फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Weapons are coming to Punjab from Madhya Pradesh in large numbers

Punjab: मध्य प्रदेश से पंजाब में धड़ल्ले से आ रहे है हथियार, ऑनलाइन कॉल पर होता है सौदा.. पुलिस को ये दिक्कत

Sat, 28 Sep 2024 02:44 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 28 Sep 2024 02:44 PM IST
सार

पिछले समय के दौरान पंजाब पुलिस ने 700 के करीब मध्य प्रदेश से निर्मित पिस्तौल बरामद की, जिसमें 80 अकेली जालंधर पुलिस कमिश्नरेट की हैं।

विज्ञापन
Weapons are coming to Punjab from Madhya Pradesh in large numbers
आरोपियों से बरामद हथियार - फोटो : X @DGPPunjabPolice

विस्तार

पंजाब में जहां पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ग्लॉक पिस्तौल आ रही हैं। वहीं, मध्य प्रदेश में बने पिस्तौल महाराष्ट्र सीमा से सटे गांवों के रास्ते पंजाब के गैंगस्टरों को बेचे जा रहे हैं। पंजाब में 32 बोर, 30 बोर के अलावा देसी कट्टे रोजाना पकड़े जा रहे हैं, जो मध्य प्रदेश से निर्मित होकर आ रहे हैं।  

विज्ञापन

गैरकानूनी हथियारों का नया निर्माण केंद्र 

मध्य प्रदेश के नक्शे पर उमेरती, बरिया, सिंगनोर और खरगौन नामक जगह किसी समय तक अनजान ही हुआ करती थीं। देसी कट्टे बनाने के लिए अब तक बिहार का मुंगेर और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, अलीगढ़ और मेरठ ही बदनाम थे, जहां यह कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले चुका था। लेकिन पिछले कुछ वर्ष के दौरान कई हथियार तस्करों की गिरफ्तारी ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को यह मानने को बाध्य कर दिया है कि देश में गैरकानूनी हथियारों का एक नया निर्माण केंद्र अस्तित्व में आ चुका है।

सिकलीगर बनाते हैं पिस्ताैल

पंजाब में बरामद इन पिस्तौलों के निर्माता अधिकतर सिकलीगर हैं। यह सिखों का लोहार समुदाय है जो परंपरागत रूप से चाकू, तलवारें और बंदूकें बनाने में माहिर है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस अवैध धंधे में इस समुदाय के करीब दो से तीन सौ परिवार संलिप्त हैं, जो हर माह एक हजार के करीब पिस्तौलें बनाते हैं। जहां देसी कट्टे की कीमत 7 से 10 हजार रुपये के बीच है। वहीं 32 बोर की 25 हजार व 30 बोर की 40 हजार रुपये में एमपी से मिलती हैं।

पुलिस अधिकारी बताते हैं कि पहले वे सिर्फ चाकू और तलवारें बनाते थे, बाद में देसी पिस्तौल भी बनाने लगे। पुलिस ने बरामद हथियारों की जांच की तो पाया कि इंदौर के दक्षिण में स्थित उमेरती गांव, जहां सिकलीगरों की अच्छी-खासी आबादी है, अवैध हथियारों के निर्माण का केंद्र माना जाता है। उमेरती महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है, जहां अनियार नदी दोनों राज्यों के बीच सरहद का काम करती है। बरिया से भी देसी कट्टा तैयार होकर आ रहे हैं। वहीं, 32 बोर की पिस्तौल खरगोन के सिग्नूर गांव भी ज्यादा बदनाम है।

बदलते समय के साथ अवैध हथियारों का निर्माण एवं सप्लाई करने वाले भी हाइटेक हो गए हैं। पुलिस से बचने के लिए हथियारों का धंधा सोशल मीडिया के जरिए हो रहा है। सोशल मीडिया पर फोटो भेजकर सौदेबाजी की जा रही है। सौदा तय होने के बाद हथियारों की डिलीवरी भी बताए पते पर करने के लिए रुपयों का लालच देकर युवाओं को कुरिअर बॉय की तरह उपयोग किया जा रहा है।

पुलिस की तहकीकात में मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के खकनार जनपद का पाचोरी गांव का नाम भी आया है। मप्र-महाराष्ट्र सीमा की सतपुड़ा पहाड़ी के जंगल में बसे पाचोरी गांव में 124 परिवार के करीब 920 से अधिक लोग निवास करते हैं। 50 से अधिक आपराधिक तत्व के लोगों पर हथियार सप्लाई करने के प्रकरण दर्ज है। पिस्टल, रिवाल्वर और कट्टे बनाने वाले अब गोलियां तक बनाने लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सौदा करने के लिए खरीदारों को जंगल में ले जाते हैं

हथियारों की बरामदगी में अहम रोल अदा करने वाले जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की सीआईए शाखा के इंस्पेक्टर सुरिंदर का कहना है पंजाब में जो भी पिस्तौल खरीदने के लिए मध्य प्रदेश जाते हैं, वहां पर बाहर मुख्य मार्ग पर ढाबे पर मुलाकात होती है। वहां से बाइक पर बैठाकर हथियारों के डीलर पंजाब के युवाओं को जंगल के बीच ले जाते हैं, जहां हथियार दिखाए जाते हैं। वहीं पर सौदा होता है और पैसे का लेनदेन भी। पंजाब पुलिस इनको ट्रैक कर रही है। लेकिन दिक्कत यह है कि ज्यादातर सौदागर ऑनलाइन कॉल्स का इस्तेमाल करते हैं। उनके नंबर भी स्क्रीन पर पूरे नहीं आते और सौदागर अपना नाम भी फर्जी बताते हैं। मसलन, बादशाह लवली आदि, इनके सहारे ट्रैक करने में दिक्कत है पर पुलिस काम कर रही है।

पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं मध्य प्रदेश के सौदागर...

पिछले दिनों पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने एमपी के हथियारों के सौदागरों को गिरफ्तार किया था। डीजीपी गौरव यादव का कहना था कि काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी नवजोत माहल की टीम ने मध्य प्रदेश में जिला खरगोन के गांव सिगनूर निवासी हरपाल सिंह व जिला बड़वानी के गांव बलवाड़ी निवासी किशोर सिंह राठौर को गिरफ्तार कर 32 बोर के 17 पिस्तौल और 35 मैगजीन बरामद की। आरोपी हथियार मध्य प्रदेश के राजा सिंह से लेकर आते थे। राजा सिंह घर में ही हथियार बनाने का काम करता था।

युवा बस में खरीदारी करने जाते हैं पिस्तौल...

पंजाब से युवा गैंगस्टरों के झांसे में आकर पिस्तौल की खरीदारी करने के लिए बसों में सवार होकर जाते हैं और वहां पर सिंधवां इलाके में उतर जाते हैं। पिस्तौल की खरीदारी कर बैग व अटैची में डालकर बस में आराम से बैठकर पंजाब आ जाते हैं। पंजाब में दाखिल होने वाली बसों में बैठी सवारियों के सामान की जांच कम ही हो पाती है, जिसका फायदा गैंगस्टरों को मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed