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Jalandhar News: राज्यपाल बोले- उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से नीतियां बनानी होंगी

Sat, 20 Sep 2025 02:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 02:33 AM IST
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The Governor said that policies will have to be made according to the needs of the industries.
चंडीगढ़। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-31 स्थित सीआईआई में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से नीतियां बनानी होंगी तभी चंडीगढ़ और पंजाब देश के मानचित्र पर चमकते हुए नजर आएंगे।
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कटारिया ने अमर उजाला को इस पहल के लिए विशेष बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब का उद्योग और लोगों की सोच काबिल-ए-तारीफ है। आम आदमी की सवारी साइकिल पंजाब में बनती है। यहां के लोगों का आईक्यू कमाल का है। हाल ही में बाढ़ प्रभावित 9 जिलों के दौरे पर गए। वहां देखा कि लोगों ने ऐसे वाहन तैयार किए हैं जो जमीन और पानी दोनों पर आसानी से चलते हैं। इसका श्रेय पंजाबियों की सोच को जाता है। उन्होंने कहा कि देश में 5 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं जो 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही हैं। भारत की अर्थव्यवस्था में इनका बड़ा योगदान है। कोविड काल में उद्योगों को नुकसान जरूर हुआ लेकिन प्रधानमंत्री ने तत्काल बजट का बड़ा हिस्सा देकर इनकी मदद की।
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नीतियां कहीं न कहीं उद्योगों को जकड़ कर रख रही हैंः कटारिया
चंडीगढ़ की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां का ढांचा और नीतियां कहीं न कहीं उद्योगों को जकड़ कर रख रही हैं। समय के अनुसार उद्योगों को बदलना जरूरी है। उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से नीतियां बनानी होंगी। हमने उद्योगपतियों को अधिकारियों से भी मिलाया है और समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री लगातार वोकल फॉर लोकल पर जोर देते हैं। देश केवल सरकारी नौकरियों के आधार पर आगे नहीं बढ़ सकता। नई शिक्षा नीति का मकसद भी यही है कि बच्चे शुरू से ही स्किल्स से जुड़ें। राज्यपाल ने पंजाब और चंडीगढ़ के बीच उद्योग सहयोग की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि दोनों को अलग नहीं माना जा सकता। जब तक साथ बैठकर चर्चा नहीं होगी, समाधान भी नहीं निकलेगा।
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पंजाब का किसान देश की रीढ़ः कटारिया
देश की प्रगति का जिक्र करते हुए कटारिया ने कहा कि 2013 में भारत जीडीपी रैंकिंग में 11वें स्थान पर था। आज चौथे पर है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। कहा कि अमेरिका ने हमें रोकने की कोशिश की है लेकिन हमें हर कठिनाई से निकलना आता है। पूरी दुनिया हमारी मार्केट है और जरूरत पड़ी तो नीतियों में बदलाव भी करेंगे। राज्यपाल ने बाढ़ प्रभावित पंजाब का उल्लेख करते हुए कहा कि 1988 के बाद पहली बार इतनी बड़ी तबाही देखी गई। कहा कि पंजाब का किसान देश की रीढ़ है। उनकी जरूरतों का ध्यान रखना होगा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियां फैलने का खतरा रहेगा जिसके लिए मेडिकल टीमों को तैयार रखना जरूरी है। बाकी लोगों ने दिल खोलकर सेवा की है, कहीं भी लंगर की कमी नहीं हुई।
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