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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाला : पीए के पिता और चचेरे भाई को विजिलेंस ने पूछताछ के लिए बुलाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में नामजद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा का 27 दिन बीतने के बाद भी कुछ अता पता नहीं है। अभी तक विजिलेंस के हाथ इतना भी सुराग नहीं लगा है कि मीनू पंकज मल्होत्रा पंजाब में है या फिर बाहर। विजिलेंस की टीम मीनू को गिरफ्तार करने के लिए अंधेरे में तीर चलाने जैसा काम कर रही है, बस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए इधर उधर छापामारी कर खानापूर्ति करने में जुटी हैं। अब बताया यह जा रहा है कि विजिलेंस की टीमें पीए की गिरफ्तारी के लिए पंजाब के साथ पड़ोसी राज्यों में भी दबिश के लिए गई हैं।
उधर, विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को मीनू पंकज मल्होत्रा के चचेरे भाई रॉबिन मल्होत्रा के साथ-साथ उसके पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। विजिलेंस की टीम ने उनसे कई सवाल जवाब किए और मीनू के बारे में भी पूछताछ की गई। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस को सुराग मिला था कि मीनू पंकज मल्होत्रा अपने चचेरे भाई रॉबिन मल्होत्रा के जरिये भी पैसे निवेश करता था और वह कांग्रेसी पार्षद का भी नजदीकी है। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने रॉबिन मल्होत्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि विजिलेंस के अधिकारी इस बात का तो खुलासा नहीं करते कि रॉबिन को बुलाया गया था, लेकिन इस बात को मान रहे हैं कि मीनू पंकज मल्होत्रा के पिता को पूछताछ के लिए ब्यूरो बुलाया गया था।
27 दिन बीतने के बावजूद भी विजिलेंस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है जिससे पता चल सके कि मीनू पंकज मल्होत्रा कहां है। ठेकेदार तेलू राम को पहले गिरफ्तार किया था। उससे अगले दिन पुलिस ने मीनू पंकज मल्होत्रा को नामजद कर लिया। पुलिस की तरफ से आशु को बाद में नामजद कर उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मीनू पंकज मल्होत्रा और उसके नजदीकी साथी इंद्रजीत इंदी का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। विजिलेंस की टीमों ने कई जगहों पर दोनों की तलाश में दबिश दी लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों का कहना है कि मीनू पड़ोसी राज्य राजस्थान में है तो कुछ लोगों को कहना है कि वह हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में हो सकता है। विजिलेंस की टीमें वहां भी रवाना हो चुकी हैं। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को उसके चचेरे भाई और पिता को पूछताछ के लिए बुलाया था ताकि उसका कुछ पता लगाया जा सके।
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कई जगहों पर रॉबिन के जरिये पैसा निवेश किया है मीनू ने
जांच के दौरान पता चला कि पूर्व मंत्री के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा ने कई जगहों पर अपना पैसा निवेश कर दिया था। रॉबिन और उसके नजदीकी पार्षद के जरिये उसने प्रापर्टियों, और धान और गेहूं रखने के लिए गोदाम लिया था। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेसी पार्षद और मीनू मल्होत्रा के बीच में भी पैसों का आदान प्रदान था और दोनों की ओर से गेहूं व चावल के गोदाम तक सांझे में डाले जाने की बातें भी मार्केट में निकलकर सामने आ रही हैं।
नगर निगम से मीनू की इमारतों के नक्शे का मांगा है रिकार्ड
बताया जा रहा है कि मीनू पंकज मल्होत्रा ने काफी प्रापर्टी बनाई है। करीब छह प्रापर्टी तो ऐसी हैं जिसका सारा रिकार्ड विजिलेंस के पास पहुंच चुका है। अब विजिलेंस ने मीनू पंकज मल्होत्रा की बनी इमारतों के नक्शों का रिकार्ड मांगा है। विजिलेंस ने शहर में मीनू की छह इमारतों की पहचान करके इसके दस्तावेज मांगे हैं। इससे अब निगम की बिल्डिंग ब्रांच में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार मीनू मल्होत्रा की कई इमारतों के नक्शे पास नहीं हैं। अगर अब विजिलेंस को यह जवाब दिया जाता है कि इन इमारतों के नक्शे पास नहीं हैं तो खुद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा कि शहर के पाश इलाकों में अवैध निर्माण कैसे हो गया। विजिलेंस के पत्र के बाद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारी फाइलों को खंगाल रहे हैं।
पूर्व मंत्री आशु के समय के अधिकारियों और पीए को भी पूछताछ के लिए बुलाया
बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने इस मामले में कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। पूर्व मंत्री के खिलाफ किसी तरह की कोई ढील नहीं बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की टीम ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के समय के फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ मुलाजिमों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके साथ उनके सरकारी तौर पर पीए रहे मुलाजिम को भी विजिलेंस की टीम ने पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक किसी भी अधिकारी ने नहीं की है। एसएसपी विजिलेंस रविंदरपाल सिंह संधू तो सिर्फ यह मानते हैं कि सिर्फ मीनू पंकज मल्होत्रा के पिता को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उन्हें पूछताछ के बाद वापस भेज दिया गया है, बाकी जांच की जा रही है।
