{"_id":"622f566e74b09e7a8f075442","slug":"biggest-solar-tree-built-in-ludhiana-of-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये है दुनिया का सबसे बड़ा सोलर ट्री: रोजाना पैदा होगी 200 यूनिट बिजली, 25 साल है जिंदगी, 40 लाख रुपये लागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये है दुनिया का सबसे बड़ा सोलर ट्री: रोजाना पैदा होगी 200 यूनिट बिजली, 25 साल है जिंदगी, 40 लाख रुपये लागत
Mon, 14 Mar 2022 08:23 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 14 Mar 2022 08:23 PM IST
सार
प्रोफेसर हरीश हिरानी ने बताया कि इस सोलर ट्री को तैयार करने में उन्हें नौ माह लगे हैं। इसकी क्षमता 53.7 किलोवाट है यानी रोज करीब 160-200 यूनिट और साल में करीब 60 हजार यूनिट ग्रीन एनर्जी पैदा की जा सकती है।
विज्ञापन
सोलर ट्री
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर), सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फार्म मशीनरी गिल रोड ने 309.83 वर्ग मीटर में सोलर ट्री तैयार किया है। इन संस्थानों का दावा है कि यह दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा सोलर ट्री है। इससे सालाना करीब 60 हजार यूनिट क्लीन और ग्रीन एनर्जी तैयार की जा सकती है। इसको ऐसे डिजाइन किया गया है जिससे इसके प्रत्येक सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) पैनल को सूरज की अधिक से अधिक रोशनी मिल सके।
विज्ञापन
सीएसआईआर, सीएमईआरआई दुर्गापुर के डायरेक्टर प्रोफेसर हरीश हिरानी के नेतृत्व में सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट अश्वनी कुमार कुशवाहा, डॉ. मलाया करमाकर और प्रिंसिपल साइंटिस्ट एचपी इक्कुर्ति की टीम ने इसे विकसित किया है। इस सोलर ट्री को 21 जनवरी 2022 को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में शामिल किया जा चुका है।
विज्ञापन
प्रोफेसर हरीश हिरानी ने बताया कि इस सोलर ट्री को तैयार करने में उन्हें नौ माह लगे हैं। इसकी क्षमता 53.7 किलोवाट हैं यानी रह रोज करीब 160-200 यूनिट और साल में करीब 60 हजार यूनिट ग्रीन एनर्जी पैदा की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इसे अपनी आवश्यकता के अनुसार सेट किया जा सकता है। इसकी ऊंचाई इतनी है कि नीचे फसल लगाई जा सकती है।
विज्ञापन
सोलर ट्री ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने में सहायक होगा। इस सोलर ट्री की खासियत है कि जिन स्थानों पर बिजली नहीं है यह वहां पर ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। प्रोफेसर हरीश हिरानी का कहना है कि इसका स्ट्रक्चर स्टील से तैयार किया गया है। सोलर ट्री किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। बिजली की इससे बचत होगी। इसके नीचे कोल्ड स्टोर बना सकते है। सोलर एग्रीकल्चर पंप लगा सकते है।
क्या है खासियत
- सोलर ट्री की लाइफ 25 साल है
- सोलर ट्री की क्षमता 53.7 किलोवाट है
- 200 यूनिट तक बिजली रोज पैदा कर सकता है सोलर ट्री
- सोलर ट्री को बनाने में खर्च आया करीब 40 लाख रुपये
- सोलर ट्री को तैयार करने में लगे करीब नौ माह
- 335 वॉट वाले 160 पैनलों को जोड़कर बनाया गया