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डीआईजी जेल पंजाब ने किया केंद्रीय जेल बठिंडा का औचक दौरा
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:52 PM IST
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डीआईजी जेल पंजाब ने किया केंद्रीय जेल बठिंडा का औचक दौरा
गैंगस्टरों से लगातार जेल में मिल रहे मोबाइलों के बारे में जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
केंद्रीय जेल बठिंडा में बंद गैंगस्टरों व हवालातियों और कैदियों से लगातार मिल रहे मोबाइल व सिम को गंभीरता से लेते हुए पंजाब की जेलों के डीआईजी सुरिंदर सिंह सैणी ने वीरवार को केंद्रीय जेल बठिंडा का औचक दौरा किया। गैंगस्टरों से मिल रहे मोबाइल और सिम के संबंधी चिंता जाहिर करते हुए डीआईजी ने जेल अधिकारियों को जरूरी व सख्त आदेश दिए। करीब एक घंटे तक जेल का दौरा करने के बाद डीआईजी चले गए। बतातें चले कि पिछले दो दिन में जेल में बंद गैंगस्टर चरनजीत सिंह, जगतार सिंह, मलकीत सिंह, रणदीप सिंह, अमनदीप सिंह और सतनाम सिंह से मोबाइल व सिम मिले थे। उक्त सभी आरोपी केंद्रीय जेल के विशेष सैल में बंद है। ऐसे में आरोपियों से मोबाइल व सिम मिल जाना जेल की सुरक्षा में सेंधमारी है और जेल प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाते है।
इस संबंध में जब जेल अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सहोता से बात की तो उन्होंने डीआईजी के दौरे संबंधी ज्यादा जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि अभी डीआईजी जेल में ही हैं, थोड़ी देर बाद वह जानकारी दे देंगे। लेकिन जब करीब एक घंटे बाद जेल अधीक्षक सहोता को फिर से फोन किया गया तो उन्होंने घंटी बजने के बावजूद फोन नही उठाया। इस के बाद जब बठिंडा जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक मनजीत सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि डीआईजी सैणी जेल में आए थे और वह जेल अध्यक्ष को मिलकर चले गए। इस के अलावा जिला सेशन जज ने भी जेल की इंस्पेक्शन की है ।
जेल में बंद गैंगस्टरों से मोबाइल व सिम मिलने का पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। जेल में बंद आरोपियों से मोबाइल एवं सिम बरामद हों तो जेल प्रशासन थाने में केस दर्ज करवा देता है। लेकिन कभी भी जेल प्रशासन या पुलिस ने खुलासा नहीं किया कि आखिर जेल तक आरोपी के पास मोबाइल कैसे और किसकी सहायता से पहुंचा । इस संबंधी बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला से बात की गई तो उन्होंने जांच चलने का बहाना लगाते हुए बात को टाल दिया।
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गैंगस्टरों से लगातार जेल में मिल रहे मोबाइलों के बारे में जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
केंद्रीय जेल बठिंडा में बंद गैंगस्टरों व हवालातियों और कैदियों से लगातार मिल रहे मोबाइल व सिम को गंभीरता से लेते हुए पंजाब की जेलों के डीआईजी सुरिंदर सिंह सैणी ने वीरवार को केंद्रीय जेल बठिंडा का औचक दौरा किया। गैंगस्टरों से मिल रहे मोबाइल और सिम के संबंधी चिंता जाहिर करते हुए डीआईजी ने जेल अधिकारियों को जरूरी व सख्त आदेश दिए। करीब एक घंटे तक जेल का दौरा करने के बाद डीआईजी चले गए। बतातें चले कि पिछले दो दिन में जेल में बंद गैंगस्टर चरनजीत सिंह, जगतार सिंह, मलकीत सिंह, रणदीप सिंह, अमनदीप सिंह और सतनाम सिंह से मोबाइल व सिम मिले थे। उक्त सभी आरोपी केंद्रीय जेल के विशेष सैल में बंद है। ऐसे में आरोपियों से मोबाइल व सिम मिल जाना जेल की सुरक्षा में सेंधमारी है और जेल प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाते है।
इस संबंध में जब जेल अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सहोता से बात की तो उन्होंने डीआईजी के दौरे संबंधी ज्यादा जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा कि अभी डीआईजी जेल में ही हैं, थोड़ी देर बाद वह जानकारी दे देंगे। लेकिन जब करीब एक घंटे बाद जेल अधीक्षक सहोता को फिर से फोन किया गया तो उन्होंने घंटी बजने के बावजूद फोन नही उठाया। इस के बाद जब बठिंडा जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक मनजीत सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि डीआईजी सैणी जेल में आए थे और वह जेल अध्यक्ष को मिलकर चले गए। इस के अलावा जिला सेशन जज ने भी जेल की इंस्पेक्शन की है ।
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जेल में बंद गैंगस्टरों से मोबाइल व सिम मिलने का पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। जेल में बंद आरोपियों से मोबाइल एवं सिम बरामद हों तो जेल प्रशासन थाने में केस दर्ज करवा देता है। लेकिन कभी भी जेल प्रशासन या पुलिस ने खुलासा नहीं किया कि आखिर जेल तक आरोपी के पास मोबाइल कैसे और किसकी सहायता से पहुंचा । इस संबंधी बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला से बात की गई तो उन्होंने जांच चलने का बहाना लगाते हुए बात को टाल दिया।
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