हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: संकेतक बोर्ड पर पोती कालिख, शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग
लुधियाना के गांव ऐतिआणा की 162 एकड जमीन पर बन रहे इस हवाई अड्डे का नाम सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हलवारा रख दिया है। बोर्ड लगाने के बाद सरकार के इस फैसले का विरोध होने लगा। गांव ऐतिआणा की पंचायत समेत आसपास की दर्जनों पंचायत और हजारों लोग दस्तखत कर हवाई अड्डे का नाम शहीद सराभा के नाम पर रखने की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। कई राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्त्ता भी यही मांग करते आ रहे हैं।
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पंजाब के हलवारा में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार को इंकलाब जिंदाबाद लहर के संस्थापक सुखविंदर सिंह हलवारा ने समाजसेवी सुख जगराव और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर हवाई अड्डे के बोर्ड पर कालिख पोत दी। लुधियाना-बठिंडा राज्य मार्ग पर गांव हलवारा के सेम नाला पर लगे हवाई अड्डे के बोर्ड के समक्ष खड़े होकर सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी भी की।
इंकलाब जिंदाबाद लहर संगठन हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग रहा है और मांग पूरी ना होते देख विरोध स्वरूप बोर्ड पर कालिख पोत दी। इसके बाद शहीद करतार सिंह सराभा की फोटो के साथ अपनी मांग वाला बैनर भी टांग दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जिला ग्रामीण पुलिस मे हड़कंप मच गया और थाना सुधार के प्रभारी जसवीर सिंह बुट्टर सब इंस्पेक्टर निर्मल सिंह दल बल के साथ मौके पर तो पहुंचे लेकिन तब तक सुखविंदर सिंह हलवारा अपने साथिओं के जा चुके थे।
थाना सुधार के प्रभारी जसवीर सिंह बुट्टर ने बताया कि इंकलाब जिंदाबाद लहर के संस्थापक सुखविंदर सिंह हलवारा और सुख जगराव समेत कई अज्ञात के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। आरोपियों की तलाश मे छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपी अंडरग्राउंड हैं।
गांव हलवारा के सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का ने बताया कि सुखविंदर सिंह हलवारा उनके गांव का नागरिक है लेकिन ये काम करने से पहले उसने ना किसी से कोई बात की और ना ही सलाह मशविरा किया। सरपंच निक्का ने सुखविंदर सिंह हलवारा की इस कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि उन्होंने बोर्ड पर पोती कालिख को साफ करवा दिया है। किसी को भी कानून हाथ मे लेने का अधिकार नहीं है।
उधर, घटना को अंजाम देकर फरार सुखविंदर सिंह हलवारा ने फोन पर बताया कि उन्होंने डीसी लुधियाना से लेकर पंजाब और केंद्र सरकार तक कई बार अपनी मांग पहुंचाई लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। इसलिए अंधी-बहरी सरकारों को जगाने के लिए उन्होंने ये कदम उठाया है। इससे पहले भी उन्होंने यही कोशिश की थी लेकिन जिला ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारियों के विश्वास दिलवाने पर उन्होंने प्रदर्शन टाल दिया था। सुखविंदर सिंह हलवारा ने कहा कि सरकार उनके खिलाफ जीतने भी मुकद्दमे दर्ज कर दे लेकिन वो मांग पूरी होने तक संघर्ष करते रहेंगे।