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ठेका और अस्थायी कर्मियों का रोष प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sun, 18 Dec 2016 07:58 PM IST
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ध्ारना
- फोटो : अमर उजाला
ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा पंजाब के आह्वान पर रविवार को जिले से संबंधित विभिन्न विभागों के ठेका और अस्थायी कर्मियों ने राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से अस्थायी कर्मियों को सोसाइटी की जगह उनके विभागों में ही स्थाई करने और बाकी रहते वर्गों को भी बिल में शामिल करने की मांग की।
एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन के गुरप्रीत रुपरा, सपरजन जोन, जल सप्लाई विभाग के प्रेमजीत सिंह, वेटरिनरी एआई के सुखवीर सिंह, नवदीप संधू, मनरेगा के हरपिंदर सिंह, सुखवीर सिंह, सीएसएस हिंदी टीचर के शमिंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मियों के प्रति भेदभाव वाली नीति अपना रखी है।
विभिन्न विभागों में ठेके या अस्थायी रूप से सेवाएं निभा रहे कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने के काम को कानूनी और संविधानिक उलझनों में फंसा रखा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती तो एसवाईएल के मुद्दे पर बुलाए गए विशेष सेशन के दौरान भी अस्थायी कर्मियों के बिल को पास कर सकती थी।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सोमवार को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सेशन में बिल पास करके किसी सोसाइटी की जगह सभी को विभागों में रेगूलर करना चाहिए। साथ ही वंचित रहने वाले वर्गो की भी सेवाएं स्थायी करने की मांग की गई। इस दौरान शिक्षा विभाग की तरफ से फाजिल्का सड़क हादसे में मारे गए रमसा अध्यापक अशीष कुमार की पत्नी को नौकरी देने से आनाकानी करने की निंदा की गई।
इस मौके पर आरती नरूला, जसपिंदर कौर, दलजीत कौर, गगनदीप कौर, परमिंदर कौर, गुरप्रीत कौर, कुलदीप सिंह, वरिंद्र सिंह, रोहित कुमार, हरमनदीप सिंह, गगन पाहवा, विक्की ढिलवां और साहिल डांग मौजूद थे।
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एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन के गुरप्रीत रुपरा, सपरजन जोन, जल सप्लाई विभाग के प्रेमजीत सिंह, वेटरिनरी एआई के सुखवीर सिंह, नवदीप संधू, मनरेगा के हरपिंदर सिंह, सुखवीर सिंह, सीएसएस हिंदी टीचर के शमिंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने कर्मियों के प्रति भेदभाव वाली नीति अपना रखी है।
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विभिन्न विभागों में ठेके या अस्थायी रूप से सेवाएं निभा रहे कर्मियों की सेवाएं स्थायी करने के काम को कानूनी और संविधानिक उलझनों में फंसा रखा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती तो एसवाईएल के मुद्दे पर बुलाए गए विशेष सेशन के दौरान भी अस्थायी कर्मियों के बिल को पास कर सकती थी।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सोमवार को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सेशन में बिल पास करके किसी सोसाइटी की जगह सभी को विभागों में रेगूलर करना चाहिए। साथ ही वंचित रहने वाले वर्गो की भी सेवाएं स्थायी करने की मांग की गई। इस दौरान शिक्षा विभाग की तरफ से फाजिल्का सड़क हादसे में मारे गए रमसा अध्यापक अशीष कुमार की पत्नी को नौकरी देने से आनाकानी करने की निंदा की गई।
इस मौके पर आरती नरूला, जसपिंदर कौर, दलजीत कौर, गगनदीप कौर, परमिंदर कौर, गुरप्रीत कौर, कुलदीप सिंह, वरिंद्र सिंह, रोहित कुमार, हरमनदीप सिंह, गगन पाहवा, विक्की ढिलवां और साहिल डांग मौजूद थे।