{"_id":"62245316dd41344e0d3f8345","slug":"students-returned-to-punjab-from-ukraine-are-angry-at-neglect-of-punjab-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन से लौटे पंजाब के छात्रों का दर्द: सभी राज्यों ने अपने लोगों का स्वागत किया, पंजाब के हेल्प डेस्क से अधिकारी ही गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूक्रेन से लौटे पंजाब के छात्रों का दर्द: सभी राज्यों ने अपने लोगों का स्वागत किया, पंजाब के हेल्प डेस्क से अधिकारी ही गायब
Sun, 06 Mar 2022 11:52 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 06 Mar 2022 11:52 AM IST
सार
बच्चों ने कहा कि अन्य राज्यों ने छात्रों के खाने से लेकर घर तक पहुंचाने के लिए वाहन भी खड़े कर रखे हैं और यहां तो उन्हें किराये की टैक्सी कर घर जाना पड़ा।
विज्ञापन
खाली पड़ी पंजाब सरकार की हेल्प डेस्क।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन से पंजाब लौटे छात्र पंजाब सरकार की अनदेखी से नाराज हैं। जान बचाकर लौटे बच्चों ने जब अभिभावकों को देखा तो उनकी आंखें नम हो गईं लेकिन पंजाब सरकार की अनदेखी ने उन्हीं आंखों में अंगार भी भर दिए।
विज्ञापन
चार मार्च की जब जालंधर के 8 छात्र जो बड़ी मशक्कत के बाद यूक्रेन से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे। जैसे ही वह निकले तो वहां सभी राज्यों की हेल्प डेस्क लगी हुई थी जो यूक्रेन से लौटे छात्रों का बैंड-बाजों के साथ स्वागत कर रहे थे लेकिन पंजाब के हेल्प डेस्क पर कोई अधिकारी ही नहीं था।
विज्ञापन
इस पर छात्रों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब डेस्क पर कोई बैठा ही नहीं है तो स्वागती मेज और कुर्सियां क्यों रखी हैं ऐसे छात्रों का वेलकम करना है। यूक्रेन से लौटे छात्र सुमित नागरथ ने कहा कि पंजाब सरकार बाकी राज्यों से कुछ सीखे, क्या सरकार को हमारी घर वापसी से खुशी नहीं हुई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों ने छात्रों के खाने से लेकर घर तक पहुंचाने के लिए वाहन भी खड़े कर रखे हैं और यहां तो उन्हें किराये की टैक्सी कर घर जाना पड़ा। जिस तरह से सरकार उन्हें यूक्रेन से निकालने व सुविधाएं प्रदान करने का दम भर रही थी, वह अब कहां हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें केंद्र सरकार ने यूक्रेन से निकालकर देश पहुंचा दिया और पंजाब सरकार दिल्ली से जालंधर तक नहीं ला सकी।