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शिव सेना प्रदेश प्रमुख योगराज शर्मा सुरक्षा वापस करने पहुंचे एसएसपी कार्यालय
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पठानकोट। शिव सेना प्रदेश प्रमुख योगराज शर्मा ने सोमवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचकर सारी सुरक्षा वापस कर दी। बताया जा रहा है कि नई सरकार बनने के बाद सुरक्षा घटाने से योगराज शर्मा नाराज थे। हालांकि, एसएसपी अरुण सैनी की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। जानकारी के मुताबिक शिव सेना बाला साहेब ठाकरे के प्रदेश प्रमुख योगराज शर्मा के पास पूर्व सरकार के समय 17 सुरक्षा जवान और 2 गाड़ियां थीं। लेकिन, नई सरकार बनने के बाद उनकी सुरक्षा कम कर दी गई। 4-5 दिन पहले ही उनसे गाड़ियां भी वापस ली गईं और केवल 5 सुरक्षाकर्मी ही उनकी सुरक्षा में लगाए गए। इसी से नाराज होकर योगराज शर्मा सोमवार को एसएसपी दफ्तर में सुरक्षा वापस करने के लिए गए थे।
योगराज शर्मा ने कहा कि डेढ़ महीना पहले उनके दफ्तर के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने उन्हें मारने की धमकियों वाले परचे फेंके। 15 दिन पहले उनके प्रदेश कार्यालय के बाहर खलिस्तान समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। एक घंटा तक उनके दफ्तर के बाहर डीजे लगाकर खालिस्तान समर्थक गाने चलाए गए। योगराज शर्मा ने कहा कि सुरक्षा घटाने के नाम पर यह पंजाब सरकार का हिंदू नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी किस्मत में आतंकियों की गोली लिखी है तो उसे कोई नहीं रोक सकता। लोग आरोप लगाते हैं कि शिव सैनिक सुरक्षा लेने के चक्कर में प्रचार करते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करते। उनको सुरक्षा की जरूरत नहीं। बता दें, पटियाला हिंसा के लिए योगराज शर्मा ने पंजाब पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था।
कोट
मेरी योगराज शर्मा से मुलाकात जरूर हुई है। लेकिन, इस दौरान सुरक्षा वापस लेने पर कोई बात नहीं हुई। यह केवल औपचारिक भेंट थी। सुरक्षा वापस देने के बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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- अरुण सैनी, एसएसपी, पठानकोट
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योगराज शर्मा ने कहा कि डेढ़ महीना पहले उनके दफ्तर के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने उन्हें मारने की धमकियों वाले परचे फेंके। 15 दिन पहले उनके प्रदेश कार्यालय के बाहर खलिस्तान समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। एक घंटा तक उनके दफ्तर के बाहर डीजे लगाकर खालिस्तान समर्थक गाने चलाए गए। योगराज शर्मा ने कहा कि सुरक्षा घटाने के नाम पर यह पंजाब सरकार का हिंदू नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी किस्मत में आतंकियों की गोली लिखी है तो उसे कोई नहीं रोक सकता। लोग आरोप लगाते हैं कि शिव सैनिक सुरक्षा लेने के चक्कर में प्रचार करते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करते। उनको सुरक्षा की जरूरत नहीं। बता दें, पटियाला हिंसा के लिए योगराज शर्मा ने पंजाब पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था।
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मेरी योगराज शर्मा से मुलाकात जरूर हुई है। लेकिन, इस दौरान सुरक्षा वापस लेने पर कोई बात नहीं हुई। यह केवल औपचारिक भेंट थी। सुरक्षा वापस देने के बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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- अरुण सैनी, एसएसपी, पठानकोट