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भाजपा हाईकमान तक पहुंचा काउंसिल उपाध्यक्ष का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Tue, 19 Apr 2016 10:12 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी
- फोटो : demo
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नगर काउंसिल के उपाध्यक्ष के चयन के बाद भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान व उपाध्यक्ष पद पर पहले काबिज रही भाजपा की पार्षद कंचन सेठी के बीच विवाद बढ़ गया है। फिलहाल नियमानुसार उपायुक्त के आदेश पर सोमवार को यह चुनाव कर उपाध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा विचारधारा वाली व आजाद तौर पर चुनाव जीतने वाली गीता रानी को काबिज कर दिया गया है।
वहीं कंचन सेठी का कहना है कि भाजपा की एक मात्र पार्षद होने से इस सीट पर उनका हक बनता था। पार्टी की जिला इकाई ने हाईकमान के आदेश को अनदेखा कर यह चुनाव किया है, जिसे लेकर उन्होंने उच्च स्तरीय नेताओं को मामले से अवगत करवाकर अपनी नाराजगी जता दी है।
गौरतलब है कि नई नगर काउंसिल बनने के समय भाजपा के चुनाव चिह्न पर सिर्फ वार्ड नंबर 10 में कंचन सेठी ने ही जीत हासिल की थी, जिसके सम्मान के तौर पर उनको अकाली दल के साथ सहयोग के दौरान नगर काउंसिल की उपाध्यक्ष की कुर्सी दी गई थी। एक साल का समय पूरा होने के बाद सोमवार को सीनियर उपाध्यक्ष की कुर्सी पर फिर गुरमेल सिंह ठेकेदार काबिज हो गए हैं। वहीं उपाध्यक्ष के चेहरे को बदलकर भाजपा जिला इकाई की सिफारिश पर गीता रानी को काबिज कर दिया गया है।
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गीता रानी का कहना है कि बेशक उन्होंने आजाद तौर पर चुनाव जीता है, लेकिन वे शुरू से भाजपा विचारधारा के साथ जुड़े रहे हैं। कंचन सेठी का कहना है कि उन्होंने इस पद के लिए भाजपा से एक साल का ओर समय मांगा था, लेकिन जिला प्रधान सतीश गोयल की ओर से महज अपनी दोस्ती की लिहाज पूरी करते हुए गीता रानी को इस पद के लिए चुना, जिस पर उनको ऐतराज है।
उनके अनुसार इस बारे में उन्होंने भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष विजय सांपला व पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हरजीत सिंह गरेवाल को अवगत करवाया है। उनकी ओर से जिला प्रधान के फैसले को आदेशों व नियमों के विपरीत बताया गया है।
भाजपा जिला के प्रधान सतीश गोयल का कहना है कि उन्होंने पार्टी नियमों व समय की जरूरत के मुताबिक यह फैसला लिया है, जो किसी भी तरह आत्म या स्वार्थ के साथ नहीं जुड़ा हुआ हैं। पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन हरजीत सिंह गरेवाल का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है, लेकिन नियमानुसार अब चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर कुछ नहीं किया जा सकता।
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वहीं कंचन सेठी का कहना है कि भाजपा की एक मात्र पार्षद होने से इस सीट पर उनका हक बनता था। पार्टी की जिला इकाई ने हाईकमान के आदेश को अनदेखा कर यह चुनाव किया है, जिसे लेकर उन्होंने उच्च स्तरीय नेताओं को मामले से अवगत करवाकर अपनी नाराजगी जता दी है।
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गौरतलब है कि नई नगर काउंसिल बनने के समय भाजपा के चुनाव चिह्न पर सिर्फ वार्ड नंबर 10 में कंचन सेठी ने ही जीत हासिल की थी, जिसके सम्मान के तौर पर उनको अकाली दल के साथ सहयोग के दौरान नगर काउंसिल की उपाध्यक्ष की कुर्सी दी गई थी। एक साल का समय पूरा होने के बाद सोमवार को सीनियर उपाध्यक्ष की कुर्सी पर फिर गुरमेल सिंह ठेकेदार काबिज हो गए हैं। वहीं उपाध्यक्ष के चेहरे को बदलकर भाजपा जिला इकाई की सिफारिश पर गीता रानी को काबिज कर दिया गया है।
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गीता रानी का कहना है कि बेशक उन्होंने आजाद तौर पर चुनाव जीता है, लेकिन वे शुरू से भाजपा विचारधारा के साथ जुड़े रहे हैं। कंचन सेठी का कहना है कि उन्होंने इस पद के लिए भाजपा से एक साल का ओर समय मांगा था, लेकिन जिला प्रधान सतीश गोयल की ओर से महज अपनी दोस्ती की लिहाज पूरी करते हुए गीता रानी को इस पद के लिए चुना, जिस पर उनको ऐतराज है।
उनके अनुसार इस बारे में उन्होंने भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष विजय सांपला व पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हरजीत सिंह गरेवाल को अवगत करवाया है। उनकी ओर से जिला प्रधान के फैसले को आदेशों व नियमों के विपरीत बताया गया है।
भाजपा जिला के प्रधान सतीश गोयल का कहना है कि उन्होंने पार्टी नियमों व समय की जरूरत के मुताबिक यह फैसला लिया है, जो किसी भी तरह आत्म या स्वार्थ के साथ नहीं जुड़ा हुआ हैं। पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन हरजीत सिंह गरेवाल का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है, लेकिन नियमानुसार अब चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर कुछ नहीं किया जा सकता।