एमपी: भिंड में खाद के अवैध कारोबार पर कार्रवाई, सात आरोपियों पर एफआईआर; नकली डीएपी बेचने का आरोप
भिंड में कृषि विभाग की शिकायत पर खाद के अवैध कारोबार और कथित नकली डीएपी बिक्री के दो मामलों में सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। एक मामले में 600 बोरी एपीएस उर्वरक की आपूर्ति की जांच जारी है।
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मध्य प्रदेश के भिंड जिले में खाद के अवैध कारोबार और कथित नकली डीएपी की बिक्री के मामलों में कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर फूप और भारौली थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल सात नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एक मामले में बिना वैध लाइसेंस के 600 बोरी एपीएस उर्वरक की आपूर्ति का मामला सामने आया है, जबकि दूसरे मामले में इफको कंपनी की ब्रांडिंग वाली बोरियों में कथित नकली डीएपी खाद बेचने के आरोप हैं।
पहला मामला फूप थाना क्षेत्र के ग्राम सकराया का है। जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि एक ट्रक से गांव में 600 बोरी एपीएस उर्वरक उतारा जा रहा है। सूचना के आधार पर जांच की गई। इस दौरान ट्रक चालक हैदरअली ने बताया कि खाद मंदसौर से लाई गई थी और इसे जवाहर लाल शर्मा के पते पर पहुंचाया जाना था।
जांच में कृषि विभाग को जवाहर लाल शर्मा के नाम पर जिले में उर्वरक कारोबार करने का वैध लाइसेंस या प्राधिकार नहीं मिला। इसके बाद वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नरेश सिंह अटल की शिकायत पर फूप थाने में जवाहर लाल शर्मा, सचिन दीक्षित, विजय बैरागी और नितिन छावड़ा के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
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इफको की ब्रांडिंग वाली बोरियों में नकली खाद बेचने का आरोप
दूसरा मामला भारौली थाना क्षेत्र के ग्राम भारौली खुर्द का है। यहां किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग ने कथित नकली डीएपी खाद की बिक्री की जांच की। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अमायन निवासी जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह बघेल और महादेव सिंह इफको कंपनी की ब्रांडिंग वाली बोरियों में नकली खाद बेच रहे थे।
इस मामले में कुल 127 बोरियों को लेकर शिकायत सामने आई है। किसानों के अनुसार, मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में करीब 200 बोरी खाद लेकर अमायन कृषि उपज मंडी परिसर में खड़ा था और किसानों को खाद वितरित कर रहा था। अधिकारियों और किसानों ने संबंधित बोरियों को आगे की कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखवाया।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अखिलेश कुमार शाक्य की रिपोर्ट और जिला कलेक्टर की अनुमति के बाद भारौली थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। प्रकरण की जांच एसआई अभिषेक राय को सौंपी गई है।
दोनों मामलों में पुलिस खाद की आपूर्ति, उसके स्रोत और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले में उर्वरक की बिक्री और वितरण व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
