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जत्थेदार मक्कड़ ने पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल किए खड़े
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:36 PM IST
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मक्कड़ ने अकालियों के प्रदर्शन पर उठाए सवाल
एसजीपीसी के पूर्व प्रधान बोले, अकाली सरकार में हुईं बेअदबी की घटनाएं
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट का बायकाट करना उचित फैसला नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। बेअदबी की घटनाओं के पीछे अकाली दल को जिम्मेदार ठहराने की जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के बाद सूबे की सियासत गर्मा गई है। एसजीपीसी के पूर्व प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने रिपोर्ट को लेकर पार्टी नेतृत्व के रवैये व उसके बाद विरोध प्रदर्शनों पर सवाल खड़े किए हैं।
जत्थेदार मक्कड़ ने कहा कि अकाली सरकार में बेअदबी की घटनाओं पर कार्रवाई न होना, जस्टिस जोरा सिंह कमश्ीान की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करना और अब जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन रिपोर्ट पर विधानसभा में बहस से भागना व अब विरोध प्रदर्शन करना सिखों को इंसाफ नहीं दिलाता। श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं से सिखों के दिल छलनी हुए हैं। पूर्व में हमारी अकाली सरकार ही सत्ता में थी लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा जस्टिस जोरा सिंह आयोग का गठन पूर्व सरकार के समय किया गया, उसकी रिपोर्ट तक को तब चीफ सेक्रेटरी ने स्वीकार नहीं किया। आयोग के चेयरमैन को घंटो इंतजार करवाया। इससे इतने गंभीर मसले पर गंभीरता साफ हो जाती है। यदि उस वक्त ही दोषियों पर कार्रवाई होती तो आज यह दिन न देखने पड़ते।
जत्थेदार मक्कड़ ने मौजूदा कैप्टन सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के विधानसभा में पेश होने पर अकाली दल की ओर से बायकाट करने को भी उचित नहीं ठहराया और कहा कि पहले तो इस गंभीर मुद्दे पर बायकाट नहीं होना चाहिए था। इससे अलावा मामले में पुतले फूंकना कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के मनों में सही संदेश नहीं जा रहा है। अकाली दल व आम आदमी पार्टी व्यक्तिगत लोगों के पुतले फूंक रहे हैं, पुतले फूंकने है तो बेअदबी के दोषियों के फूंको। आज जरूरत इस बात की है कि सभी मिलकर बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाने के लिए काम करें।
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एसजीपीसी के पूर्व प्रधान बोले, अकाली सरकार में हुईं बेअदबी की घटनाएं
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट का बायकाट करना उचित फैसला नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। बेअदबी की घटनाओं के पीछे अकाली दल को जिम्मेदार ठहराने की जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के बाद सूबे की सियासत गर्मा गई है। एसजीपीसी के पूर्व प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने रिपोर्ट को लेकर पार्टी नेतृत्व के रवैये व उसके बाद विरोध प्रदर्शनों पर सवाल खड़े किए हैं।
जत्थेदार मक्कड़ ने कहा कि अकाली सरकार में बेअदबी की घटनाओं पर कार्रवाई न होना, जस्टिस जोरा सिंह कमश्ीान की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करना और अब जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन रिपोर्ट पर विधानसभा में बहस से भागना व अब विरोध प्रदर्शन करना सिखों को इंसाफ नहीं दिलाता। श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं से सिखों के दिल छलनी हुए हैं। पूर्व में हमारी अकाली सरकार ही सत्ता में थी लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा जस्टिस जोरा सिंह आयोग का गठन पूर्व सरकार के समय किया गया, उसकी रिपोर्ट तक को तब चीफ सेक्रेटरी ने स्वीकार नहीं किया। आयोग के चेयरमैन को घंटो इंतजार करवाया। इससे इतने गंभीर मसले पर गंभीरता साफ हो जाती है। यदि उस वक्त ही दोषियों पर कार्रवाई होती तो आज यह दिन न देखने पड़ते।
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जत्थेदार मक्कड़ ने मौजूदा कैप्टन सरकार द्वारा गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के विधानसभा में पेश होने पर अकाली दल की ओर से बायकाट करने को भी उचित नहीं ठहराया और कहा कि पहले तो इस गंभीर मुद्दे पर बायकाट नहीं होना चाहिए था। इससे अलावा मामले में पुतले फूंकना कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के मनों में सही संदेश नहीं जा रहा है। अकाली दल व आम आदमी पार्टी व्यक्तिगत लोगों के पुतले फूंक रहे हैं, पुतले फूंकने है तो बेअदबी के दोषियों के फूंको। आज जरूरत इस बात की है कि सभी मिलकर बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाने के लिए काम करें।
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