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553 किमी की सीमा पर पाक तस्करों के दो दर्जन सॉफ्ट टारगेट
Sun, 23 Aug 2020 10:06 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:06 AM IST
सार
- आईएसआई की रहती है नजर, पाक में बैठे 12 से अधिक बड़े तस्कर चला रहे हैं नेटवर्क
- 70 में से 15 किमी के क्षेत्र में सात जगहों पर रावी दरिया पाक व भारत में करती है प्रवेश
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
भारत-पाक सीमा का 553 किलोमीटर का इलाका पंजाब से सटा है। यह क्षेत्र नारको-टेरररिज्म के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का सॉफ्ट टारगेट बन चुका है। सीमा से सटे 27 क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर घुसपैठ व तस्करी अधिक होती है। इनके पीछे पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उसकी गोद में खेल रहे 12 से अधिक बड़े तस्कर हैं। ये सभी पंजाब में हेरोइन की खेप धकेल रहे हैं, जिसे कनाडा, अमेरिका व देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है।
इस काली कमाई का पैसा भारत में आतंकवाद को खड़ा करने पर खर्च किया जा रहा है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के लाहौर में बैठे वारिस डोगर, शकील डोगर, बूटा रियात, आरिफ, हाजी, नवाज, लियाकत और अहमद्दीन, काफिल मसीह उर्फ कोदर, कालू, बिलाल राणा, आबाद अली, भोला नदीन, कादर शाह वली, मोहम्मद काजिफ और अली मुख्य रूप से पंजाब में तस्करी का धंधा कर रहे हैं।
एजेंसियों ने जो जानकारी दी है वह काफी चौंकाने वाली है कि पंजाब के दो दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां पाक तस्करों का सीधा संपर्क है। पाक तस्कर फिरोजपुर के निहाला किलचा, बारेके, रत्तोके, खाने के हयात, पल्लामेघा, टेंडी वाला, गजनीवाला, दोना मस्ता, गट्टी हयात, माछीवाड़ा, मब्बोके, हबीबके, तरनतारन के गांव नौशहरा ढाला, हवेलियां, ठट्टा, धुन ढाए वाला, राजा ताल और अमृतसर के गांव दाउके, रणिया, कक्कर कलां, खालड़ा के कई लोग पाक के तस्करों के संपर्क में रहते हैं।
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रावी दरिया और सतलुज का पानी सीमा से होकर निकलता है
फिरोजपुर-खेमकरण और अमृतसर के रामदास सेक्टर के बीच सीमा पर कई ऐसे इलाके हैं, जहां सतलुज और रावी दरिया का पानी फेंसिंग को छूकर गुजरता है। इसी का फायदा तस्कर उठाते रहे हैं। पिछले चार साल में इस रास्ते पर 20 बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी हैं। यहां पाक तस्कर दरिया में हेरोइन व हथियार लेकर उतरते हैं और तैरते हुए इस पार आकर इसे खेतों में छिपा जाते हैं। इन इलाकों में बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी जाती रही हैं।
जलकुंभी होने के कारण हेरोइन छिपाना आसान
गुरदासपुर और पठानकोट के 70 किलोमीटर में से 15 किमी के इलाके में सात जगहों पर रावी दरिया पाकिस्तान व भारत में प्रवेश करती है। तस्कर इसी दरिया से हेरोइन भेजते हैं। यहां बड़ी मात्रा में जलकुंभी होने के कारण हेरोइन छिपाना आसान है। मकौड़ा, आदियां, चंदू वडाला, रोसा, मोमनपुर, नंगली घाट व धर्मकोट बांगर संवेदनशील क्षेत्र हैं। घुसपैठ के लिए बमियाल सेक्टर का इस्तेमाल होता आया है। यहीं से पाक घुसपैठियों ने पठानकोट एयरबेस और दीनानगर पुलिस थाने पर कब्जा किया था।
प्लास्टिक की पाइप डाल हेरोइन भेजते हैं तस्कर
तरनतारन का 105 किलोमीटर का इलाका पाक से सटा है, जिसमें नौशहरा ढाला, खालड़ा, अमरकोट व खेमकरण चार प्रमुख हैं। यहां भी दोनों ओर खेत हैं। तस्कर कंटीले तार के बीच प्लास्टिक की पाइप डाल हेरोइन भेजते हैं। बरसात में कंटीले तार डूब जाते हैं। इसलिए तस्कर खुद घुसपैठ कर हेरोइन पहुंचाने की कोशिश करते हैं। बरसात में सरकंडे ऊंचे होते हैं और घुसपैठियों व तस्करों को इसका फायदा मिलता है। फिरोजपुर व फाजिल्का की 90 किलोमीटर की सीमा में यहां सतलुज नदी कई जगहों पर पाकिस्तान में प्रवेश करने के बाद भारतीय क्षेत्र में बहती है। हुसैनीवाला, टिंडीवाला, बस्ती रामलाल व ममदोट सबसे संवेदनशील हैं। फिरोजपुर का क्षेत्र पाक तस्कर अपने लिए सॉफ्ट टारगेट मानकर चलते हैं।
तस्करी का बड़ा मुनाफा आतंकवादियों को जाता है
