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अकाल तख्त साहेब दा इको नारा, इक्क पिंड इक्को गुरुद्वारा
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:04 PM IST
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दो गुुरुद्वारा साहिब एक गुरुघर में तब्दील
गांव दलोमाजरा के पुराने गुरुद्वारा साहिब में एसजीपीसी खोलेगी लाइब्रेरी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
श्री अकाल तख्त साहिब का नारा, एक गांव एक गुरुद्वारा के तहत सोमवार को गांव दलोमाजरा में दो गुरुद्वारों को एक गुरुघर में तब्दील कर दिया गया है। यह काम गांववासियों ने सर्वसम्मति से किया है। गांव के पुराने गुरुद्वारा साहिब में एसजीपीसी धार्मिक लाइब्रेरी खोलेगी। लाइब्रेरी में 50 हजार धार्मिक किताबें रखीं जाएंगी। लाइब्रेरी का नाम नवाब जस्सा सिंह आहलुवालिया रखा गया है।
इस मौके पर गांववासियों ने गांव में धार्मिक समारोह रखा। समारोह में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने हिस्सा लिया और पूरे अदब सत्कार के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को नगर कीर्तन के रूप में नए गुरुद्वारा साहिब में तब्दील करवाया। लौंगोवाल ने गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को तबदील करने की सेवा खुद निभाई। गुरु साहिब के सभी रास्तों पर रेड कारपेट बिछाया गया, आर्मी बैंड, स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार स्लामी दी और लोगों ने फूलों की वर्षा से गुरु साहिब का स्वागत किया।
लौंगोवाल ने कहा कि प्रधान बनते ही ये प्रण किया था कि सूबे के गांवों और शहरों में जात-पात की रीत खत्म कर अहम कदम उठाएंगे और एक गांव में कई गुरुद्वारों को एक जगह तब्दील किया जाएगा लौंगोवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1699 को दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना आनंदपुर साहिब से कर जात-पात की प्रथा खत्म की थी। इस मौके पर कार्यकारी जत्थेदार केसगढ़ साहिब रघुवीर सिंह, गुरचरन सिंह गरेवाल कमेटी सदस्य, धर्म प्रचार लहर सचिव परमजीत सिंह सरोआ, दलजीत सिंह बेदी, विधायक दीदार सिंह भट्टी, मैनेजर नत्था सिंह, अमरिंदर सिंह लिबड़ा, प्रो बिक्रमजीत सिंह मौजूद थे।
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लौंगोवाल बयान में उलझे, पंजोली ने संभाला मौका
पाकिस्तान सरकार की ोर से गुरुद्वारा श्री ननकाणा साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं में सहजधारी सिखों पर रोक लगाए जाने पर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने इस फंसले को सराहनीय करार देते कहा कि ननकाणा साहिब के दर्शनों के लिए साबतसूरत सिखों को ही जाने की इजाजत होनी चाहिए। लौगोंवाल के इस ब्यान पर स्थिति हास्यास्पद हो गई और बगल में बैठे एसजीपीसी सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने मौका संभालते कहा कि अध्यक्ष लौगोंवाल का यह कहना नहीं है कि श्री ननकाना साहिब कोई अन्य धर्म के लोग नहीं जा सकते, हम किसी को रोक नहीं सकते और न एसजीपीसी रोक लगा रही है। यह पाकिस्तान सरकार का फैसला है हमारा नहीं। वहीं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 9वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस में सूबे के इतिहास की जगह पीरों फकीरों के इतिहास पर टिप्पणी करतेलौंगोवाल ने कहा कि ये अति निंदनीय है। प्रदेश सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस बारे शिरोमणि कमेटी ने भी कड़ा नोटिस लिया है और सरकार को अवगत कराया है।
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गांव दलोमाजरा के पुराने गुरुद्वारा साहिब में एसजीपीसी खोलेगी लाइब्रेरी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
श्री अकाल तख्त साहिब का नारा, एक गांव एक गुरुद्वारा के तहत सोमवार को गांव दलोमाजरा में दो गुरुद्वारों को एक गुरुघर में तब्दील कर दिया गया है। यह काम गांववासियों ने सर्वसम्मति से किया है। गांव के पुराने गुरुद्वारा साहिब में एसजीपीसी धार्मिक लाइब्रेरी खोलेगी। लाइब्रेरी में 50 हजार धार्मिक किताबें रखीं जाएंगी। लाइब्रेरी का नाम नवाब जस्सा सिंह आहलुवालिया रखा गया है।
इस मौके पर गांववासियों ने गांव में धार्मिक समारोह रखा। समारोह में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने हिस्सा लिया और पूरे अदब सत्कार के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को नगर कीर्तन के रूप में नए गुरुद्वारा साहिब में तब्दील करवाया। लौंगोवाल ने गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को तबदील करने की सेवा खुद निभाई। गुरु साहिब के सभी रास्तों पर रेड कारपेट बिछाया गया, आर्मी बैंड, स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार स्लामी दी और लोगों ने फूलों की वर्षा से गुरु साहिब का स्वागत किया।
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लौंगोवाल ने कहा कि प्रधान बनते ही ये प्रण किया था कि सूबे के गांवों और शहरों में जात-पात की रीत खत्म कर अहम कदम उठाएंगे और एक गांव में कई गुरुद्वारों को एक जगह तब्दील किया जाएगा लौंगोवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1699 को दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना आनंदपुर साहिब से कर जात-पात की प्रथा खत्म की थी। इस मौके पर कार्यकारी जत्थेदार केसगढ़ साहिब रघुवीर सिंह, गुरचरन सिंह गरेवाल कमेटी सदस्य, धर्म प्रचार लहर सचिव परमजीत सिंह सरोआ, दलजीत सिंह बेदी, विधायक दीदार सिंह भट्टी, मैनेजर नत्था सिंह, अमरिंदर सिंह लिबड़ा, प्रो बिक्रमजीत सिंह मौजूद थे।
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लौंगोवाल बयान में उलझे, पंजोली ने संभाला मौका
पाकिस्तान सरकार की ोर से गुरुद्वारा श्री ननकाणा साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं में सहजधारी सिखों पर रोक लगाए जाने पर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने इस फंसले को सराहनीय करार देते कहा कि ननकाणा साहिब के दर्शनों के लिए साबतसूरत सिखों को ही जाने की इजाजत होनी चाहिए। लौगोंवाल के इस ब्यान पर स्थिति हास्यास्पद हो गई और बगल में बैठे एसजीपीसी सदस्य करनैल सिंह पंजोली ने मौका संभालते कहा कि अध्यक्ष लौगोंवाल का यह कहना नहीं है कि श्री ननकाना साहिब कोई अन्य धर्म के लोग नहीं जा सकते, हम किसी को रोक नहीं सकते और न एसजीपीसी रोक लगा रही है। यह पाकिस्तान सरकार का फैसला है हमारा नहीं। वहीं पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 9वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस में सूबे के इतिहास की जगह पीरों फकीरों के इतिहास पर टिप्पणी करतेलौंगोवाल ने कहा कि ये अति निंदनीय है। प्रदेश सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस बारे शिरोमणि कमेटी ने भी कड़ा नोटिस लिया है और सरकार को अवगत कराया है।