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फैक्टरी के अंदर का रहस्य ही रेस्कयू में डाल रहा है बाधा
Updated Wed, 22 Nov 2017 10:19 PM IST
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रेस्क्यू में बाधक बना फैक्टरी के अंदर का रहस्य
- फैक्टरी मालिकों ने नहीं दी किसी तरह की कोई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सूफिया चौक में आगजनी के दौरान मलबे के ढेर में तब्दील हुई फैक्टरी के अंदर का रहस्य पता न चलने से फायर कर्मचारियों सहित 13 लोगों की जान चली गई और कई लोग मलबे में फंस गए। अब फैक्टरी के अंदर का रहस्य ही रेस्क्यू आपरेशन के आड़े आ रहा है। फायर कर्मचारियों के मुताबिक आगजनी के बाद फैक्टरी मालिक ने कॉलकर फायर ब्रिगेड को मदद के लिए तो बुला लिया, लेकिन उसने इन मददगारों को यह नहीं बताया कि फैक्टरी के अंदर केमिकल कितनी मात्रा में पड़ा हुआ है। यह बात उन्हें पता चल जाती तो वह उसी तरीके से फायर कंट्रोल करने की प्लानिंग के तहत आग पर काबू पाने का काम करते।
उधर, फैक्टरी ढहने के बाद से उनके परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं आया है। इससे बचाव दल को फैक्टरी के अंदर की पूरी बनावट के साथ साथ कहां क्या है, इसके बारे में पता नहीं चला। एनडीआरएफ टीम के मुताबिक जब भी बड़े शहरों में किसी बिल्डिंग में इस जैसे हालात पैदा होते हैं तो उन्हें बिल्डिंग का नक्शा मिल जाता है। इसी आधार पर उन्हें एंट्री, एग्जिट के साथ-साथ बिल्डिंग के अंदर की पूरी बनावट की जानकारी मिल जाती है। रेस्क्यू आपरेशन में इससे मदद मिलती है। हालांकि इसके लिए उन्होंने आस-पास के लोगों से ही जानकारी जुटाने की कोशिश की है।
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- फैक्टरी मालिकों ने नहीं दी किसी तरह की कोई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सूफिया चौक में आगजनी के दौरान मलबे के ढेर में तब्दील हुई फैक्टरी के अंदर का रहस्य पता न चलने से फायर कर्मचारियों सहित 13 लोगों की जान चली गई और कई लोग मलबे में फंस गए। अब फैक्टरी के अंदर का रहस्य ही रेस्क्यू आपरेशन के आड़े आ रहा है। फायर कर्मचारियों के मुताबिक आगजनी के बाद फैक्टरी मालिक ने कॉलकर फायर ब्रिगेड को मदद के लिए तो बुला लिया, लेकिन उसने इन मददगारों को यह नहीं बताया कि फैक्टरी के अंदर केमिकल कितनी मात्रा में पड़ा हुआ है। यह बात उन्हें पता चल जाती तो वह उसी तरीके से फायर कंट्रोल करने की प्लानिंग के तहत आग पर काबू पाने का काम करते।
उधर, फैक्टरी ढहने के बाद से उनके परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं आया है। इससे बचाव दल को फैक्टरी के अंदर की पूरी बनावट के साथ साथ कहां क्या है, इसके बारे में पता नहीं चला। एनडीआरएफ टीम के मुताबिक जब भी बड़े शहरों में किसी बिल्डिंग में इस जैसे हालात पैदा होते हैं तो उन्हें बिल्डिंग का नक्शा मिल जाता है। इसी आधार पर उन्हें एंट्री, एग्जिट के साथ-साथ बिल्डिंग के अंदर की पूरी बनावट की जानकारी मिल जाती है। रेस्क्यू आपरेशन में इससे मदद मिलती है। हालांकि इसके लिए उन्होंने आस-पास के लोगों से ही जानकारी जुटाने की कोशिश की है।
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