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भाजपा में सिरसा: सुखबीर बादल बोले- मुगलों व कांग्रेस के बाद भाजपा का सिख पंथ पर हमला, धमका कर ज्वाइन करवाई पार्टी
Thu, 02 Dec 2021 07:46 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 02 Dec 2021 07:46 PM IST
सार
पंजाब के जालंधर पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला। बादल ने कहा कि केंद्र सरकार ने धमका कर मनजिंदर सिंह सिरसा को भाजपा में शामिल किया है। दो दिन पहले ही सिरसा ने जानकारी दी थी कि उन्हें केंद्र सरकार जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
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जालंधर पहुंचे सुखबीर बादल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा को भाजपा में शामिल करने पर सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुगलों और कांग्रेस के बाद भाजपा ने सिख पंथ पर हमला किया है। सिरसा को धमकाकर भाजपा में शामिल किया गया है।
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दो दिन पहले ही सिरसा ने व्हाट्सएप पर जानकारी दी थी कि केंद्र सरकार उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है। सिरसा झुक गए और अकाली दल छोड़कर भाजपा में चले गए। सुखबीर बादल गुरुवार को जालंधर देहात में करतारपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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सुखबीर बादल ने कहा कि मनजिंदर सिरसा ने किसानी संघर्ष में उनके कहने पर खुलकर साथ थे और लंगर भी लगाए, जिस कारण वह केंद्र सरकार के निशाने पर थे। सुखबीर ने कहा कि हमें किसी बात का कोई मलाल नहीं है। हमने तब जो किया उस पर गर्व है। हमें परवाह नहीं है कि सिद्धांतों के लिए खड़े होने के क्या परिणाम होंगे? सिख पंथ के दमन के लिए मुगलों ने कोशिश की, अंग्रेजों ने कोशिश की, इंदिरा गांधी समेत कांग्रेस के शासकों ने इसे आजमाया। उस समय परिणाम क्या हुआ, यह पूरी दुनिया जानती है। यह इस बार अलग नहीं होगा।
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सत्ताधारियों ने सिरसा से जेल और भाजपा में किसी एक को चुनने को कहा। दमन के खिलाफ अपने धर्म की परंपराओं के प्रति सच्चे होने के बजाय सिरसा ने झुकना चुना। यह शर्मनाक था, खासकर किसी ऐसे व्यक्ति की ओर से यह कदम उठाया गया, जिसे सिखों और शिअद ने इतना सम्मान दिया है।
गर्मजोशी से हुआ शिअद अध्यक्ष का स्वागत
बादल ने कहा कि शिअद (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष जत्थेदार हरमीत सिंह कालका और डीजीएमसी के 11 अन्य सदस्यों के खिलाफ भी इसी तरह के मामले दर्ज हैं। मुझे गर्व है कि उन सभी ने खालसा की परंपराओं को कायम रखा और समझौता करने के बजाय उत्पीड़न से लड़ने का फैसला किया।
वह सिख जनता की नजर में नायक के रूप में उभरे। इससे पहले करतारपुर विधानसभा क्षेत्र में शिअद-बसपा गठबंधन प्रत्याशी एडवोकेट बलविंदर कुमार के लिए प्रचार करते हुए शिअद अध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दौरे के दौरान सुखबीर बादल ने डेरा सचखंड बलां, डेरा संत बाबा प्रीतम दास जी, गुरुद्वारा श्री गंगसर साहिब में भी माथा टेका और एक गोशाला का भी दौरा किया। उन्होंने करतारपुर शहर में डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।