पंजाब: अवैध निर्माण हटाने गई पुलिस टीम पर पथराव, डीएसपी समेत सात पुलिसकर्मी घायल
चमकौर साहिब की बंगाला बस्ती में सोमवार को अवैध निर्माण हटाने गई पुलिस पर बस्ती के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें एक डीएसपी समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। लोगों ने कब्जे हटाने आई जेसीबी मशीन के शीशे तोड़ दिए और उसके टायर फाड़ दिए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को शांत करवाया और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई को सात दिन के लिए रोक दिया। पुलिस ने नौ लोगों पर मामला दर्जकर लिया है।
जानकारी के अनुसार, चमकौर साहिब में सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत कई विकास कार्य चल रहे हैं। इसी कड़ी में बंगाला बस्ती के साथ लगती सरकारी जमीन पर भी निर्माण कार्य किया जाना है। प्रशासन की तरफ से बस्ती के लोगों को पहले भी नोटिस भेजे जा चुके थे। सोमवार दोपहर बंगाला बस्ती में अवैध निर्माण को हटाने के लिए जेसीबी मशीन चलाई गई।
इस दौरान पुलिस पार्टी भी वहां मौजूद थी। पीला पंजा चलते ही यहां रहने वाले लोग भड़क गए और उन्होंने जेसीबी मशीन को रोककर उसके शीशे तोड़ डाले और टायर फाड़ दिए। इसके बाद भड़के लोगों ने पुलिस पर भी ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। चमकौर साहिब के डीएसपी सुखजीत सिंह विर्क नाक और बाजू पर पत्थर लगने से घायल हो गए। इसके अलावा एएसआई धर्मपाल समेत उधम सिंह, राजिंदर सिंह, सतविंदर सिंह, सतपाल सिंह, सतिंदर सिंह और हरजीत सिंह भी घायल हो गए। सभी का चमकौर साहिब के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पथराव की सूचना मिलने के बाद जिले के कई थानों से भारी पुलिस बल और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से पहुंचे एसडीएम चमकौर साहिब हरप्रीत सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इस कार्रवाई को सात दिनों के लिए टाल दिया है।
एसडीएम हरप्रीत सिंह ने कहा कि इन लोगों को यहां से कब्जा हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए हैं। अब फिर सात दिन का समय दिया जा रहा है। कब्जा हटाने के लिए फिर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कभी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही कोई इस संबंध में प्रशासन से आकर मिला।
बंगाला बस्ती निवासी मानक, प्रीतो और बहादुर सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से यहां रह रहे हैं और उनके पास बिजली-पानी तक के कनेक्शन हैं। सरकार तथा प्रशासन धक्केशाही से उन्हें यहां से बेघर करने की कोशिश कर रहा है। ऐसा वह नहीं होने देंगे। किसी भी कीमत पर अपने घर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न तो उन्हें रहने के लिए कोई जगह दी जा रही है और न कोई मुआवजा। उन्होंने मंत्री चरनजीत सिंह के खिलाफ भी नाराजगी जताई।
हमले में घायल हुए डीएसपी सुखजीत सिंह विर्क ने कहा कि इस सारे घटनाक्रम संबंधी कार्रवाई करने के लिए एसएचओ को कहा गया है। पुलिस ने नौ लोगों पर मामला दर्जकर लिया है। एसएचओ गुरसेवक सिंह ने बताया कि हमला करने वाले जोगी, गिंदी, सोमा, करमला, अजे, गुलशन, राजा, पिरथी और गीता पर मामला दर्जकर लिया गया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।