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बठिंडा : एएसआई और हेड कांस्टेबल नामजद... युवती के साथ मिलकर दो युवकों पर लगाया था दुष्कर्म का झूठा आरोप
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बठिंडा। वर्ष 2010 में हुई लड़ाई का बदला लेने के लिए हेड कांस्टेबल राजीव कुमार ने एक युवती एवं एएसआई के साथ मिलकर बैंक कर्मी भूषण कुमार और रेलवे कर्मी निहाल सिंह पर मई 2017 में झूठा दुष्कर्म का केस दर्ज कर दिया। अब 9 जुलाई को विशेष अदालत के जज बलजिंदर सिंह सरां ने उक्त झूठे केस की सुनवाई करते हुए नामजद दोनों युवकों को बरी करने के बाद डिसमिस हो चुके हेड कांस्टेबल राजीव कुमार एवं एएसआई गणेश्वर कुमार और युवती अनमोल कौर के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन पुलिस ने इन्हें बचाने के लिए भरपूर जोर लगाया पर असफल होने पर थाना कोतवाली में आरोपी युवती अनमोल, डिसमिस हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और एएसआई गणेश्वर कुमार के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के अनुसार सितंबर 2010 में हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और उसके भाई का बैंक कर्मी भूषण कुमार और उसके भाई दिनेश कुमार के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस मामले में थाना केनाल पुलिस ने हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और उसके भाई पवन कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद सीजीएम रीटा हंस की अदालत में केस की सुनवाई चलने लगी। वर्ष 2017 के मार्च में जब सीजीएम रीटा हंस ने राजीव कुमार और उसके भाई पवन कुमार को दो वर्ष की सजा सुना दी तो हेड कांस्टेबल राजीव को विभाग ने नौकरी से डिसमिस कर दिया था।
नौकरी से डिसमिस होने के बाद उक्त हेड कांस्टेबल राजीव कुमार ने डांसर युवती अनमोल कौर को साथ लेकर एएसआई गणेश्वर कुमार के साथ मिलकर साजिश रची और मई 2017 में बैंक कर्मी भूषण कुमार और रेलवे कर्मी निहाल सिंह पर युवती अनमोल कौर के बयान पर थाना केनाल में दुष्कर्म करने के आरोपों के तहत केस दर्ज कर लिया था। केस दर्ज होने के बाद विशेष अदालत में केस ट्रायल के दौरान उक्त दुष्कर्म के केस में नामजद भूषण कुमार एवं निहाल सिंह ने अदालत के पास सबूत पेश किए कि यह मामला उन पर साजिश के तहत हेड कांस्टेबल राजीव कुमार ने बदला लेने के लिए झूठा दर्ज किया है।
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9 जुलाई 2021 को इस केस की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के जज बलजिंदर सिंह सरां ने भूषण कुमार एवं निहाल सिंह के वकीलों की दलीलों से सहमत होते हुए दोनों को उक्त केस में बरी करते हुए बरी किए गए निहाल सिंह को पचास हजार रुपये मुआवजा राशि देने के लिए आदेश दिए। इसके अलावा जज सरां ने अपने आदेश में लिखा कि निहाल सिंह एवं भूषण कुमार पर साजिश के तहत झूठा दुष्कर्म कर केस दर्ज करवाने वाली युवती अनमोल कौर, हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और एएसआई गणेश्वर कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया जाए लेकिन पुलिस ने इन आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करने की बजाय उसे किसी बहाने लटकाए रखा। इसी बात का फायदा उठाते हुए एएसआई गणेश्वर कुमार ने 22 जुलाई को अपने वकील के जरिये पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में विशेष अदालत के आदेशों को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट के जज ने उक्त याचिका की सुनवाई के लिए 26 अगस्त 2021 की तारीख डाल दी। हाईकोर्ट से जब एएसआई गणेश्वर कुमार को राहत नहीं मिली तो आखिरकार पुलिस ने शनिवार को विशेष अदालत के जज बलजिंदर सिंह सरां के आदेशों की पालना करते हुए दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करवाने वाली युवती अनमोल कौर, डिसमिस हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और एएसआई गणेश्वर कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी।
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जानकारी के अनुसार सितंबर 2010 में हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और उसके भाई का बैंक कर्मी भूषण कुमार और उसके भाई दिनेश कुमार के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस मामले में थाना केनाल पुलिस ने हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और उसके भाई पवन कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद सीजीएम रीटा हंस की अदालत में केस की सुनवाई चलने लगी। वर्ष 2017 के मार्च में जब सीजीएम रीटा हंस ने राजीव कुमार और उसके भाई पवन कुमार को दो वर्ष की सजा सुना दी तो हेड कांस्टेबल राजीव को विभाग ने नौकरी से डिसमिस कर दिया था।
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नौकरी से डिसमिस होने के बाद उक्त हेड कांस्टेबल राजीव कुमार ने डांसर युवती अनमोल कौर को साथ लेकर एएसआई गणेश्वर कुमार के साथ मिलकर साजिश रची और मई 2017 में बैंक कर्मी भूषण कुमार और रेलवे कर्मी निहाल सिंह पर युवती अनमोल कौर के बयान पर थाना केनाल में दुष्कर्म करने के आरोपों के तहत केस दर्ज कर लिया था। केस दर्ज होने के बाद विशेष अदालत में केस ट्रायल के दौरान उक्त दुष्कर्म के केस में नामजद भूषण कुमार एवं निहाल सिंह ने अदालत के पास सबूत पेश किए कि यह मामला उन पर साजिश के तहत हेड कांस्टेबल राजीव कुमार ने बदला लेने के लिए झूठा दर्ज किया है।
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9 जुलाई 2021 को इस केस की सुनवाई कर रहे विशेष अदालत के जज बलजिंदर सिंह सरां ने भूषण कुमार एवं निहाल सिंह के वकीलों की दलीलों से सहमत होते हुए दोनों को उक्त केस में बरी करते हुए बरी किए गए निहाल सिंह को पचास हजार रुपये मुआवजा राशि देने के लिए आदेश दिए। इसके अलावा जज सरां ने अपने आदेश में लिखा कि निहाल सिंह एवं भूषण कुमार पर साजिश के तहत झूठा दुष्कर्म कर केस दर्ज करवाने वाली युवती अनमोल कौर, हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और एएसआई गणेश्वर कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया जाए लेकिन पुलिस ने इन आदेशों पर तुरंत कार्रवाई करने की बजाय उसे किसी बहाने लटकाए रखा। इसी बात का फायदा उठाते हुए एएसआई गणेश्वर कुमार ने 22 जुलाई को अपने वकील के जरिये पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में विशेष अदालत के आदेशों को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट के जज ने उक्त याचिका की सुनवाई के लिए 26 अगस्त 2021 की तारीख डाल दी। हाईकोर्ट से जब एएसआई गणेश्वर कुमार को राहत नहीं मिली तो आखिरकार पुलिस ने शनिवार को विशेष अदालत के जज बलजिंदर सिंह सरां के आदेशों की पालना करते हुए दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करवाने वाली युवती अनमोल कौर, डिसमिस हेड कांस्टेबल राजीव कुमार और एएसआई गणेश्वर कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी।