{"_id":"5739f2404f1c1be516ac6f30","slug":"compensation-protest-for-compensation-in-bhatinda-bhatinda-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीड़ित परिवारों को नहीं मिला मुआवजा, टंकी पर चढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीड़ित परिवारों को नहीं मिला मुआवजा, टंकी पर चढ़े
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Mon, 16 May 2016 09:46 PM IST
विज्ञापन
बठिंडा में टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव लहरा बेगा और भुच्चो खुर्द के किसानों की ओर से की गई खुदकुशी के बाद मुआवजा न मिलने से गुस्साए पीड़ित परिवार सोमवार को गांव भुच्चो खुर्द में पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसमें गांव लहरा बेगा के दो और गांव भुच्चो खुर्द के सात परिवारों के सदस्य शामिल थे।
पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन पर उन्हें जानबूझकर मुआवजा न देने के आरोप लगाए। वहीं कुछ देर के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीएम से पीड़ित परिवारों की बात करवाकर टंकी से नीचे उतरवाया।
पीड़ित परिवारों के साथ अमरजीत सिंह हनी ने बताया कि गांव लहरा बेगा के दो किसानों गुरजंट सिंह, सुखमंदर सिंह और भुच्चो खुर्द के गोरा सिंह, लक्खा सिंह, खेता सिंह, जगसीर सिंह समेत तीन अन्य किसानों ने बीते समय में खुदकुशी की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने उक्त किसानों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए परिवारों की पूरी जांच कर ली थी।
विज्ञापन
इसके बावजूद जिला प्रशासन उन्हें मुआवजा नहीं दे रहा था। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब पीड़ित परिवारों ने तहसीलदार लखविंदर सिंह बात की तो उन्होंने इस मामले से खुद को अंजान बताया। इससे पीड़ित परिवारों के सदस्यों का रोष और बढ़ गया। वे शाम को गांव भुच्चो खुर्द की पानी वाली टंकी पर चढ़ गए।
भुच्चो मंडी पुलिस चौकी के प्रभारी ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों से बातचीत कर एसडीएम अनमोल सिंह के साथ उनकी फोन पर बात करवाई। एसडीएम की ओर से मंगलवार को उनके साथ बैठक करने के आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवारों के सदस्य पानी की टंकी से नीचे उतर आए।
एसडीएम अनमोल सिंह धालीवाल ने खुदकुशी पीड़ित परिवारों के सदस्यों की ओर से प्रशासन पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि उन्हें इन परिवारों के सदस्यों की ओर से की गई खुदकुशी के मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए उन्होंने उक्त परिवारों को सुबह अपने कार्यालय में बुलाया है। उनसे पीड़ित परिवारों की पूरी जानकारी लेंगे, अगर उनके खुदकुशी मामले सही पाए जातेे हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक जल्द मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन पर उन्हें जानबूझकर मुआवजा न देने के आरोप लगाए। वहीं कुछ देर के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीएम से पीड़ित परिवारों की बात करवाकर टंकी से नीचे उतरवाया।
विज्ञापन
पीड़ित परिवारों के साथ अमरजीत सिंह हनी ने बताया कि गांव लहरा बेगा के दो किसानों गुरजंट सिंह, सुखमंदर सिंह और भुच्चो खुर्द के गोरा सिंह, लक्खा सिंह, खेता सिंह, जगसीर सिंह समेत तीन अन्य किसानों ने बीते समय में खुदकुशी की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने उक्त किसानों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए परिवारों की पूरी जांच कर ली थी।
विज्ञापन
इसके बावजूद जिला प्रशासन उन्हें मुआवजा नहीं दे रहा था। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब पीड़ित परिवारों ने तहसीलदार लखविंदर सिंह बात की तो उन्होंने इस मामले से खुद को अंजान बताया। इससे पीड़ित परिवारों के सदस्यों का रोष और बढ़ गया। वे शाम को गांव भुच्चो खुर्द की पानी वाली टंकी पर चढ़ गए।
भुच्चो मंडी पुलिस चौकी के प्रभारी ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों से बातचीत कर एसडीएम अनमोल सिंह के साथ उनकी फोन पर बात करवाई। एसडीएम की ओर से मंगलवार को उनके साथ बैठक करने के आश्वासन मिलने के बाद पीड़ित परिवारों के सदस्य पानी की टंकी से नीचे उतर आए।
एसडीएम अनमोल सिंह धालीवाल ने खुदकुशी पीड़ित परिवारों के सदस्यों की ओर से प्रशासन पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि उन्हें इन परिवारों के सदस्यों की ओर से की गई खुदकुशी के मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए उन्होंने उक्त परिवारों को सुबह अपने कार्यालय में बुलाया है। उनसे पीड़ित परिवारों की पूरी जानकारी लेंगे, अगर उनके खुदकुशी मामले सही पाए जातेे हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक जल्द मुआवजा दिया जाएगा।