फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   bank, strike, 800, crore, clearing, effect

बैंकों में हड़ताल, लुधियाना में 800 करोड़ की क्लियरिंग प्रभावित

Fri, 08 Jan 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना Updated Fri, 08 Jan 2016 10:23 PM IST
विज्ञापन
bank, strike, 800, crore, clearing, effect
ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले बैंक मुलाजिमों ने शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ एक दिन की हड़ताल की। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक और निजी बैंकों को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के तमाम बैंकों में कामकाज ठप रहा।
विज्ञापन


मुलाजिमों ने पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के नेतृत्व में भारत नगर चौक पर धरना दिया और सरकार व एसबीआई प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। मुलाजिम नेताओं ने साफ किया कि यदि सहयोगी बैंकों के मुलाजिमों को उनके हक न दिए गए तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। बैंकों में हड़ताल के कारण आम आदमी को काफी परेशानी हुई, क्योंकि शनिवार और रविवार को बैंकों में छुट्टी है।  सचिव नरेश गौड़ ने बताया कि हड़ताल के कारण लुधियाना में 800 करोड़ की क्लियरिंग प्रभावित हुई।
विज्ञापन


पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रोष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुलाजिम मौजूद रहे। इसमें फेडरेशन के प्रधान पवन ठाकुर, सचिव नरेश गौड़, हरविंदर सिंह, राजेश वर्मा और डॉ. अरुण मित्रा मौजूद रहे। फेडरेशन नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ समय से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा सहयोगी बैंकों में एसबीआई की सेवा शर्तों को लागू करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसबीआई ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधित्व करने के अधिकारों को पैरों तले रौंद देना चाहती है। बैंकों की यूनियन द्वारा बातचीत के जरिए सहयोगी बैंकों में सेवा शर्तेें निर्धारित की गई हैं, लेकिन अब एसबीआई ये सब खत्म करके अपनी सेवा शर्तें सहयोगी बैंकों में थोपना चाहता है। यूनियनों के लगातार विरोध के बावजूद एक नई योजना सहयोगी बैंकों में अनुकंपा नियुक्ति को नकारते हुए अनुग्रह राशि के रुप में परिचित करवाया जा रहा है। सहयोगी बैंक भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं तो सरकार द्वारा स्वीकृत योजना को इन में भी लागू किया जाना चाहिए।



सचिव नरेश गौड़ ने कहा कि एसबीआई सहयोगी बैंकों का केवल शेयर होल्डर है, मालिक नहीं है। सहयोगी बैंकों की अपनी एक अलग पहचान है और वे देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एक हिस्सा हैं। गौड़ ने कहा कि एसबीआई की मनमानियों के खिलाफ मुलाजिम लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुलाजिम मौजूद रहे।

----------8 जनवरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed