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केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के कार्यालय आगे किसानों का धरना
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:16 PM IST
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केंद्रीय मंत्री हरसिमरत के खिलाफ की नारेबाजी
मांग पत्र देने के लिए केंद्रीय मंत्री को बताया, फिर भी नहीं लिया मांग पत्र
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के कार्यालय आगे किसानों का धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। गांव महलकलां निवासी एक समाजसेवी को हुई उम्रकैद की सजा को माफ कराने के लिए किसान जत्थेबंदियों ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के बठिंडा स्थित कार्यालय के आगे धरना दिया। इस धरने में किसानों के अलावा आम लोगों ने भी शामिल हुए। किसानों एवं लोगों ने धरना लगाकर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ नारेबाजी की। मीडिया से बातचीत में किसान नेता गुरदीप सिंह और बूटा सिंह ने बताया कि वर्ष 1997 में महलकलां में एक युवती से रेप और हत्या के मामले में गठित संघर्ष कमेटी के सदस्य मनजीत सिंह धनेर ने आरोपियों को सजा दिलाई। उन्होंने बताया कि इसके कुछ समय बाद ही आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति दलीप सिंह की मौत हो गई। इसी व्यक्ति की मौत के आरोप में संघर्ष कमेटी के तीन लोगों प्रेम कुमार, नरायण दत्त और मनजीत सिंह धनेर को पुलिस ने नामजद कर लिया। जिस के बाद साल 2005 में बरनाला की अदालत ने संघर्ष कमेटी के तीनों को उम्रकैद की सजा सुना दी। उन्होंने बताया कि 2007 में सजा को पंजाब के राज्यपाल ने माफ कर दिया था। लेकिन इस के बाद आरोपी पक्ष के कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए और उन्होंने मनजीत सिंह धनेर की सजा को बरकरार करा दिया। मौजूदा समय में केस सुप्रीम कोर्ट में है और सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के राज्यपाल को फिर से केस विचार के लिए भेजा है। दोनों नेताओं ने बताया कि शनिवार को किसान एवं जत्थेबंदियों ने अपने हलके के सांसदों को मनजीत सिंह धनेर की सजा माफ कराने संबंधी मांग पत्र देने थे। इस संबंध में सभी सांसदों को तीन दिन पहले ही सूचना भेजी थी, इनमें केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी शामिल थी। बताने के बावजूद भी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने जत्थेबंदियों की ओर से मांग पत्र तो क्या अपने कार्यालय पर ही ताला लगवा दिया। विरोध में जत्थेबंदियों ने बादल के कार्यालय के आगे धरना लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर मनजीत सिंह धनेर की सजा माफी संबंधी कोई निर्णय न लिया गया तो वह बडे़ स्तर पर संघर्ष करेंगे।
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मांग पत्र देने के लिए केंद्रीय मंत्री को बताया, फिर भी नहीं लिया मांग पत्र
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के कार्यालय आगे किसानों का धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। गांव महलकलां निवासी एक समाजसेवी को हुई उम्रकैद की सजा को माफ कराने के लिए किसान जत्थेबंदियों ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के बठिंडा स्थित कार्यालय के आगे धरना दिया। इस धरने में किसानों के अलावा आम लोगों ने भी शामिल हुए। किसानों एवं लोगों ने धरना लगाकर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ नारेबाजी की। मीडिया से बातचीत में किसान नेता गुरदीप सिंह और बूटा सिंह ने बताया कि वर्ष 1997 में महलकलां में एक युवती से रेप और हत्या के मामले में गठित संघर्ष कमेटी के सदस्य मनजीत सिंह धनेर ने आरोपियों को सजा दिलाई। उन्होंने बताया कि इसके कुछ समय बाद ही आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति दलीप सिंह की मौत हो गई। इसी व्यक्ति की मौत के आरोप में संघर्ष कमेटी के तीन लोगों प्रेम कुमार, नरायण दत्त और मनजीत सिंह धनेर को पुलिस ने नामजद कर लिया। जिस के बाद साल 2005 में बरनाला की अदालत ने संघर्ष कमेटी के तीनों को उम्रकैद की सजा सुना दी। उन्होंने बताया कि 2007 में सजा को पंजाब के राज्यपाल ने माफ कर दिया था। लेकिन इस के बाद आरोपी पक्ष के कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए और उन्होंने मनजीत सिंह धनेर की सजा को बरकरार करा दिया। मौजूदा समय में केस सुप्रीम कोर्ट में है और सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के राज्यपाल को फिर से केस विचार के लिए भेजा है। दोनों नेताओं ने बताया कि शनिवार को किसान एवं जत्थेबंदियों ने अपने हलके के सांसदों को मनजीत सिंह धनेर की सजा माफ कराने संबंधी मांग पत्र देने थे। इस संबंध में सभी सांसदों को तीन दिन पहले ही सूचना भेजी थी, इनमें केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी शामिल थी। बताने के बावजूद भी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने जत्थेबंदियों की ओर से मांग पत्र तो क्या अपने कार्यालय पर ही ताला लगवा दिया। विरोध में जत्थेबंदियों ने बादल के कार्यालय के आगे धरना लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर मनजीत सिंह धनेर की सजा माफी संबंधी कोई निर्णय न लिया गया तो वह बडे़ स्तर पर संघर्ष करेंगे।