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पंजाब के खेती वैज्ञानिक और किसान बहुत मेहनती हैं: बदनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 22 Sep 2016 09:44 PM IST
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लुधियाना के पीएयू में लगे किसान मेले के दौरान सम्मानित पांच अग्रणीय किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय किसान मेला वीरवार को शुरू हुआ। इसमें पंजाब भर से बड़ी गिनती में किसानों ने शिरकत की।
इस मेले में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर और पीएयू के वाइस चांसलर मुख्यातिथि मौजूद रहे। इसके अलावा कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। इस मौके पर जालंधर के गांव बहिराम निवासी अमरजीत सिंह और के संगरूर के गांव महिला के रहने वाले हाकम सिंह को प्रवासी भारती पुरस्कार 2016, जिला गुरदासपुर के गांव साहोवाल के चेतन वर्मा को सुरजीत सिंह ढिल्लों पुरस्कार 2016, पटियाला के गांव बिशनपुर छन्ना के राजमोहन सिंह कालेेका को दलीप सिंह धालीवाल यादगारी पुरस्कार 2016 और होशियारपुर के गांव मैली की विनोद कुमारी को सरदारनी जगबीर कौर यादगारी पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया गया
किसान मेले का उद्घाटन करते हुए बदनौर ने कहा कि पीएयू की ओर से की जा रही खेती खोज से न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश की खेतीबाड़ी को विशेष सहयोग मिल रहा है। यूनिवर्सिटी के खेती विज्ञान और पंजाब के किसानों की ओर से की जा रही मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्होंने सफेद मक्खी की रोकथाम में यूनिवर्सिटी माहिरों की ओर से निभाई अहम भूमिका की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि पंजाब की किसानी की खेती संबंधी समस्याओं को जितनी सूझबूझ से खेती वैज्ञानिक निपटते हैं, उसी कारण पंजाब खेती के सेक्टर में अन्य सूबों के मुताबिक अधिक तरक्की कर रहा है। खेती खोज को ओर बेहतर बनाने के लिए उन्होंने खेतीबाड़ी मंत्री को एक योजना बनाने के लिए भी कहा ताकि वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को पेश की जा सके। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से चलाए स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपने आस पास को साफ रखने की भी अपील की।
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इस मौके पर जत्थेदार तोता सिंह ने खेती फसलों के मंडीकरण प्रणाली पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेती फसलों के मंडीकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर की नीति अपनानी चाहिए। पीएयू के वीसी डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने किसान मेले में आए मेहमानों और किसानों का स्वागत किया। उन्होंने किसानों को धान की पराली को जलाने के बजाय उसकी संभाल की अपील की।
पीएयू खोज निर्देशक डॉ. आरके गुंबर ने यूनिवर्सिटी की ओर से किए जा रहे खेती खोज कार्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर डॉ. टीएस बाहराज, डॉ. जगदीश कुमार अरोड़ा, डॉ. विजय कुमार, डॉ. जीएस मानेस, डॉ. एमएस भुल्लर, सुखदेव सिंह सिधू को राज्य में सफेद मक्खी की रोकथाम में दिए अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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इस मेले में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर और पीएयू के वाइस चांसलर मुख्यातिथि मौजूद रहे। इसके अलावा कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। इस मौके पर जालंधर के गांव बहिराम निवासी अमरजीत सिंह और के संगरूर के गांव महिला के रहने वाले हाकम सिंह को प्रवासी भारती पुरस्कार 2016, जिला गुरदासपुर के गांव साहोवाल के चेतन वर्मा को सुरजीत सिंह ढिल्लों पुरस्कार 2016, पटियाला के गांव बिशनपुर छन्ना के राजमोहन सिंह कालेेका को दलीप सिंह धालीवाल यादगारी पुरस्कार 2016 और होशियारपुर के गांव मैली की विनोद कुमारी को सरदारनी जगबीर कौर यादगारी पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया गया
किसान मेले का उद्घाटन करते हुए बदनौर ने कहा कि पीएयू की ओर से की जा रही खेती खोज से न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश की खेतीबाड़ी को विशेष सहयोग मिल रहा है। यूनिवर्सिटी के खेती विज्ञान और पंजाब के किसानों की ओर से की जा रही मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्होंने सफेद मक्खी की रोकथाम में यूनिवर्सिटी माहिरों की ओर से निभाई अहम भूमिका की तारीफ की।
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उन्होंने कहा कि पंजाब की किसानी की खेती संबंधी समस्याओं को जितनी सूझबूझ से खेती वैज्ञानिक निपटते हैं, उसी कारण पंजाब खेती के सेक्टर में अन्य सूबों के मुताबिक अधिक तरक्की कर रहा है। खेती खोज को ओर बेहतर बनाने के लिए उन्होंने खेतीबाड़ी मंत्री को एक योजना बनाने के लिए भी कहा ताकि वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार को पेश की जा सके। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से चलाए स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपने आस पास को साफ रखने की भी अपील की।
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इस मौके पर जत्थेदार तोता सिंह ने खेती फसलों के मंडीकरण प्रणाली पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेती फसलों के मंडीकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर की नीति अपनानी चाहिए। पीएयू के वीसी डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने किसान मेले में आए मेहमानों और किसानों का स्वागत किया। उन्होंने किसानों को धान की पराली को जलाने के बजाय उसकी संभाल की अपील की।
पीएयू खोज निर्देशक डॉ. आरके गुंबर ने यूनिवर्सिटी की ओर से किए जा रहे खेती खोज कार्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर डॉ. टीएस बाहराज, डॉ. जगदीश कुमार अरोड़ा, डॉ. विजय कुमार, डॉ. जीएस मानेस, डॉ. एमएस भुल्लर, सुखदेव सिंह सिधू को राज्य में सफेद मक्खी की रोकथाम में दिए अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया।