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मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए खजाना खाली होने का बहाना बनाना गैर वाजिब
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:20 PM IST
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खजाना खाली होने का बहाना बनाना गलत
अध्यापक यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान और सूबा जनरल सचिव ने विरोध जताया
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान दीदार सिंह मुदकी तथा सूबा जनरल सचिव हरजीत सिंह जीदा की ओर से सांझा ब्यान जारी किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब की ओर से अध्यापकों तथा मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए खजाने की बुरी स्थिति का हवाला देकर चुनाव समय किए वादे से भागना मुख्यमंत्री के इस तर्क को गैर वाजिब बताया। उन्होंने बताया कि 2016 में ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के लंबे संघर्ष की बदौलत पंजाब सरकार की ओर से बनाए द एडहॉक एंड कंट्रैक्ट इंप्लाइज वेलफेयर एक्ट 2016 के तहत मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए सरकारी की ओर से लिए फैसले तहत रेगुलर करने उपरांत मुलाजिमों को तीन साल तक पहला ही मिल रही तनख्वाह देने का फैसला किया गया था। तीन साल तक इन मुलाजिमों की तनख्वाह में किसी किस्म की बढ़ोतरी न किए जाने की स्थिति में खजाने पर कोई भी बोझ नहीं पड़ेगा। इस प्रकार मुख्यमंत्री खजाने का बहाना बना कर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और चुनाव समय किए वादे से भाग रहे हैं। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी वादे को पूरा करने समय खजाने का बहाना बनाना गैर वाजिब है।
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अध्यापक यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान और सूबा जनरल सचिव ने विरोध जताया
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
एसएसए/रमसा अध्यापक यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान दीदार सिंह मुदकी तथा सूबा जनरल सचिव हरजीत सिंह जीदा की ओर से सांझा ब्यान जारी किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब की ओर से अध्यापकों तथा मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए खजाने की बुरी स्थिति का हवाला देकर चुनाव समय किए वादे से भागना मुख्यमंत्री के इस तर्क को गैर वाजिब बताया। उन्होंने बताया कि 2016 में ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के लंबे संघर्ष की बदौलत पंजाब सरकार की ओर से बनाए द एडहॉक एंड कंट्रैक्ट इंप्लाइज वेलफेयर एक्ट 2016 के तहत मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए सरकारी की ओर से लिए फैसले तहत रेगुलर करने उपरांत मुलाजिमों को तीन साल तक पहला ही मिल रही तनख्वाह देने का फैसला किया गया था। तीन साल तक इन मुलाजिमों की तनख्वाह में किसी किस्म की बढ़ोतरी न किए जाने की स्थिति में खजाने पर कोई भी बोझ नहीं पड़ेगा। इस प्रकार मुख्यमंत्री खजाने का बहाना बना कर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहे हैं और चुनाव समय किए वादे से भाग रहे हैं। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी वादे को पूरा करने समय खजाने का बहाना बनाना गैर वाजिब है।