{"_id":"5790b4374f1c1bb52ac4bc3d","slug":"vigilance-complaint-in-vigilance-mayor-deputy-mayor-congress-party-jalandhar-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेयर और कमिश्नर के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर और कमिश्नर के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 21 Jul 2016 09:34 PM IST
विज्ञापन
विजिलेंस
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोड स्वीपिंग मशीन में धांधली की आशंका पर कांग्रेसी नेताओं ने वीरवार को मेयर सुनील ज्योति और निगम कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा के खिलाफ एसएसपी विजिलेंस को शिकायत दी है। कांग्रेसियों के अनुसार इस मशीन के नाम पर करोड़ों का घोटाला होगा। एसएसपी अलका मीना ने कहा कि वह इस मामले की जांच करवाएंगी।
जिला कांग्रेस के प्रधान राजिंदर बेरी व वरिष्ठ नेता जगदीश राजा ने कहा कि सड़कों की सफाई करने को लेकर नगर निगम जालंधर रोड स्वीपिंग मशीन को ठेके पर ले रहा है। इस पर एक साल का 5.82 करोड़ रुपये खर्च आएगा, जबकि पांच साल में करीब 30 करोड़ देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है, क्योंकि अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एक साल के लिए सड़कों की सफाई का ठेका महज 60.57 लाख में किया है। इस हिसाब से पांच साल का खर्च 3 करोड़ रुपये तक आएगा।
उन्होंने कहा कि अगर तीन करोड़ रुपये में अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट यह मशीन ले रहा है तो जालंधर नगर निगम 27 करोड़ रुपये क्यों ज्यादा दे रहा है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में मेयर और निगम कमिश्नर जिम्मेदार हैं। कांग्रेसियों ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एफएंडसीसी की पहली बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई थी। दूसरी मीटिंग में इस पर कनफर्मेशन के लिए विचार होना था। कांग्रेसियों ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए। इस दौरान निर्मल सिंह निम्मा, जूनियर हैनरी मौजूद थे।
विज्ञापन
जिला कांग्रेस के प्रधान राजिंदर बेरी व वरिष्ठ नेता जगदीश राजा ने कहा कि सड़कों की सफाई करने को लेकर नगर निगम जालंधर रोड स्वीपिंग मशीन को ठेके पर ले रहा है। इस पर एक साल का 5.82 करोड़ रुपये खर्च आएगा, जबकि पांच साल में करीब 30 करोड़ देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन बहुत बड़ा घोटाला करने जा रहा है, क्योंकि अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एक साल के लिए सड़कों की सफाई का ठेका महज 60.57 लाख में किया है। इस हिसाब से पांच साल का खर्च 3 करोड़ रुपये तक आएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर तीन करोड़ रुपये में अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट यह मशीन ले रहा है तो जालंधर नगर निगम 27 करोड़ रुपये क्यों ज्यादा दे रहा है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में मेयर और निगम कमिश्नर जिम्मेदार हैं। कांग्रेसियों ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एफएंडसीसी की पहली बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई थी। दूसरी मीटिंग में इस पर कनफर्मेशन के लिए विचार होना था। कांग्रेसियों ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए। इस दौरान निर्मल सिंह निम्मा, जूनियर हैनरी मौजूद थे।