{"_id":"5a22dd144f1c1b69678bf9e2","slug":"201512234260-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकाली महिला सरपंच को चैक बाऊंस मामले में एक साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अकाली महिला सरपंच को चैक बाऊंस मामले में एक साल की सजा
Updated Sat, 02 Dec 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकाली महिला सरपंच को चेक बाउंस मामले में सजा
बेटी की शादी को लिए थे गांव वासी से उधार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव जोधपुर रोमाणा की मौजूदा महिला सरपंच बबीता रानी को चेक बाउंस मामले में स्थानीय अदालत ने एक वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद महिला सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया और थोड़ी देर बाद पर्सनल बांड भराकर जमानत पर छोड़ दिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए गांव जोधपुर रोमाणा निवासी सुरिंदर सिंह उर्फ काबल ने बताया कि फरवरी 2015 में गांव की ही मौजूदा सरपंच बबीता रानी ने उससे अपनी बेटी की शादी के लिए एक लाख साठ हजार रुपये उधार लिए थे, जिसकी एवज में उसने पहले एक प्रनोट भरकर दिया था और कुछ समय बाद महिला सरपंच ने उससे अपना प्रनोट वापस लेकर एचडीएफसी बैंक के दो चेक दे दिए, जिसमें एक लाख व साठ हजार रुपये के थे। सुरिंदर सिंह ने बताया कि अक्तूबर 2015 में जब उसने एक लाख का भरा हुआ चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया जिस बाबत उसने जब महिला सरपंच से बात की तो उसने टाल मटौल शुरू कर दी। उसने बताया कि कुछ समय बाद ही महिला सरपंच ने अपना राजनीतिक रसूख का उपयोग करते हुए उन पर धोखाधड़ी का एक झूठा मामला भी दर्ज करवा दिया था। जिसके बाद उसने बठिंडा की स्थानीय अदालत में महिला सरपंच के खिलाफ चेक बाउंस को लेकर केस कर दिया था। जिस पर चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राजबिंदर कौर ने सुरिंदर सिंह के वकील की दलीलों से सहमत होते हुए महिला सरपंच को आरोपी ठहराते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई और ब्याज सहित पीड़ित पक्ष को पैसे वापस करने के आदेश दिए है।
विज्ञापन
बेटी की शादी को लिए थे गांव वासी से उधार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव जोधपुर रोमाणा की मौजूदा महिला सरपंच बबीता रानी को चेक बाउंस मामले में स्थानीय अदालत ने एक वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद महिला सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया और थोड़ी देर बाद पर्सनल बांड भराकर जमानत पर छोड़ दिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए गांव जोधपुर रोमाणा निवासी सुरिंदर सिंह उर्फ काबल ने बताया कि फरवरी 2015 में गांव की ही मौजूदा सरपंच बबीता रानी ने उससे अपनी बेटी की शादी के लिए एक लाख साठ हजार रुपये उधार लिए थे, जिसकी एवज में उसने पहले एक प्रनोट भरकर दिया था और कुछ समय बाद महिला सरपंच ने उससे अपना प्रनोट वापस लेकर एचडीएफसी बैंक के दो चेक दे दिए, जिसमें एक लाख व साठ हजार रुपये के थे। सुरिंदर सिंह ने बताया कि अक्तूबर 2015 में जब उसने एक लाख का भरा हुआ चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया जिस बाबत उसने जब महिला सरपंच से बात की तो उसने टाल मटौल शुरू कर दी। उसने बताया कि कुछ समय बाद ही महिला सरपंच ने अपना राजनीतिक रसूख का उपयोग करते हुए उन पर धोखाधड़ी का एक झूठा मामला भी दर्ज करवा दिया था। जिसके बाद उसने बठिंडा की स्थानीय अदालत में महिला सरपंच के खिलाफ चेक बाउंस को लेकर केस कर दिया था। जिस पर चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राजबिंदर कौर ने सुरिंदर सिंह के वकील की दलीलों से सहमत होते हुए महिला सरपंच को आरोपी ठहराते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई और ब्याज सहित पीड़ित पक्ष को पैसे वापस करने के आदेश दिए है।