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पुलिस की मुश्किल: पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने बदले वारदात के तौर-तरीके, हर कदम पर इस्तेमाल कर रहे अलग चेहरे

Fri, 13 May 2022 09:54 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 13 May 2022 09:54 AM IST
सार

रिटायर डीसीपी राजिंदर सिंह का कहना है कि पंजाब पुलिस बार-बार आतंकवादियों का नेटवर्क ब्रेक कर चुकी है और हर बार पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंच जाती है, लेकिन दहशतगर्द बार बार अपना तौर-तरीका बदल लेते हैं, ताकि वह खुफिया एजेंसियों को गच्चा दे सकें

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Terrorists sitting in Pakistan have changed their modus operandi to revive terrorism in punjab
मोहाली में पंजाब खुफिया विभाग के दफ्तर पर हमला। - फोटो : फाइल

विस्तार

पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों ने आतंकवाद को जिंदा करने के लिए अपना तौर तरीका बदल दिया है। अलग-अलग कदम पर अलग-अलग टास्क दिए जा रहे हैं। जिन्हें टास्क सौंपा जाता है उन्हें नहीं पता होता कि आगे क्या होने वाला है। बस उन्हें अपना काम करना होता है, जिसके लिए उन्हें मोटी रकम दी जाती है। इस नए तौर-तरीके को भेद पाना मुश्किल हो रहा है। खासकर, पंजाब में ताजा आतंकवादी गतिविधियों ने पुलिस के माथे पर पसीना ला दिया है। 

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जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान से आतंकवादी हथियार से लेकर विस्फोट ले जाने की प्रक्रिया में हर कदम पर अलग-अलग चेहरे शामिल हैं और एक दूसरे से कड़ी जोड़ना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। क्योंकि इन्हें जानकारी ही नहीं होती है कि जहां वह मौत का सामान रख रहे हैं, वहां उसे उठाने कौन आने वाला है। केंद्रीय एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों ने पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए अलग-अलग कदम के लिए पाकिस्तान से कमांड देनी शुरू कर दी है।
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लुधियाना अदालत में हुए ब्लास्ट में मारे गए शख्स ही पहचान गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि गगनदीप सिंह के लिंक ड्रग्स नेटवर्क से थे। गगनदीप सिंह के खाते, उसकी पत्नी और भाई के खाते में ब्लास्ट से कुछ दिन पहले कुछ नकदी आई है। शक है कि यह फंड विदेशों से आया है। 
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सूत्र बताते हैं कि जांच एजेंसियों को पता चला है कि तीनों के खातों में आया फंड जर्मनी के साथ देश के अलग अलग हिस्सों से आया है। जिससे साफ है कि गगनदीप का परिवार इस कांड से अंजान नहीं था। लेकिन सवाल वहीं पर खड़ा है कि पाकिस्तान से विस्फोटक सामग्री लाने वाले कौन से आतंकवादी थे? भारत की सीमा में विस्फोटक सामग्री पहुंचने के बाद गगनदीप सिंह के पास किसने पहुंचाई, अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है। 

केंद्रीय एजेंसियों ने भी आतंकवादियों के नए तौर तरीकों पर चिंता जाहिर की है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक, फंड किसी अन्य देश से भेजा जा रहा है, हथियार पाकिस्तान से और कमांड भी अलग अलग ग्रुपों को सोशल मीडिया एप के जरिये अलग-अलग स्थानों से दी जा रही है। मोहाली विस्फोट की जांच में भी जांच एजेंसियों को परेशानी आ रही है। लीड तो मिल चुकी है, लेकिन वह रास्ते में रुक गई है। पाक से लांचर कैसे आया? कौन पाकिस्तान से लेकर आया? किसने आगे भारत की सीमा में उठाया और कैसे आगे पहुंचा, तमाम सवाल चिंता खड़े करने वाले हैं। कश्मीरी आतंकवादियों को पंजाब से हथियार भेजे गए थे, लेकिन अब भी सवाल है कि हथियार किसने दिए थे? जांच में इतना ही आया कि एके-47 अमृतसर के एक पेड़ के नीचे दबाई हुई थी, वहां से एक अन्य गुट ने उठाकर कश्मीरी आतंकवादियों तक पहुंचाई।

पिछले सप्ताह विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर 4 आतंकी बसताड़ा टोल प्लाजा के पास हिरासत में लिए थे। इनके पास से विस्फोटक समेत अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था, जो ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से पहुंचाया गया है। आरोपियों की पहचान गुरप्रीत, अमनदीप परमिंदर और भूपिंदर के रूप में हुई थी। ड्रोन के जरिये हथियार आए थे, लेकिन वह किसने उठाए, कहां आगे सप्लाई हुए और तेलंगाना किसे दिए जाने थे?  इन सवालों का उत्तर एक सप्ताह बाद भी नहीं मिल पाया है। सिर्फ इतना ही पता है कि इनका आका हरविंदर रिंदा पाक का आतंकवादी है। जिसने उन्हें आदिलाबाद, तेलंगाना में हथियार और गोला-बारूद छोड़ने के लिए कहा था।


रिटायर डीसीपी राजिंदर सिंह का कहना है कि पंजाब पुलिस बार-बार आतंकवादियों का नेटवर्क ब्रेक कर चुकी है और हर बार पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंच जाती है, लेकिन दहशतगर्द बार बार अपना तौर-तरीका बदल लेते हैं, ताकि वह खुफिया एजेंसियों को गच्चा दे सकें और हथियारों व विस्फोटक सामग्री की बाकी खेप तक पुलिस न पहुंच जाए, इसलिए अलग-अलग कदम पर अलग-अलग चेहरों को टास्क दिया जा रहा है। 

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