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जिंदगी और मौत में फंसे अपनों को बचाने में बेबस दिखे लोग

Mon, 20 Nov 2017 10:35 PM IST
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:35 PM IST
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जिंदगी और मौत में फंसे अपनों को बचाने में बेबस दिखे लोग
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मौत से जूझते रहे अपने, बेबस आंखें देखतीं रहीं
मौत बन लोगों पर गिरी प्लास्टिक फैक्टरी
मलबे के नीचे दबे लोगों के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल
प्रशासन और लोगों के पास बचाने की करते रहे फरियाद
राजीव शर्मा/विकास मल्होत्रा
लुधियाना।
चार मंजिला बिल्डिंग का मलबा, उसमें से घायलों की चीखों की आवाज, चाहते हुए भी लोग मलबे के नीचे दबे अपनों को बचाने में बेबस नजर आ रहे थे। लोग जिंदगी और मौत में फंसे अपने रिश्तेदारों को आंखों के सामने ही अपनों से दूर होते देख रहे थे। यह सब कुछ होने के बावजूद वह भगवान के इस काम के सामने बेबस थे। यह हालात थे सोमवार को इंडस्ट्री एरिया में आग के बाद गिरी चार मंजिला बिल्डिंग के मलबे के नीचे दबे लोगों के परिवारों का। सब एक दूसरे को पाठ और भगवान के आगे दुआ करने और भगवान पर भरोसा रखने का हौसला दे रहे थे। साथ ही वह बचाव कार्य में लगे प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के आगे भी अपने रिश्तेदारों को बचाने की अपील भी करते नजर आए।
इंडस्ट्री एरिया की चार मंजिला बिल्डिंग गिरने के हादसे में सोमवार को सब से ज्यादा बुरा हाल नीचे दबे फायर अधिकारियों और मुलाजिमों के परिवार वालों का था। भावाधस के नेता लक्ष्मण द्रविड़ भी इस मलबे के नीचे दबे हुए हैं। जिनके परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था। जैसे जैसे फायर अधिकारी और मुलाजिमों के परिवार वालों को उनके मलबे के नीचे दबे होने की खबर पहुंची उनके परिवार वाले भी घटना स्थल पर पहुंचने शुरु हो गए। पुलिस को इन के परिवार वालों को संभालना भी मुश्किल हो रहा था। बुजुर्ग बच्चे, महिलाएं सब अपने मलबे के नीचे दबे रिश्तेदारों की सलामती के लिए मौके पर पहुंचे थे जिनका रो रो कर बुला हाल था।
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फोन के जरिये मलबे के नीचे दबे लोगों से हुआ संपर्क
मलबे के नीचे दबे भावाधस के नेता लक्ष्मण द्रविड़ के परिवार के सदस्यों का सवा 12 बजे के करीब उनके साथ फोन पर संपर्क हुआ। उन्होंने कहा कि वह मलबे में दबे हुए है और पिछले कमरे में है। जिन पर मलबा बड़ी मात्रा में गिरा हुआ है। लेकिन वह सुरक्षित है। इसके बावजूद उनके परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल था। सब मौके पर बैठे पाठ भी कर रहे थे।
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संपर्क न होने के कारण बढ़ी रहीं दिल की धड़कनें
मलबे के नीचे दबे लोगों के साथ जितना समय मोबाइल या फिर किसी ओर तरीके के साथ संपर्क होता रहा। उतना समय परेशानी कम थी। जब देर दोपहर के बाद मलबे के नीचे से फोन बंद हो गए और उनके साथ संपर्क कट गया। उसके बाद परिवार के सदस्यों की परेशानी बढ़ गई।


एक व्यक्ति के सीने में फंसा सरिया
बचाव कार्य में लगे लोगों ने कहा कि फैक्टरी की पिछली साइड से चीखों की आवाज आ रही थी। जिसमें थोड़ा मलबा हटा कर पता लगा कि एक व्यक्ति के सीने में सरिया फंसा हुआ है। उसे बचाव कार्य की टीम भी निकालना चाहते हैं, लेकिन उस पर चार स्लैब लेंटर है। इसे उठाने के बाद ही उसे बचाया जा सकता है।
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