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संशोधित फाइल
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:36 PM IST
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साढ़े सात घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला फैक्टरी मालिक का ड्राइवर
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। इंडस्ट्री एरिया में प्लास्टिक फैक्टरी में आग लगने के दौरान हुए ब्लास्ट के बाद गिरी बिल्डिंग में कई लोग मलबे में दब गए। साढ़े सात घंटे पांच मंजिल के मलबे में दबे रहने के बाद जिदगी और मौत से लड़ते हुए फैक्टरी मालिक का ड्राइवर विक्की को बचाव कार्य में लगे मुलाजिमों ने जिंदा बाहर निकाल लिया। संवेदना ट्रस्ट की एंबुलेंस उसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गए। जहां पहले से तैयार डाक्टरों की टीम ने तुरंत उसका इलाज शउरु कर दिया। अभी विक्की की हालत गंभीर है, लेकिन डाक्टरों के मुताबिक कुछ समय में वह पूरी तरह से होश में आ जाएगा।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन विक्की ने कहा कि वह साढ़े सात घंटे मौत के मुंह में रहा हूं। उसने कहा कि आग लगने के दौरान वह फैक्टरी की पहली मंजिल पर खड़ा था। इसी दौरान ऊपर दो छोटे छोटे ब्लास्ट हुए। जिसके बाद बिल्डिंग हिलने लगी। बिल्डिंग हिलने के बाद वह तुरंत नीचे की तरफ भागे। इसी दौरान बिल्डिंग में जोरदार धमाका हुआ और पूरी बिल्डिंग ही नीचे गिर गई। विक्की ने कहा कि वह लकड़ी की अलमारी के नीचे दब गया। धुआं निकलने के कारण अंदर काफी बुरा हाल हो रहा था। जब बचाव कार्य अलमारी तक पहुंचे तो वह जोर जोर से चिल्लाने लगा। इसी दौरान बचाव कर्मियों ने उसकी आवाज सुनी और उसे बाहुर निकाला। विक्की ने कहा कि उसकी पत्नी गर्भवति है और उसका पहला बच्चा है। उसके नीचे दबे होने की खबर सुन उसके परिवार और उसकी पत्नी का क्या हाल हो रहा होगा उसे नहीं पता। लेकिन वह जल्द ही अपने परिवार के साथ मिलना चाहता है ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर जाए।
फैक्टरी में नहीं था आग बुझाने का पूरा इंतजाम
इंडस्ट्री एरिया में प्लास्टिक फैक्टरी में आग तो लग गई, लेकिन फैक्टरी में आग पर काबू पाने के लिए किसी तरह का कोई सुविधा नहीं थी। आग पर काबू पाने के लिए आस-पास के लोग पहुंचे, लेकिन फैक्टरी में कोई साधन न होने के कारण फैक्टरी मालिक फायर ब्रिगेड के ही सहारे रहे। अगर आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड के आने से पहले फैक्टरी में लगे फायर सिस्टम से आग पर काबू पाया जाता तो इतना बड़ा नुकसान न होता।
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यह खड़े होते है सवाल
- किस ज्वलनशील पदार्थ से हुआ धमाता जिससे गिरी चार मंजिला इमारत
- क्या फैक्टरी में पड़े भारी मात्रा में कैमिकल को स्टाक करने की इजाजत ली गई थी।
- कैमिकल की आग पर काबू पाने के फैक्टरी मालिकों के पास थे क्या इंतजाम
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। इंडस्ट्री एरिया में प्लास्टिक फैक्टरी में आग लगने के दौरान हुए ब्लास्ट के बाद गिरी बिल्डिंग में कई लोग मलबे में दब गए। साढ़े सात घंटे पांच मंजिल के मलबे में दबे रहने के बाद जिदगी और मौत से लड़ते हुए फैक्टरी मालिक का ड्राइवर विक्की को बचाव कार्य में लगे मुलाजिमों ने जिंदा बाहर निकाल लिया। संवेदना ट्रस्ट की एंबुलेंस उसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गए। जहां पहले से तैयार डाक्टरों की टीम ने तुरंत उसका इलाज शउरु कर दिया। अभी विक्की की हालत गंभीर है, लेकिन डाक्टरों के मुताबिक कुछ समय में वह पूरी तरह से होश में आ जाएगा।
सिविल अस्पताल में उपचाराधीन विक्की ने कहा कि वह साढ़े सात घंटे मौत के मुंह में रहा हूं। उसने कहा कि आग लगने के दौरान वह फैक्टरी की पहली मंजिल पर खड़ा था। इसी दौरान ऊपर दो छोटे छोटे ब्लास्ट हुए। जिसके बाद बिल्डिंग हिलने लगी। बिल्डिंग हिलने के बाद वह तुरंत नीचे की तरफ भागे। इसी दौरान बिल्डिंग में जोरदार धमाका हुआ और पूरी बिल्डिंग ही नीचे गिर गई। विक्की ने कहा कि वह लकड़ी की अलमारी के नीचे दब गया। धुआं निकलने के कारण अंदर काफी बुरा हाल हो रहा था। जब बचाव कार्य अलमारी तक पहुंचे तो वह जोर जोर से चिल्लाने लगा। इसी दौरान बचाव कर्मियों ने उसकी आवाज सुनी और उसे बाहुर निकाला। विक्की ने कहा कि उसकी पत्नी गर्भवति है और उसका पहला बच्चा है। उसके नीचे दबे होने की खबर सुन उसके परिवार और उसकी पत्नी का क्या हाल हो रहा होगा उसे नहीं पता। लेकिन वह जल्द ही अपने परिवार के साथ मिलना चाहता है ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर जाए।
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फैक्टरी में नहीं था आग बुझाने का पूरा इंतजाम
इंडस्ट्री एरिया में प्लास्टिक फैक्टरी में आग तो लग गई, लेकिन फैक्टरी में आग पर काबू पाने के लिए किसी तरह का कोई सुविधा नहीं थी। आग पर काबू पाने के लिए आस-पास के लोग पहुंचे, लेकिन फैक्टरी में कोई साधन न होने के कारण फैक्टरी मालिक फायर ब्रिगेड के ही सहारे रहे। अगर आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड के आने से पहले फैक्टरी में लगे फायर सिस्टम से आग पर काबू पाया जाता तो इतना बड़ा नुकसान न होता।
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यह खड़े होते है सवाल
- किस ज्वलनशील पदार्थ से हुआ धमाता जिससे गिरी चार मंजिला इमारत
- क्या फैक्टरी में पड़े भारी मात्रा में कैमिकल को स्टाक करने की इजाजत ली गई थी।
- कैमिकल की आग पर काबू पाने के फैक्टरी मालिकों के पास थे क्या इंतजाम