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पंजाब का जवान बलिदान: श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान गई जान; स्कूल मैदान में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Wed, 05 Nov 2025 06:27 PM IST
अंकेश ठाकुर कपिल गर्ग, बरनाला
कपिल गर्ग, बरनाला Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 05 Nov 2025 06:27 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक दिन पहले ड्यूटी के दौरान पंजाब के बरनाला जिले के गांव ठुल्लीवाल का सैन्य जवान बलिदान हो गया था। बुधवार को नायक जगसीर सिंह का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव ठुल्लीवाल के स्कूल मैदान में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

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Barnala soldier cremated with state honours
सैन्य सम्मान के साथ जगसीर सिंह का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में एक दिन पहले ड्यूटी के दौरान पंजाब के बरनाला जिले के गांव ठुल्लीवाल का सैन्य जवान बलिदान हो गया था। बुधवार को नायक जगसीर सिंह का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव ठुल्लीवाल के स्कूल मैदान में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सेना की टुकड़ी ने बलिदानी जवान को सलामी दी। जगसीर सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। जवान जगसीर सिंह (35) पुत्र सुखदेव सिंह सिख रेजिमेंट मदर यूनिट 27 में बतौर नायक के पद पर तैनात था।

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जगसीर के परिवार को सोमवार रात को उसके बलिदान की सूचना मिली। जवान जगसीर सिंह किसान परिवार से संबंध रखता था और दो बहनों का इकलौता भाई था। जगसीर की शादी 2015 में हुई थी। वह 10 साल के बच्चे का पिता था। परिवार को जैसे ही यह दुखद सूचना मिली तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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Barnala soldier cremated with state honours
विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद

गौरतलब है कि सैन्य जवान जगसीर सिंह 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। मार्च 2026 में जगसीर सेवानिवृत्त होना था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दे दिया।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर परिवार के सदस्यों, गांव की पंचायत ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि नायक जगसीर सिंह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। वह सेना में देश की सेवा करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद परिवार में कोई सहारा नहीं बचा। उन्होंने सरकार से सैनिक के परिवार को अनुग्रह राशि, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चे की शिक्षा की मांग की है। 

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