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पंजाब विधानसभा चुनाव: लुधियाना में भाजपा के सामने प्रत्याशियों का टोटा, 2017 में तीनों उम्मीदवारों को मिली थी हार
Mon, 13 Dec 2021 03:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
वरिन्दर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
वरिन्दर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 13 Dec 2021 03:17 PM IST
सार
पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना के शहरी क्षेत्र में विधानसभा की छह सीट हैं। इसमें हलका ईस्ट, वेस्ट, साउथ, नार्थ, सेंट्रल और आत्मनगर शामिल है।
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पंजाब भाजपा।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। लेकिन हकीकत अभी यह है कि पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में अभी पार्टी को प्रत्याशियों के चयन में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
हालांकि भाजपा और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के साथ नया गठबंधन कर सीट शेयरिंग की बात चल रही है। लेकिन अभी तक कुछ फाइनल नहीं हो सका है। भाजपा की तरफ से सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले के बाद नई मुसीबत खड़ी हो गई है कि वह इतनी संख्या से प्रत्याशी कहां से लाए। ग्रामीण क्षेत्र तो दूर की बात इस समय शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं।
पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना के शहरी क्षेत्र में विधानसभा की छह सीट हैं। इसमें हलका ईस्ट, वेस्ट, साउथ, नार्थ, सेंट्रल और आत्मनगर शामिल है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का अकाली दल से साथ गठबंधन था। ऐसे में यहां पर भाजपा के हिस्से तीन सीटें आईं थी। इसमें नार्थ, वेस्ट और सेंट्रल शामिल हैं। अकाली दल के साथ गठबंधन होने के बावजूद भाजपा का एक प्रत्याशी भी चुनाव जीत नहीं पाया था। हलका नार्थ से प्रवीण बंसल, वेस्ट से कमल चेटली और सेंट्रल से गुरदेव शर्मा देबी भाजपा के प्रत्याशी थे। इस समय हलका वेस्ट के कमल चेटली भाजपा को अलविदा कह अकाली दल में शामिल हो चुके हैं। अब 2022 में होने वाले चुनावी रण को लेकर भाजपा नए चेहरों की तलाश कर रही है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से कोई भी अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है।
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जैसे जैसे चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है भाजपा के प्रत्याशियों का चुनाव एक चुनौती बनता जा रहा है। क्योंकि इन छह विधानसभा हलकों में प्रत्याशियों का चुनाव करना टेढ़ी खीर से कम नहीं है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है कि वह उन लोगों पर दांव लगाए जो कि जीत भी सकें। ऐसे में भाजपा आला नेताओं में इस समय माथा पच्ची का दौर शुरू हो चुका है। विजेता प्रत्याशियों के लिए भाजपा दूसरे दलों प नजर गढ़ाए हुए है। जिनका आधार विस हलकों में अच्छा है।
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हालांकि भाजपा और कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी के साथ नया गठबंधन कर सीट शेयरिंग की बात चल रही है। लेकिन अभी तक कुछ फाइनल नहीं हो सका है। भाजपा की तरफ से सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले के बाद नई मुसीबत खड़ी हो गई है कि वह इतनी संख्या से प्रत्याशी कहां से लाए। ग्रामीण क्षेत्र तो दूर की बात इस समय शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं।
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पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना के शहरी क्षेत्र में विधानसभा की छह सीट हैं। इसमें हलका ईस्ट, वेस्ट, साउथ, नार्थ, सेंट्रल और आत्मनगर शामिल है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का अकाली दल से साथ गठबंधन था। ऐसे में यहां पर भाजपा के हिस्से तीन सीटें आईं थी। इसमें नार्थ, वेस्ट और सेंट्रल शामिल हैं। अकाली दल के साथ गठबंधन होने के बावजूद भाजपा का एक प्रत्याशी भी चुनाव जीत नहीं पाया था। हलका नार्थ से प्रवीण बंसल, वेस्ट से कमल चेटली और सेंट्रल से गुरदेव शर्मा देबी भाजपा के प्रत्याशी थे। इस समय हलका वेस्ट के कमल चेटली भाजपा को अलविदा कह अकाली दल में शामिल हो चुके हैं। अब 2022 में होने वाले चुनावी रण को लेकर भाजपा नए चेहरों की तलाश कर रही है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से कोई भी अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है।
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जैसे जैसे चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है भाजपा के प्रत्याशियों का चुनाव एक चुनौती बनता जा रहा है। क्योंकि इन छह विधानसभा हलकों में प्रत्याशियों का चुनाव करना टेढ़ी खीर से कम नहीं है। भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है कि वह उन लोगों पर दांव लगाए जो कि जीत भी सकें। ऐसे में भाजपा आला नेताओं में इस समय माथा पच्ची का दौर शुरू हो चुका है। विजेता प्रत्याशियों के लिए भाजपा दूसरे दलों प नजर गढ़ाए हुए है। जिनका आधार विस हलकों में अच्छा है।
भारतीय जनता पार्टी के पास प्रत्याशियों की कमी नहीं है। पार्टी का शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छा खासा जनाधार है। प्रत्याशियों के चुनाव के लिए प्रदेश के नेता केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें कर रहे हैं, जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। -अनिल सरीन, प्रवक्ता, पंजाब भाजपा