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अकाली भाजपा ने घेरा निगम दफतर, रोष प्रदर्शन करके की तालाबंदी

Wed, 25 Jul 2018 11:09 PM IST
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:09 PM IST
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अकाली भाजपा ने घेरा निगम दफतर, रोष प्रदर्शन करके की तालाबंदी
अकाली भाजपा ने घेरा निगम दफतर, रोष प्रदर्शन करके की तालाबंदी
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वर्करों ने लगाऐ कांग्रेस मुर्दाबाद के लगाए नारे, किया रोष प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शिरोमणि अकाली दल व भाजपा की तरफ से नगर निगम के जोन-ए लुधियाना की तालाबंदी कर दी गई। इससे पहले काफिले के रूप में निगम दफतर की तरफ कूच करते हुए हाथों में तखती पकड़े हुई थी। जिन पर अपने मुद्दे लिखे हुए थे। जिसमें विपक्षी कौंसलरा के कामों में दखल अंदाजी बंद करो, निगम हाऊस की मीटिंग समय पर करो, शहर निवासियों को साफ़ पीने वाला पानी मुहैया करवाओ, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसी भयानक बीमारियों से बचाने के लिए बंद की फागिंग पुन: चालू करो, नगर निगम मुलाजिमों को समय पर वेतन दो, टूटी सड़कों की रिपेयर करो, इस के साथ ही चाबी वाला मेयर नहीं चलेगा जैसे अहम मुद्दे लिखे हुए थे। यह जबरदस्त धरना-प्रदर्शन भाजपा के जिला प्रधान रविंदर अरोड़ा व अकाली दल के जिला प्रधान रणजीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में किया गया। इस मौके रणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि लोग लुधियाना की मौजूदा स्थिति के बारे भली भांति अवगत है। नगर निगम लुधियाना की आज जैसी बुरी स्थिति कभी नहीं हुई। कर्मियों को तीन-तीन महीने वेतन लेट दिया जा रहा है। नगर निगम के स्टोरों में एक भी थैला सीमेंट का नहीं है। जिसके साथ अपने विकास करवाएं जाएँ। इसके साथ ही बरसात से पहले शहर के सीवरेज की सफाई नहीं करवाई गई। इससे लोगों के घरों और फैक्टरियाँ, दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। शहर की सड़कें और गलियों में पानी के साथ बुरा हाल हो जाता है। शहर की लाईटें 40 फीसद तक बंद पड़ीं हैं। और नगर निगम के मेयर के पास अपने तौर पर फैसला करने के अधिकार नहीं हैं। कुल मिला कर शहर के हलात बद से भी बदतर बने हुए हैं। इस लिए नगर निगम में कई भी काम नहीं हो रहा, सभी काम ठप्प पड़े हैं। जिसके साथ लुधियाना शहर के लिए कोई भी फंड नहीं दिया जा रहा है। कैप्टन सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। पंजाब की सोई और बोली कांग्रेस सरकार को जगाने के लिए यह तालाबन्दी करनी जरूरी थी। लोगों की समस्याओं को गंभीरता के साथ न लेते हुए सरकार को जगाने के लिए तालाबंदी का प्रोग्राम बनाया गया था। इस धरने प्रदर्शन के दौरान यूथ अकाली दल के पदाधिकारियों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई।
इस मौके पर जिला भाजपा प्रधान रविंदर अरोड़ा ने कहा है कि पंजाब की कैप्टन सरकार ने लुधियाना नगर निगम का बजट 400 करोड़ रुपये से बढ़ाने की बजाय घटा कर रख दिया है। इसके साथ ही नगर निगम के मेयर बलकार सिंह संधू और कमिशनर जसकरन सिंह लुधियाना नगर निगम के लिए फंड लाने के में नाकाम रहे हैं। अरोड़ा ने कहा है कि जब से नगर निगम के काऊंसलर बने हैं उन को कोई भी वेतन जारी नहीं किया गया। सफाई कर्मचारियों, सफाई सेवकों, सीवरमैन और अन्य मुलाजीम को तनख्वाह नहीं मिल रही। जिस के लिए सोई हुई सरकार को जगाने के लिए तालाबंदी की जा रही है। उन्होंने का कि सरकार इस्तीफा दे कर नैतिकता के आधार पर घर बैठ जाये और अकाली भजपा सरकार को सरकार चलाने का मौका देे तो फिर देखे सरकार के खजाने किस तरह भरते हैं। बादल साहब फिर से सरकार के खजाने भरने के साथ साथ विकास कार्य की आंधी ला देंगे। इस मौके पर शिरोमणी अकाली दल के जिला प्रधान रणजीत सिंह ढिल्लों, भाजपा के जिला प्रधान रवींद्र अरोड़ा, नगर निगम के पूर्व मेयर हरचरन सिंह गोहलवडिय़ा, यूथ अकाली दल मालवा जोन 3 के पूर्व प्रधान तरसेम सिंह भिंडर, स्त्री अकाली दल की जिला प्रधान बीबी सुरिंदर कौर दयाल, दलित विकास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन विजय दानव, पिछड़ीं श्रेणियों कमीशन पंजाब बीसी टेढ़ापन के पूर्व वाइस चेयरमैन निर्मल सिंह, अकाली जत्था लुधियाना शहरी के पूर्व जिला प्रधान हरभजन सिंह समय (काऊंसलर), शिरोमणी अकाली दल एसस विंग के जिला प्रधान कुलदीप सिंह खालसा, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी के अलावा बड़ी संखया में अकाली भाजपा के तमाम पदाधिकारी और वर्कर शामिल थे।
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मेयर ने प्रदर्शन को विपक्ष की सियासत बताया
मेयर बलकार सिंह संधु ने अकाली-भाजपा गठबंधन की ओर से जोन-ए स्थित निगम मुख्यालय की तालाबंदी करने सहित किए गए रोष प्रदर्शन को विपक्ष की सियासत करार दिया है। मेयर ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन ने बीते दस सालों दौरान नगर निगम के खजाञने को खाली कर दिया था। इसके चलते आज निगम के पास फंडों की कमी है, लेकिन वे हालातों को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें कुर्सी संभाले सही तरीके से अभी दो माह ही हुए हैं, उन्हें कम से कम एक साल का वक्त देना चाहिए, ताकि वह शहर की हालत सुधार सकें।
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