{"_id":"5bdf137bbdec22174b2c30c3","slug":"171541346171-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले सैक्डें अध्यापकों ने मार्च निकालने के बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले सैक्डें अध्यापकों ने मार्च निकालने के बाद
Updated Sun, 04 Nov 2018 09:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का कार्यालय घेरा
बठिंडा। सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों रविवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष धरना देकर सरकार खिलाफ नारेबाजी की। धरने के बाद दौ सौ से ज्यादा अध्यापकों ने शहर में मार्च कर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के कार्यालय का घेराव किया। अध्यापकों के े रोष को देखते हुए तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड ने वित्त मंत्री के ओेएसडी जगतार सिंह को मौके पर बुलाया। अध्यापकों ने मांगपत्र मंत्री के ओएसडी को सौंपा। मोर्चे के कनवीनर अश्वनी कुमार, रेशम सिंह, रजिंदर सिंह ने धरने को संबोधन करते हुए कहा कि सरकार वादे कर मुकर रही है। 27 अप्रैल मानी गई मांगें पूरी कराना अध्यापकों का पहला मकसद है। मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ होने वाली बैठक में अगर मांगे न मानी गई तो वह विधायकों एवं मंत्रियों की कोठियों के आगे रोष के तौर पर काली दीपावली मनाएंगे।
विज्ञापन
बठिंडा। सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों रविवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष धरना देकर सरकार खिलाफ नारेबाजी की। धरने के बाद दौ सौ से ज्यादा अध्यापकों ने शहर में मार्च कर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के कार्यालय का घेराव किया। अध्यापकों के े रोष को देखते हुए तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड ने वित्त मंत्री के ओेएसडी जगतार सिंह को मौके पर बुलाया। अध्यापकों ने मांगपत्र मंत्री के ओएसडी को सौंपा। मोर्चे के कनवीनर अश्वनी कुमार, रेशम सिंह, रजिंदर सिंह ने धरने को संबोधन करते हुए कहा कि सरकार वादे कर मुकर रही है। 27 अप्रैल मानी गई मांगें पूरी कराना अध्यापकों का पहला मकसद है। मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ होने वाली बैठक में अगर मांगे न मानी गई तो वह विधायकों एवं मंत्रियों की कोठियों के आगे रोष के तौर पर काली दीपावली मनाएंगे।