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श्रीराम पर टिप्पणी करने वाली सहायक प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी ने दिखाया बाहर का रास्ता
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जालंधर। श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना एक यूनिवर्सिटी की सहायक महिला प्रोफेसर को मंहगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी ने महिला सहायक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया। महिला सहायक प्रोफेसर की तरफ से भगवान श्री राम के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सोशल मीडिया पर काफी तूल पकड़ गया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आनन-फानन मे कार्रवाई करते हुए महिला सहायक प्रोफेसर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले में सफाई पेश करते हुए कहा है कि यूनिवर्सिटी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह विचार महिला सहायक प्रोफेसर के निजी विचार हैं। मामला बिगड़ता देख महिला सहायक प्रोफेसर ने अपनी इस पोस्ट को डिलीट कर मामला ठंडा करने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर का सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुआ। इस ऑडियो क्लिप में उन्होंने कहा है कि रावण दिल से एक बहुत अच्छा आदमी था व भगवान राम ने रावण के खिलाफ षड्यंत्र रचा था। इसमें यह भी कहा गया है कि सीता का अपहरण श्रीराम का ‘प्लान’ था। यह रावण की गलती नहीं थी, जो उन्हें श्रीलंका ले गया था।
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इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यूनिवर्सिटी व खुद महिला प्रोफेसर लोगों के निशाने पर आ गईं। टिप्पणी से लोगों में रोष फैल गया व महिला सहायक प्रोफेसर को सोशल मीडिया पर ही काफी खरी-खोटी भी सुनाई। मामला ज्यादा बढ़ता देख यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इंस्टाग्राम पर स्पष्टीकरण भी दिया और इस बयान को महिला सहायक प्रोफेसर का निजी बयान बताकर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। यूनिवर्सिटी ने जारी बयान में कहा है कि विश्वविद्यालय उनका किसी भी तरह का कोई समर्थन नहीं करता है। सहायक प्रोफेसर को नौकरी से हटा दिए गया है व यूनिवर्सिटी प्रशासन इस घटना के दिए खेद प्रकट करता है।
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यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले में सफाई पेश करते हुए कहा है कि यूनिवर्सिटी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। यह विचार महिला सहायक प्रोफेसर के निजी विचार हैं। मामला बिगड़ता देख महिला सहायक प्रोफेसर ने अपनी इस पोस्ट को डिलीट कर मामला ठंडा करने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर का सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप काफी वायरल हुआ। इस ऑडियो क्लिप में उन्होंने कहा है कि रावण दिल से एक बहुत अच्छा आदमी था व भगवान राम ने रावण के खिलाफ षड्यंत्र रचा था। इसमें यह भी कहा गया है कि सीता का अपहरण श्रीराम का ‘प्लान’ था। यह रावण की गलती नहीं थी, जो उन्हें श्रीलंका ले गया था।
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इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यूनिवर्सिटी व खुद महिला प्रोफेसर लोगों के निशाने पर आ गईं। टिप्पणी से लोगों में रोष फैल गया व महिला सहायक प्रोफेसर को सोशल मीडिया पर ही काफी खरी-खोटी भी सुनाई। मामला ज्यादा बढ़ता देख यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इंस्टाग्राम पर स्पष्टीकरण भी दिया और इस बयान को महिला सहायक प्रोफेसर का निजी बयान बताकर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। यूनिवर्सिटी ने जारी बयान में कहा है कि विश्वविद्यालय उनका किसी भी तरह का कोई समर्थन नहीं करता है। सहायक प्रोफेसर को नौकरी से हटा दिए गया है व यूनिवर्सिटी प्रशासन इस घटना के दिए खेद प्रकट करता है।