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चाइलड कमिशन के आदेशों पर बने मेडिकल बोर्ड ने पीडित बच्चें का किया रीमेडिकल
Updated Wed, 13 Dec 2017 10:42 PM IST
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मेडिकल में बच्चे से थर्ड डिग्री की पुष्टि
जांघों व पीठ, हाथ-पांव और टांगों पर हैं गंभीर चोटों के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थाना कोतवाली में साढे़ बारह वर्षीय बच्चे के साथ पुलिस द्वार थर्ड डिग्री टॉचर्र टार्चर के मामले में स्टेट चाइल्ड कमीशन के आदेशों पर चार डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने बच्चे का बुधवार को दोबारा मेडिकल किया। जिसमें बच्चे के साथ थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर की पुष्टि हुई है। कमीशन के आदेशों पर बने मेडिकल बोर्ड में डॉक्टर गुुरमेल सिंह, डाक्टर मनप्रीत सिंह, डाक्टर सीमा और डाक्टर बंसल शामिल थीं।
बुधवार को पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि बुधवार को बच्चे का मेडिकल हुआ है। लेकिन उसमें पेट्रोल से टॉर्चर किए जाने की बात सामने इसलिए नहीं आई, क्योंकि घटना के दस दिन बाद मेडिकल किया गया। पीड़ित बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि जब उसके बच्चे का पहले मेडिकल होता था तो डॉक्टरों ने उसी समय क्यों नहीं इंडोस्कोपी की। बच्चे की मां ने मांग करते हुए कहा कि पुलिस जल्द आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तारी की जाए।
मेडिकल बोर्ड के सूत्रों ने बच्चे के साथ थाने में थर्ड डिग्री टार्चर होने की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे को इतनी बुरी तरह से थाने में पीटा गया कि उसकी जांघों व पीठ, हाथ-पांव और टांगों में चोटों के निशान हैं। जिससे साफ है कि पुलिस वालों ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है।
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एसएसपी बठिंडा ने फोन उठाना किया बंद
बच्चे के साथ थर्ड डिग्री टार्चर किए जाने के मामले में पिछले तीन दिन से एसएसपी बठिंडा से पूछने के लिए लगातार फोन किया जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की पर घंटी बजने के बावजूद भी एसएसपी फोन नहीं उठाया। बताया जा रहा है कि पुलिस की हो रही बदनामी के कारण एसएसपी ने मीडिया का फोन उठाना बंद कर दिया है।
‘एसएमओ ने कहा, गेट आउट फ्रोम हेयर’
पीड़ित बच्चे की मां अमनदीप कौर ने सिविल अस्पताल के एस एम ओ डाक्टर एस एस गिल पर उसके साथ बदतमीजी करने के आरोप लगाते हुए बताया कि जब उसके बच्चे का डाक्टरों के बोर्ड ने मेडिकल कर दिया तो करीब पांच घंटे बाद जब वह अपने बच्चें की मेडिकल रिपोर्ट लेने के लिए एसएमओ के कार्यालय में गई तो पहले उसे फीस भरने के लिए नीचे भेजा गया। जब वह फीस भरकर वापस कार्यालय में गई तो उसे यह कह दिया गया कि अभी पांच बज गए हैं रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। जब उसने विरोध किया तो एसएमओ ने उसके साथ बदतमीजी करते हुए कहा कि गेट आउट फ्रोम हेयर। बच्चे की मां ने कहा कि वह इस बारे में सिविल सर्जन व कमीशन के पास एसएमओ की शिकायत करेगी।
पुलिस का दलित विरोधी चेहरा हुआ बेनका
लोक जन शक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणजीत सिंह गहरी ने कहा कि बठिंडा पुलिस दलित विरोधी है जिस का चेहरा उक्त मामले में पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। क्यों कि घटना के हुए दस दिन हो गए हैं, लेकिन उसके बावजूद पुलिस के बडे़ अधिकारी आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय टाल मटोल कर रहे है। गहरी ने कहा कि पीडित परिवार दलित वर्ग से संबंधत हैै, इसी लिए पुलिस के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि ऊंची पहुंच वाले व्यक्ति का मामला होता तो पुलिस जल्दबाजी में कार्रवाई करती।
