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लुधियाना: बोस्टल जेल का काउंसर ही कैदियों और हवालातियों तक पहुंचाता था सामान
Wed, 15 Feb 2023 10:59 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Wed, 15 Feb 2023 10:59 PM IST
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ऑनलाइन पेटीएम या फिर गूगल पे के जरिये लेता था हवालातियों और कैदियों से पैसे
सिर्फ मैसेज के जरिये ही अंदर बंदियों के साथ होती थी बातचीत, मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। बोस्टल जेल में बंद हवालातियों और कैदियों के पास से बरामद सामान कोई और नहीं बल्कि कैदियों और हवालातियों का काउंसलर ही पहुंचाता था। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब थाना डिविजन सात की पुलिस ने एक मामले की जांच की तो काउंसलर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद काउंसलर लक्ष्मण सिंह को पुलिस अधिकारियों ने बुलाया और उसके फोन की चेकिंग की और सख्ती से पूछताछ की गई तो सारी सच्चाई सामने आई। इससे पहले सवाल खड़े होते रहे हैं कि आखिर कैदियों और हवालातियों के पास इतनी भारी मात्रा में सामान कैसे जाता है।
जेल प्रशासन हर बार यही कहता था कि फेंका के जरिये ही मोबाइल ओर आपत्तिजनक चीजें अंदर आती थी, लेकिन अब सारी सच्चाई सामने आ गई। थाना डिविजन सात की पुलिस ने बोस्टल जेल की सहायक सुपरिटेंडेंट अनु मलिक की शिकायत पर काउंसलर लक्ष्मण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। बोस्टल जेल के डिप्टी सुपरिंटेडेंट अनु मलिक ने कहा कि जेल अधिकारियों ने 6 फरवरी को गैर कानूनी गतिविधियों के मामले की जांच के दौरान दो कैदियों रणवीर सिंह और राजकुमार के कब्जे से एक सिम कार्ड और चार्जर के साथ एक मोबाइल बरामद किया था। जेल में बंदियों को परामर्श देने वाले आरोपी संदिग्ध पाए गए। पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बता दें ये वह आरोपी हैं जो जेल में बंद हवालातियों और कैदियों को सही रास्ते पर चलने की शिक्षा देते हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए काउंसलर के मोबाइल की जांच की तो पुलिस को उसके मोबाइल से कैदियों द्वारा भेजे गए संदेश भी मिले और उसमें सामने आया कि वह पेटीएम और गूगल पे के माध्यम से कैदियों से भुगतान लेता था। पुलिस ने आगे की जांच के लिए आरोपी का स्मार्टफोन भी कब्जे में ले लिया है। एसीपी गुरदेव सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 7 में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7, 13 (2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बाल सुधार गृह में एक कैदी से मिला स्मार्टफोन
पुलिस ने शिमलापुरी के बाल सुधार गृह में एक कैदी के कब्जे से एक स्मार्टफोन बरामद किया है। सब इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुरप्रीत सिंह के कब्जे से एक स्मार्टफोन बरामद किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ शिमलापुरी थाने में कारागार अधिनियम की धारा 42, 52-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी को आगे की जांच के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।
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सिर्फ मैसेज के जरिये ही अंदर बंदियों के साथ होती थी बातचीत, मामला दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। बोस्टल जेल में बंद हवालातियों और कैदियों के पास से बरामद सामान कोई और नहीं बल्कि कैदियों और हवालातियों का काउंसलर ही पहुंचाता था। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब थाना डिविजन सात की पुलिस ने एक मामले की जांच की तो काउंसलर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद काउंसलर लक्ष्मण सिंह को पुलिस अधिकारियों ने बुलाया और उसके फोन की चेकिंग की और सख्ती से पूछताछ की गई तो सारी सच्चाई सामने आई। इससे पहले सवाल खड़े होते रहे हैं कि आखिर कैदियों और हवालातियों के पास इतनी भारी मात्रा में सामान कैसे जाता है।
जेल प्रशासन हर बार यही कहता था कि फेंका के जरिये ही मोबाइल ओर आपत्तिजनक चीजें अंदर आती थी, लेकिन अब सारी सच्चाई सामने आ गई। थाना डिविजन सात की पुलिस ने बोस्टल जेल की सहायक सुपरिटेंडेंट अनु मलिक की शिकायत पर काउंसलर लक्ष्मण सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। बोस्टल जेल के डिप्टी सुपरिंटेडेंट अनु मलिक ने कहा कि जेल अधिकारियों ने 6 फरवरी को गैर कानूनी गतिविधियों के मामले की जांच के दौरान दो कैदियों रणवीर सिंह और राजकुमार के कब्जे से एक सिम कार्ड और चार्जर के साथ एक मोबाइल बरामद किया था। जेल में बंदियों को परामर्श देने वाले आरोपी संदिग्ध पाए गए। पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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बता दें ये वह आरोपी हैं जो जेल में बंद हवालातियों और कैदियों को सही रास्ते पर चलने की शिक्षा देते हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए काउंसलर के मोबाइल की जांच की तो पुलिस को उसके मोबाइल से कैदियों द्वारा भेजे गए संदेश भी मिले और उसमें सामने आया कि वह पेटीएम और गूगल पे के माध्यम से कैदियों से भुगतान लेता था। पुलिस ने आगे की जांच के लिए आरोपी का स्मार्टफोन भी कब्जे में ले लिया है। एसीपी गुरदेव सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर 7 में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7, 13 (2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बाल सुधार गृह में एक कैदी से मिला स्मार्टफोन
पुलिस ने शिमलापुरी के बाल सुधार गृह में एक कैदी के कब्जे से एक स्मार्टफोन बरामद किया है। सब इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुरप्रीत सिंह के कब्जे से एक स्मार्टफोन बरामद किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ शिमलापुरी थाने में कारागार अधिनियम की धारा 42, 52-ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी को आगे की जांच के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।