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अध्यापकों ने फूंकी पंजाब सरकारी की अर्थी
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अध्यापकों ने फूंकी सरकार की अर्थी
जिला मुख्यालय पर अध्यापक संघर्ष कमेटी ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब
अध्यापक संघर्ष कमेटी पंजाब के प्रदेश कनवीनर दविंदर सिंह पूनिया की अगुवाई में जिला मुख्यालय पर अध्यापकों ने पंजाब सरकार की अर्थी फूंककर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मांगें पूरी करने की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले लंबे समय से अध्यापक वर्ग की जायज मांगें मानने संबंधी टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। मांगों को मानने के बाद भी लागू नही किया जा रहा। लंबे समय से विभिन्न बैठकों में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव ने सभी बैठकों को जायजा ठहराया। सरकार और अध्यापक संघर्ष कमेटी में पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब का रिव्यू करने की बात की गई, लेकिन इस रिव्यू के साथ साथ शिक्षा सचिव की ओर से अपनी मर्जी से अपर प्राइमरी स्कूलों के अध्यापकों के सेमिनार लगाए जा रहे हैं।
इन सेमिनारों के खिलाफ पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी जा रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते कहा कि पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट को बंद करे और सिलेबस अनुसार पढ़ाई करवाई जाए, कच्चे मुलाजिमों को रेगूलर किया जाए। इस अवसर पर राजेश कुमार, राजिंदर सिंह राजन, जोशील तिवाड़ी, संतोख सिंह, नाजर सिंह, जरनैल सिंह, दलबारा सिंह, पाल सिंह, जसवीर सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रितपाल सिंह, अच्छर सिंह, सतपाल सिंह उपस्थित थे।
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जिला मुख्यालय पर अध्यापक संघर्ष कमेटी ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब
अध्यापक संघर्ष कमेटी पंजाब के प्रदेश कनवीनर दविंदर सिंह पूनिया की अगुवाई में जिला मुख्यालय पर अध्यापकों ने पंजाब सरकार की अर्थी फूंककर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मांगें पूरी करने की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले लंबे समय से अध्यापक वर्ग की जायज मांगें मानने संबंधी टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। मांगों को मानने के बाद भी लागू नही किया जा रहा। लंबे समय से विभिन्न बैठकों में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव ने सभी बैठकों को जायजा ठहराया। सरकार और अध्यापक संघर्ष कमेटी में पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब का रिव्यू करने की बात की गई, लेकिन इस रिव्यू के साथ साथ शिक्षा सचिव की ओर से अपनी मर्जी से अपर प्राइमरी स्कूलों के अध्यापकों के सेमिनार लगाए जा रहे हैं।
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इन सेमिनारों के खिलाफ पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी जा रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते कहा कि पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब प्रोजेक्ट को बंद करे और सिलेबस अनुसार पढ़ाई करवाई जाए, कच्चे मुलाजिमों को रेगूलर किया जाए। इस अवसर पर राजेश कुमार, राजिंदर सिंह राजन, जोशील तिवाड़ी, संतोख सिंह, नाजर सिंह, जरनैल सिंह, दलबारा सिंह, पाल सिंह, जसवीर सिंह, सुखविंदर सिंह, प्रितपाल सिंह, अच्छर सिंह, सतपाल सिंह उपस्थित थे।
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