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युवक एंव विरासत मेले के तीसरे दिन की शुरुआत भांगड़े से हुई।
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:32 PM IST
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युवक और विरासत मेले के तीसरे दिन की शुरुआत भंगड़े से हुई
लुधियाना। सतीश चंद्र धवन राजकीय महाविद्यालय में चल रहे पंजाब विश्वविद्यालय जोनल युवक एवं विरासत मेले का तीसरा दिन लोक एवं शास्त्रीय नृत्यों से सराबोर रहा। तीसरे दिन की शुरुआत पंजाब का लोक नाच भंगड़ा से हुआ, जिसमें कुल 8 महाविद्यालय ने हिस्सा लिया और दमखम के साथ अपनी कला और शक्ति का प्रदर्शन किया। भंगड़ा ने हजारों विद्यार्थियों की भीड़ को झूमने पर मजबूर करते हुए ये सिद्ध किया कि भारत वीरों-जवानों की धरती है। इसी प्रकार लोक नाच के बाद शास्त्रीय नृत्य में कॉलेजों के विद्यार्थियों ने अपने हाव-भाव, पैरों की थिड़कन और घुंघरुओं की झंकार से दर्शकों का मन मोह लिया। शास्त्रीय नृत्य में झहोने के तत्पश्चात दर्शकों ने समूह नाच का आनंद लिया जिसमें अलग-अलग राज्य से संबंध रखने वाले नाचों का जौहर प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा भी कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
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लुधियाना। सतीश चंद्र धवन राजकीय महाविद्यालय में चल रहे पंजाब विश्वविद्यालय जोनल युवक एवं विरासत मेले का तीसरा दिन लोक एवं शास्त्रीय नृत्यों से सराबोर रहा। तीसरे दिन की शुरुआत पंजाब का लोक नाच भंगड़ा से हुआ, जिसमें कुल 8 महाविद्यालय ने हिस्सा लिया और दमखम के साथ अपनी कला और शक्ति का प्रदर्शन किया। भंगड़ा ने हजारों विद्यार्थियों की भीड़ को झूमने पर मजबूर करते हुए ये सिद्ध किया कि भारत वीरों-जवानों की धरती है। इसी प्रकार लोक नाच के बाद शास्त्रीय नृत्य में कॉलेजों के विद्यार्थियों ने अपने हाव-भाव, पैरों की थिड़कन और घुंघरुओं की झंकार से दर्शकों का मन मोह लिया। शास्त्रीय नृत्य में झहोने के तत्पश्चात दर्शकों ने समूह नाच का आनंद लिया जिसमें अलग-अलग राज्य से संबंध रखने वाले नाचों का जौहर प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा भी कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।