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जांघों व पीठ, हाथ-पांव और टांगों पर हैं गंभीर चोटों के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थाना कोतवाली में साढे़ बारह वर्षीय बच्चे के साथ पुलिस द्वार थर्ड डिग्री टॉचर्र टार्चर के मामले में स्टेट चाइल्ड कमीशन के आदेशों पर चार डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने बच्चे का बुधवार को दोबारा मेडिकल किया। जिसमें बच्चे के साथ थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर की पुष्टि हुई है। कमीशन के आदेशों पर बने मेडिकल बोर्ड में डॉक्टर गुुरमेल सिंह, डाक्टर मनप्रीत सिंह, डाक्टर सीमा और डाक्टर बंसल शामिल थीं।
बुधवार को पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि बुधवार को बच्चे का मेडिकल हुआ है। लेकिन उसमें पेट्रोल से टॉर्चर किए जाने की बात सामने इसलिए नहीं आई, क्योंकि घटना के दस दिन बाद मेडिकल किया गया। पीड़ित बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि जब उसके बच्चे का पहले मेडिकल होता था तो डॉक्टरों ने उसी समय क्यों नहीं इंडोस्कोपी की। बच्चे की मां ने मांग करते हुए कहा कि पुलिस जल्द आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तारी की जाए।
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मेडिकल बोर्ड के सूत्रों ने बच्चे के साथ थाने में थर्ड डिग्री टार्चर होने की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे को इतनी बुरी तरह से थाने में पीटा गया कि उसकी जांघों व पीठ, हाथ-पांव और टांगों में चोटों के निशान हैं। जिससे साफ है कि पुलिस वालों ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है।
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एसएसपी बठिंडा ने फोन उठाना किया बंद
बच्चे के साथ थर्ड डिग्री टार्चर किए जाने के मामले में पिछले तीन दिन से एसएसपी बठिंडा से पूछने के लिए लगातार फोन किया जा रहा है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आगे क्या कार्रवाई की पर घंटी बजने के बावजूद भी एसएसपी फोन नहीं उठाया। बताया जा रहा है कि पुलिस की हो रही बदनामी के कारण एसएसपी ने मीडिया का फोन उठाना बंद कर दिया है।
‘एसएमओ ने कहा, गेट आउट फ्रोम हेयर’
पीड़ित बच्चे की मां अमनदीप कौर ने सिविल अस्पताल के एस एम ओ डाक्टर एस एस गिल पर उसके साथ बदतमीजी करने के आरोप लगाते हुए बताया कि जब उसके बच्चे का डाक्टरों के बोर्ड ने मेडिकल कर दिया तो करीब पांच घंटे बाद जब वह अपने बच्चें की मेडिकल रिपोर्ट लेने के लिए एसएमओ के कार्यालय में गई तो पहले उसे फीस भरने के लिए नीचे भेजा गया। जब वह फीस भरकर वापस कार्यालय में गई तो उसे यह कह दिया गया कि अभी पांच बज गए हैं रिपोर्ट नहीं दी जाएगी। जब उसने विरोध किया तो एसएमओ ने उसके साथ बदतमीजी करते हुए कहा कि गेट आउट फ्रोम हेयर। बच्चे की मां ने कहा कि वह इस बारे में सिविल सर्जन व कमीशन के पास एसएमओ की शिकायत करेगी।
पुलिस का दलित विरोधी चेहरा हुआ बेनका
लोक जन शक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणजीत सिंह गहरी ने कहा कि बठिंडा पुलिस दलित विरोधी है जिस का चेहरा उक्त मामले में पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। क्यों कि घटना के हुए दस दिन हो गए हैं, लेकिन उसके बावजूद पुलिस के बडे़ अधिकारी आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय टाल मटोल कर रहे है। गहरी ने कहा कि पीडित परिवार दलित वर्ग से संबंधत हैै, इसी लिए पुलिस के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि ऊंची पहुंच वाले व्यक्ति का मामला होता तो पुलिस जल्दबाजी में कार्रवाई करती।