जब उसके बेटे हरदेव सिंह हैरी ने दरवाजा खोला तो घर के बाहर चार लड़के खड़े थे। सभी के हाथों में बेसबॉल बैट और अन्य हथियार थे। उनमें से एक लड़के ने उसके बेटे पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुन कर वह और इलाका निवासी घरों से बाहर निकल आए।
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लोगों का इकट्ठा होता देख हमलावर उसी गली में रहने वाले बहादुर सिंह के घर जा घुसे। वहीं थाना दाखा में मौजूद दूसरे पक्ष के गांव बोपाराय निवासी कर्मवीर सिंह ने कहा कि वह रात को अपने दोस्त सतविंदर सिंह को छोड़ने गांव बैंस के कर्मवीर सिंह के साथ अपनी वरना कार में उसके गांव रकबा गए थे। वह सतविंदर सिंह को घर के बाहर उतार कर जाने लगा तो उसी गली में पहले से ही मौजूद हरदेव सिंह ने अपने करीब 24 साथियों के साथ उस पर गोलियां चला दी। उसने बहादुर सिंह के घर में घुसकर अपनी जान बचाई। फिर किसी तरह रात को ही थाना दाखा पहुंचकर घटना की जानकारी दी। कर्मवीर सिंह ने कहा कि कार में बरामद हुए हथियार से उसका कोई संबंध नहीं है। जानकारी मिलते ही थाना दाखा के एएसआई जनक राज शर्मा ने कहा कि कार से बरामद देसी पिस्तौल से फिंगर प्रिंट्स के निशान ले लिए गए हैं।
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