फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Congress is considering AAP as its biggest rival

आप को खुद का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मान रही है कांग्रेस

Sun, 06 Feb 2022 10:21 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 10:21 PM IST
विज्ञापन
Congress is considering AAP as its biggest rival
लुधियाना। पंजाब की मौजूदा कांग्रेस सरकार विधानसभा चुनाव में अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी को मान रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि रविवार को कांग्रेस के सीएम चेहरे की घोषणा के लिए हुई रैली में कांग्रेस नेताओं पर सिर्फ आम आदमी पार्टी ही निशाने पर रही। हालांकि पार्टी नेताओं ने अकाली दल और भाजपा के गठबंधन को भी निशाने पर लिया, मगर सबसे ज्यादा कटाक्ष आम आदमी पार्टी पर ही किए। पंजाब में आम आदमी पार्टी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने भी अपने ‘आम आदमी’ चन्नी को मैदान में उतारा है। फिरोजपुर रोड पर हुई रैली में कांग्रेस के सीनियर नेता और चुनाव प्रचार कैंपेन कमेटी के चेयरमैन सुनील जाखड़ ने आप पर जहां निशाने साधे, वहीं सिद्धू ने आप के साथ-साथ अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को निशाने पर लिया। अपने शायराना अंदाज में सिद्धू मजीठिया पर बरसते रहे, और खुलेआम चैलेंज देते रहे। इसके बाद जब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाषण की बारी आई तो उन्होंने तो सीधे सीधे आप पर कई हमले किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पैसे आम आदमी पार्टी चुनाव प्रचार पर खर्च कर रही है और अब पंजाब में सरकार बनाने का सपना देख रही पार्टी पंजाब को लूटना चाहती है। चन्नी ने कहा कि पंजाब की जनता समझ चुकी है कि आप की सरकार यहां नहीं बनानी है। उन्होंने आप के साथ-साथ कैप्टन को भी निशाने पर लिया।
विज्ञापन

चन्नी के सीएम चेहरा घोषित होने से कांग्रेस को फायदा भी और नुकसान भी
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस ने सीएम चेहरा घोषित तो कर दिया है, लेकिन इसके कई फायदे भी है और कई नुकसान भी कांग्रेस को झेलने पड़ सकते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी गरीब अनुसूचित जाति से संबंधित हैं। कांग्रेस ने संभावित सीएम चेहरे के लिए एससी कार्ड खेलकर सबको एक बार फिर चौंका दिया है। चन्नी के सीएम चेहरा घोषित होने के बाद अनुसूचित जाति का वोट कांग्रेस को मिलने का फायदा हो सकता है। वहीं कांग्रेस को जाट सिख वोट गंवानी भी पड़ सकती है। पंजाब में अनुसूचित जाति वोट बैंक 34 प्रतिशत है और जाट सिख वोट की संख्या इससे कम है। हालांकि चरणजीत सिंह चन्नी पहले भी कहते रहे हैं कि उनको हर जाति के लोग उन्हें प्यार करते हैं।
विज्ञापन

भगवंत के मुकाबले चन्नी स्टीक चेहरा
आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को सीएम चेहरा घोषित कर रखा है और वह धूरी से चुनाव लड़ रहे हैं। वह दो बार संगरूर से बतौर सांसद जीत चुके हैं और आम लोगों में उनकी पहचान भी काफी है। वह लोगों के बीच मिलते जुलते भी हैं। हालांकि कांग्रेस को चेहरा मिलना मुश्किल हो रहा था तो कांग्रेस ने अनुसूचित जाति से संबंधित चन्नी को सीएम चेहरा बनाकर सबको चौंकाया और 111 दिन की सरकार की उपलब्धियों और लोगों के समर्थन को देखते हुए चन्नी को ही दोबारा मौका दे दिया। जिससे लोगों में चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के भगवंत के सामने कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को स्टीक चेहरा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री कुर्सी के लिए कांग्रेस में पहले भी होती रही है जंग
पंजाब कांग्रेस में सीएम चेहरा घोषित करने का काफी दबाव था। मगर कांग्रेस के लिए यह नया नहीं है हर बार चुनाव से पहले कांग्रेस में सीएम बनने की होड़ लगी रहती है। मगर कांग्रेस हाईकमान के सामने इस बार की स्थिति काफी मुश्किल थी। सबसे बड़ा कारण नवजोत सिंह सिद्धू थे। सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल सबको तैयार किया और कैप्टन को कुर्सी से उतारा। उसके बाद सीएम घोषित के लिए फिर से घमासान हुआ और कांग्रेस ने चन्नी पर दाव खेला। इससे पहले 2002 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम कुर्सी के सबसे बड़े दावेदार थे, क्योंकि वह पंजाब कांग्रेस के प्रधान भी थे। उनके अलावा पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल, प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर दूलों इस कुर्सी पर दावा ठोक रहे थे। अंत में कैप्टन मुख्यमंत्री बने। 2007 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ प्रताप बाजवा और राजिंदर कौर भट्ठल दौड़ में थे। इस चुनाव में कांग्रेस हार गई। पंजाब में शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार बन गई। 2012 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ राजिंदर कौर भट्ठल, प्रताप बाजवा फिर से सीएम बनने की दौड़ में थीं। तभी मनप्रीत बादल ने अकाली दल छोड़ पीपल पार्टी ऑफ पंजाब बना ली। इससे ऐसा समीकरण बिगड़ा कि कांग्रेस पिछड़ गई और शिअद-भाजपा फिर सत्ता में आ गई। 2017 कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में चुनाव लड़ा गया। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने प्रचार का जिम्मा संभाला। पूरा प्रचार कैप्टन के ईर्द-गिर्द ही रहा और कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed