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Punjab: पंजाब भाजपा के संगठन का खाका तैयार, पुराने कांग्रेसी-अकाली नेताओं को तरजीह, टकसाली भाजपाई परेशान
Mon, 21 Aug 2023 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2023 10:04 AM IST
सार
पार्टी में महासचिव पद को लेकर काफी घमासान हुआ है। जाखड़ अकाली दल से आए एक नेता को पार्टी महासचिव की कमान देकर नंबर दो पर लाना चाहते हैं लेकिन पार्टी के भीतर टकसाली नेताओं के गुट ने इस पर अपनी आपत्ति हाईकमान को जताई है।
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पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़
- फोटो : twitter @BJP4Punjab
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के पंजाब स्तर के पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर पार्टी में काफी ठनी हुई है और अंदरखाते खींचतान चल रही है। बदलती तस्वीर के बीच नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ अपनी मर्जी के मुताबिक संगठन का खाका तैयार कर रहे हैं जबकि संगठन महामंत्री श्रीनिवासल्लू पार्टी में पुराने टकसाली भाजपाइयों को पूरा मान सम्मान देना चाहते हैं। खासकर उन सिख चेहरों जो पार्टी में लंबे समय से जुड़े हुए हैं।
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पार्टी के भीतर सबसे अधिक घमासान महासचिव पद को लेकर चल रहा है। जाखड़ अकाली दल व कांग्रेस से आए नेताओं को आगे लाना चाहते हैं ताकि वह कांग्रेस व अकाली दल के नेताओं को संदेश दे सकें कि भाजपा में आने पर उनको पूरा मान सम्मान मिलेगा।
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नई दिल्ली भेजी गई सूची
संगठन के पदों पर पेंच फंसता देखकर प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा हाईकमान से विचार-विमर्श के बाद प्रदेशस्तरीय पदाधिकारियों की नियुक्तियों की सूचियां नई दिल्ली भेज दी गई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं द्वारा परंपरावादियों और दलबदलुओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को शांत किया जा सके।
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पार्टी में महासचिव पद को लेकर काफी घमासान हुआ है। जाखड़ अकाली दल से आए एक नेता को पार्टी महासचिव की कमान देकर नंबर दो पर लाना चाहते हैं लेकिन पार्टी के भीतर टकसाली नेताओं के गुट ने इस पर अपनी आपत्ति हाईकमान को जताई है। जाखड़ केवल सिंह ढिल्लों, बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़, डॉ. राजकुमार वेरका, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जयइंदर कौर, पूर्व अकाली नेता परमिंदर सिंह बराड़ और लखविंदर कौर गरचा को अपने आसपास रखते हैं। पार्टी में परमिंदर बराड़ के अलावा पूर्व विधायक बोनी अजनाला, गुरप्रीत भट्टी अकाली दल से आए हैं, उनको भी पूरा सम्मान देना है। माझा इलाके से कांग्रेस के पूर्व विधायक फतेहजंग बाजवा व हरगोबिंदपुर से विधायक रह चुके लाडी को भी संगठन में स्थान देने पर काफी खींचतान चली है। इसके अलावा कैप्टन की बेटी जयइंद्र कौर भी संगठन में स्थान पाने के लिए पूरी ताकत लगा चुकी हैं।
अगले कुछ दिन में होगी घोषणा
पार्टी नेताओं के मुताबिक अगले कुछ दिनों में नए संगठनात्मक ढांचे के गठन की घोषणा होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश महासचिव पद पर अकाली पृष्ठभूमि के किसी नेता की नियुक्ति को लेकर पेच फंसा हुआ है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस पृष्ठभूमि के सुनील जाखड़ के भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी के भीतर नई भाजपा का उदय होने लगा। जाखड़ ने विभिन्न विंगों खासकर युवा विंग, अनुसूचित जाति विंग, महिला विंग के नए अध्यक्षों की नियुक्ति पर भी जोर दिया है।
हालांकि संगठन महामंत्री श्रीनिवासल्लू का मत था कि इन पर पुराने टकसाली भाजपा नेताओं की तैनाती की जाए। पार्टी के अंदर उन सिख चेहरों को एडजस्ट करने की भी काफी जोर शोर से मांग है, जिन्होंने किसानी आंदोलन के दौरान पार्टी के लिए दीवार का काम किया। इसमें पूर्व विधायक सुरजीत सिंह ज्याणी, हरजीत सिंह ग्रेवाल, दयाल सिंह सोढ़ी, मंजीत सिंह राय, सुखमिंदर सिंह ग्रेवाल शामिल हैं। मामला फंसता देखकर जाखड़ ने सारी सूची तैयार कर दिल्ली भेज दी है।