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लुधियाना। अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में नामजद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा का 27 दिन बीतने के बाद भी कुछ अता पता नहीं है। अभी तक विजिलेंस के हाथ इतना भी सुराग नहीं लगा है कि मीनू पंकज मल्होत्रा पंजाब में है या फिर बाहर। विजिलेंस की टीम मीनू को गिरफ्तार करने के लिए अंधेरे में तीर चलाने जैसा काम कर रही है, बस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए इधर उधर छापामारी कर खानापूर्ति करने में जुटी हैं। अब बताया यह जा रहा है कि विजिलेंस की टीमें पीए की गिरफ्तारी के लिए पंजाब के साथ पड़ोसी राज्यों में भी दबिश के लिए गई हैं।
उधर, विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को मीनू पंकज मल्होत्रा के चचेरे भाई रॉबिन मल्होत्रा के साथ-साथ उसके पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। विजिलेंस की टीम ने उनसे कई सवाल जवाब किए और मीनू के बारे में भी पूछताछ की गई। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस को सुराग मिला था कि मीनू पंकज मल्होत्रा अपने चचेरे भाई रॉबिन मल्होत्रा के जरिये भी पैसे निवेश करता था और वह कांग्रेसी पार्षद का भी नजदीकी है। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने रॉबिन मल्होत्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि विजिलेंस के अधिकारी इस बात का तो खुलासा नहीं करते कि रॉबिन को बुलाया गया था, लेकिन इस बात को मान रहे हैं कि मीनू पंकज मल्होत्रा के पिता को पूछताछ के लिए ब्यूरो बुलाया गया था।
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27 दिन बीतने के बावजूद भी विजिलेंस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है जिससे पता चल सके कि मीनू पंकज मल्होत्रा कहां है। ठेकेदार तेलू राम को पहले गिरफ्तार किया था। उससे अगले दिन पुलिस ने मीनू पंकज मल्होत्रा को नामजद कर लिया। पुलिस की तरफ से आशु को बाद में नामजद कर उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मीनू पंकज मल्होत्रा और उसके नजदीकी साथी इंद्रजीत इंदी का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। विजिलेंस की टीमों ने कई जगहों पर दोनों की तलाश में दबिश दी लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों का कहना है कि मीनू पड़ोसी राज्य राजस्थान में है तो कुछ लोगों को कहना है कि वह हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में हो सकता है। विजिलेंस की टीमें वहां भी रवाना हो चुकी हैं। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को उसके चचेरे भाई और पिता को पूछताछ के लिए बुलाया था ताकि उसका कुछ पता लगाया जा सके।
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कई जगहों पर रॉबिन के जरिये पैसा निवेश किया है मीनू ने
जांच के दौरान पता चला कि पूर्व मंत्री के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा ने कई जगहों पर अपना पैसा निवेश कर दिया था। रॉबिन और उसके नजदीकी पार्षद के जरिये उसने प्रापर्टियों, और धान और गेहूं रखने के लिए गोदाम लिया था। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेसी पार्षद और मीनू मल्होत्रा के बीच में भी पैसों का आदान प्रदान था और दोनों की ओर से गेहूं व चावल के गोदाम तक सांझे में डाले जाने की बातें भी मार्केट में निकलकर सामने आ रही हैं।
नगर निगम से मीनू की इमारतों के नक्शे का मांगा है रिकार्ड
बताया जा रहा है कि मीनू पंकज मल्होत्रा ने काफी प्रापर्टी बनाई है। करीब छह प्रापर्टी तो ऐसी हैं जिसका सारा रिकार्ड विजिलेंस के पास पहुंच चुका है। अब विजिलेंस ने मीनू पंकज मल्होत्रा की बनी इमारतों के नक्शों का रिकार्ड मांगा है। विजिलेंस ने शहर में मीनू की छह इमारतों की पहचान करके इसके दस्तावेज मांगे हैं। इससे अब निगम की बिल्डिंग ब्रांच में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार मीनू मल्होत्रा की कई इमारतों के नक्शे पास नहीं हैं। अगर अब विजिलेंस को यह जवाब दिया जाता है कि इन इमारतों के नक्शे पास नहीं हैं तो खुद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा कि शहर के पाश इलाकों में अवैध निर्माण कैसे हो गया। विजिलेंस के पत्र के बाद बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारी फाइलों को खंगाल रहे हैं।
पूर्व मंत्री आशु के समय के अधिकारियों और पीए को भी पूछताछ के लिए बुलाया
बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने इस मामले में कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। पूर्व मंत्री के खिलाफ किसी तरह की कोई ढील नहीं बरती जा रही है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस की टीम ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के समय के फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ मुलाजिमों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके साथ उनके सरकारी तौर पर पीए रहे मुलाजिम को भी विजिलेंस की टीम ने पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक किसी भी अधिकारी ने नहीं की है। एसएसपी विजिलेंस रविंदरपाल सिंह संधू तो सिर्फ यह मानते हैं कि सिर्फ मीनू पंकज मल्होत्रा के पिता को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उन्हें पूछताछ के बाद वापस भेज दिया गया है, बाकी जांच की जा रही है।