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लुधियाना में कुत्ते की मौत के मामले में गडवासू के डॉक्टर सहित सहायकों पर मामला दर्ज
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लुधियाना। फिल्लौर निवासी व्यक्ति के रोटविलर कुत्ते की मौत के मामले में थाना पीएयू पुलिस ने गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के डॉक्टर चरणजीत सहित पूरी टीम के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इससे पहले मामले की शिकायत जालंधर पुलिस के पास की गई थी। जालंधर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करते लुधियाना पुलिस कमिश्नर को मामला भेज दिया था। थाना पीएयू पुलिस ने 19 मई को मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं वेटरनरी यूनिवर्सिटी अध्यापक यूनियन ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि अगर एफआईआर रद्द न की गई तो 21 मई को गडवासू में धरना दिया जाएगा।
पुलिस को दी शिकायत में संगरूर वासी बलजीत सिंह ने बताया कि वह फिल्लौर में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पास रोटविलर ब्रीड का कुत्ता था। मंगलवार को उसने देखा कि कुत्ते की आंखों से पानी निकल रहा है। वह कुत्ते को लेकर 19 मई को तुरंत लुधियाना स्थित गडवासू पहुंच गया। गडवासू पहुंचने पर उसे डॉक्टर चरणजीत सिंह और दो अन्य डॉक्टर मिले। डॉ. चरणजीत सिंह ने कुत्ते को देखकर कहा कि इसका मुंह बांधना पड़ेगा। डॉक्टर के कहने पर उनके दो सहायकों ने कुत्ते के मुंह पर बोरी बांध दी। डॉक्टर के कहने पर उनके सहायकों ने रस्सी को और कसकर बांधना शुरू कर दिया, इससे कुत्ते को सांस लेने में परेशानी होने लगी। सांस बंद होने से उनका कुत्ता तड़प रहा था। यह देखकर उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कुत्ते का इलाज नहीं करवाना। कहने के बावजूद उन्होंने कुत्ते को नहीं छोड़ा। डॉ. चरणजीत सिंह ने कहा कि यहां बहुत कुत्ते मरते रहते हैं, अगर तेरा कुत्ता भी मर गया तो फिर क्या हो जाएगा। बार-बार कहने पर उन्होंने कुत्ते को छोड़ दिया। जब उन्होंने कुत्ते के मुंह से बोरी हटाकर देखा तो उसके मुंह से खून निकल रहा था, तब तक कुत्ता दम तोड़ चुका था।
गडवासू अध्यापक यूनियन की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी में हर साल 30 हजार जानवरों का इलाज होता है। केवल पंजाब नहीं हरियाणा सहित कई अन्य प्रदेशों से जानवर यहां आते हैं। कुत्ते का इलाज नियमों के अनुसार किया गया था। पोस्टमार्टम में कुत्ते के शरीर में एक बड़ा फोड़ा था, आशंका है कि उसे जिगर का कैंसर भी था। डॉक्टर के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने को लेकर वह 21 मई को धरना देंगे, अगर एफआईआर रद्द नहीं की गई तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
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पुलिस को दी शिकायत में संगरूर वासी बलजीत सिंह ने बताया कि वह फिल्लौर में किराए के मकान में रह रहा है। उसके पास रोटविलर ब्रीड का कुत्ता था। मंगलवार को उसने देखा कि कुत्ते की आंखों से पानी निकल रहा है। वह कुत्ते को लेकर 19 मई को तुरंत लुधियाना स्थित गडवासू पहुंच गया। गडवासू पहुंचने पर उसे डॉक्टर चरणजीत सिंह और दो अन्य डॉक्टर मिले। डॉ. चरणजीत सिंह ने कुत्ते को देखकर कहा कि इसका मुंह बांधना पड़ेगा। डॉक्टर के कहने पर उनके दो सहायकों ने कुत्ते के मुंह पर बोरी बांध दी। डॉक्टर के कहने पर उनके सहायकों ने रस्सी को और कसकर बांधना शुरू कर दिया, इससे कुत्ते को सांस लेने में परेशानी होने लगी। सांस बंद होने से उनका कुत्ता तड़प रहा था। यह देखकर उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कुत्ते का इलाज नहीं करवाना। कहने के बावजूद उन्होंने कुत्ते को नहीं छोड़ा। डॉ. चरणजीत सिंह ने कहा कि यहां बहुत कुत्ते मरते रहते हैं, अगर तेरा कुत्ता भी मर गया तो फिर क्या हो जाएगा। बार-बार कहने पर उन्होंने कुत्ते को छोड़ दिया। जब उन्होंने कुत्ते के मुंह से बोरी हटाकर देखा तो उसके मुंह से खून निकल रहा था, तब तक कुत्ता दम तोड़ चुका था।
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गडवासू अध्यापक यूनियन की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी में हर साल 30 हजार जानवरों का इलाज होता है। केवल पंजाब नहीं हरियाणा सहित कई अन्य प्रदेशों से जानवर यहां आते हैं। कुत्ते का इलाज नियमों के अनुसार किया गया था। पोस्टमार्टम में कुत्ते के शरीर में एक बड़ा फोड़ा था, आशंका है कि उसे जिगर का कैंसर भी था। डॉक्टर के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने को लेकर वह 21 मई को धरना देंगे, अगर एफआईआर रद्द नहीं की गई तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।
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