अफगानिस्तान में हेरोइन तैयार होती है, जो पाकिस्तान के रास्ते पंजाब भेजी जाती है और यहां से सीधे यूरोप में भेजी जाती है। पंजाब एक ट्रांजिस्ट प्वाइंट के रूप में बन चुका है। हेरोइन की इतनी बड़ी खेप को एजेंसियों के अधिकारी नारको-टेरोरिज्म का हिस्सा मान रहे हैं। उनका कहना है कि तस्करी का बड़ा मुनाफा आतंकवादी संगठनों को भेजा जाता है, क्योंकि हेरोइन की तस्करी में यूरोप व अफगानिस्तान के दाम में जमीन आसमान का अंतर है। पंजाब के काफी लोग तस्करी के धंधे में उतर चुके हैं और पाक से आने वाली हेरोइन को आगे दिल्ली व कनाडा तक पहुंचा रहे हैं। इस कारोबार में नामी लोग आ चुके हैं।
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इस काली कमाई का पैसा भारत में आतंकवाद को खड़ा करने पर खर्च किया जा रहा है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के लाहौर में बैठे वारिस डोगर, शकील डोगर, बूटा रियात, आरिफ, हाजी, नवाज, लियाकत और अहमद्दीन, काफिल मसीह उर्फ कोदर, कालू, बिलाल राणा, आबाद अली, भोला नदीन, कादर शाह वली, मोहम्मद काजिफ और अली मुख्य रूप से पंजाब में तस्करी का धंधा कर रहे हैं।
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एजेंसियों ने जो जानकारी दी है वह काफी चौंकाने वाली है कि पंजाब के दो दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां पाक तस्करों का सीधा संपर्क है। पाक तस्कर फिरोजपुर के निहाला किलचा, बारेके, रत्तोके, खाने के हयात, पल्लामेघा, टेंडी वाला, गजनीवाला, दोना मस्ता, गट्टी हयात, माछीवाड़ा, मब्बोके, हबीबके, तरनतारन के गांव नौशहरा ढाला, हवेलियां, ठट्टा, धुन ढाए वाला, राजा ताल और अमृतसर के गांव दाउके, रणिया, कक्कर कलां, खालड़ा के कई लोग पाक के तस्करों के संपर्क में रहते हैं।
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रावी दरिया और सतलुज का पानी सीमा से होकर निकलता है
फिरोजपुर-खेमकरण और अमृतसर के रामदास सेक्टर के बीच सीमा पर कई ऐसे इलाके हैं, जहां सतलुज और रावी दरिया का पानी फेंसिंग को छूकर गुजरता है। इसी का फायदा तस्कर उठाते रहे हैं। पिछले चार साल में इस रास्ते पर 20 बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी हैं। यहां पाक तस्कर दरिया में हेरोइन व हथियार लेकर उतरते हैं और तैरते हुए इस पार आकर इसे खेतों में छिपा जाते हैं। इन इलाकों में बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी जाती रही हैं।
जलकुंभी होने के कारण हेरोइन छिपाना आसान
गुरदासपुर और पठानकोट के 70 किलोमीटर में से 15 किमी के इलाके में सात जगहों पर रावी दरिया पाकिस्तान व भारत में प्रवेश करती है। तस्कर इसी दरिया से हेरोइन भेजते हैं। यहां बड़ी मात्रा में जलकुंभी होने के कारण हेरोइन छिपाना आसान है। मकौड़ा, आदियां, चंदू वडाला, रोसा, मोमनपुर, नंगली घाट व धर्मकोट बांगर संवेदनशील क्षेत्र हैं। घुसपैठ के लिए बमियाल सेक्टर का इस्तेमाल होता आया है। यहीं से पाक घुसपैठियों ने पठानकोट एयरबेस और दीनानगर पुलिस थाने पर कब्जा किया था।
प्लास्टिक की पाइप डाल हेरोइन भेजते हैं तस्कर
तरनतारन का 105 किलोमीटर का इलाका पाक से सटा है, जिसमें नौशहरा ढाला, खालड़ा, अमरकोट व खेमकरण चार प्रमुख हैं। यहां भी दोनों ओर खेत हैं। तस्कर कंटीले तार के बीच प्लास्टिक की पाइप डाल हेरोइन भेजते हैं। बरसात में कंटीले तार डूब जाते हैं। इसलिए तस्कर खुद घुसपैठ कर हेरोइन पहुंचाने की कोशिश करते हैं। बरसात में सरकंडे ऊंचे होते हैं और घुसपैठियों व तस्करों को इसका फायदा मिलता है। फिरोजपुर व फाजिल्का की 90 किलोमीटर की सीमा में यहां सतलुज नदी कई जगहों पर पाकिस्तान में प्रवेश करने के बाद भारतीय क्षेत्र में बहती है। हुसैनीवाला, टिंडीवाला, बस्ती रामलाल व ममदोट सबसे संवेदनशील हैं। फिरोजपुर का क्षेत्र पाक तस्कर अपने लिए सॉफ्ट टारगेट मानकर चलते हैं।
तस्करी का बड़ा मुनाफा आतंकवादियों को जाता है
अफगानिस्तान में हेरोइन तैयार होती है, जो पाकिस्तान के रास्ते पंजाब भेजी जाती है और यहां से सीधे यूरोप में भेजी जाती है। पंजाब एक ट्रांजिस्ट प्वाइंट के रूप में बन चुका है। हेरोइन की इतनी बड़ी खेप को एजेंसियों के अधिकारी नारको-टेरोरिज्म का हिस्सा मान रहे हैं। उनका कहना है कि तस्करी का बड़ा मुनाफा आतंकवादी संगठनों को भेजा जाता है, क्योंकि हेरोइन की तस्करी में यूरोप व अफगानिस्तान के दाम में जमीन आसमान का अंतर है। पंजाब के काफी लोग तस्करी के धंधे में उतर चुके हैं और पाक से आने वाली हेरोइन को आगे दिल्ली व कनाडा तक पहुंचा रहे हैं। इस कारोबार में नामी लोग आ चुके हैं।