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थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज के लाइन हाजिर होने के बाद भी नहीं सुधरे मुलाजिम

Wed, 28 Nov 2018 09:27 PM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 09:27 PM IST
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थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज के लाइन हाजिर होने के बाद भी नहीं सुधरे मुलाजिम
पीड़ित ने पकड़वाए चोर, पुलिस ने छोड़ दिए
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सात दिन पहले शहीद करनैल सिंह नगर परिवार वालों को नशीली स्प्रे कर आरोपियों ने की थी चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। थाना डेहलों और चौकी मराडों के इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के बाद भी वहां के मुलाजिम काम सीधे ढंग से कर नहीं रहे है। इसकी ताजा मिसाल उस समय सामने आई जब सात दिनों पहले शहीद करनैल सिंह नगर में कुछ युवकों ने नशीला स्प्रे कर एक घर में चोरी कर ली थी। चौकी मराडो ने काका, हरप्रीत सिंह और जीता के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया था। शिकायतकर्ता की सूचना के बाद पुलिस ने एक आरोपी जीता को पकड़ लिया था। लेकिन, सुबह पकडने के बाद शाम होते ही पुलिस ने आरोपी छोड़ दिया। इस पर शिकायतकर्ता पुलिस कमिश्नर से मिला और अपनी शिकायत दी।
शहीद करनैल सिंह नगर के रहने वाले सर्बजीत सिंह ने बताया कि वह एक डिपाटमेंटल स्टोर में जॉब करता है। 22 नवंबर की रात को वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। रात को कुछ युवक उनके घर दीवार फांद कर घुसे और परिवार पर नशीला स्प्रे कर बेहोश कर दिया था। इसके बाद घर से 11 हजार रुपए, सोने के टॉपस, सोने की चेन, 3 मोबाइल और बैंक के एटीएम कार्ड चुरा ले गए थे। वारदात के दो दिनों चोरों ने एटीएम कार्ड की मदद से उसके खाते से 40 हजार रुपए भी निकलवा लिए थे। सर्बजीत सिंह का कहना है कि उनके घर के बैक साइड रेलवे लाइन है। जहां पर 5-6 युवकों का एक ग्रुप बैठा होता है और वह वहां पर नशा करते है। उक्त आरोपियों ने पहले भी इलाके में कई घरों में चोरी की थी। सर्बजीत सिंह का कहना है कि वारदात के बाद सिर्फ पीसीआर मुलाजिम ही मौके पर पहुंचे थे। जोकि सिर्फ घर देख कर चले गए थे कि चौकी मुलाजिम आकर आगे की कार्रवई करेंगे। लेकिन, उनके घर कोई थाना या चौकी से मुलाजिम नहीं आए। इसके बाद वह खुद तीन दिनों तक थाना डेहलों और चौकी मराडो के चक्कर काटता रहा। फिर एसीपी के ध्यान में मामले लाने के बाद जाकर मामला दर्ज हुआ था। जांच अधिकारी बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ में कुछ सामने नहीं आया। जिन आरोपियों को नामजद किया गया है, उनकी कोई सीसीटीवी वीडियो या अन्य सबूत हाथ नहीं लगा है। इसलिए अधिकारियों के ध्यान में लाकर उन्हे छोड़ा गया है।
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क्या कहते है अधिकारी
एडीसीपी 2 सुरिंदर लांबा ने बताया कि ये मामला मेरे ध्यान में नहीं है। अब इस मामले का पता चलने पर मैं चैक करवाऊंगा। अगर किसी मुलाजिम की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी।
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